AIIMS पटना ने ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर एक पिंक वॉक का आयोजन किया। इस खास आयोजन का उद्देश्य ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जल्दी स्क्रीनिंग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। यह कार्यक्रम बुधवार को आयोजित किया गया, जिसमें डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों, कर्मचारियों और निवासियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम समुदाय को इस गंभीर बीमारी की रोकथाम और शीघ्र निदान के लिए सक्रिय कदम उठाने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना।
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कार्यक्रम की शुरुआत और प्रमुख भागीदार
पिंक वॉक का आयोजन AIIMS पटना के एडमिन ब्लॉक से शुरू होकर OPD फोयर तक किया गया। इस रैली का नेतृत्व AIIMS पटना के कार्यकारी निदेशक (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अनुप कुमार, अकादमिक डीन डॉ. पूनम भदानी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. प्रीतांjali सिंह ने किया। इनके साथ कई अन्य मेडिकल विशेषज्ञ जैसे डॉ. निलेश मानी, डॉ. हरिकेश बहादुर सिंह, डॉ. मिनाक्षी मिश्रा, डॉ. उपासना (रेडियोलॉजी), डॉ. वीणा (प्लास्टिक सर्जरी), और डॉ. आज़हर (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) भी कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने समय पर इलाज और जागरूकता के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
इन प्रमुख व्यक्तियों ने न केवल कार्यक्रम का नेतृत्व किया, बल्कि ब्रेस्ट कैंसर के शीघ्र निदान और चिकित्सा हस्तक्षेप के महत्व पर भी जानकारी दी। उनका संदेश इस बात पर जोर देता था कि जागरूकता ही इस बीमारी का सही समय पर इलाज और निदान सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
आशा और एकजुटता का प्रतीक: गुब्बारे उड़ाना
कार्यक्रम की शुरुआत एक प्रतीकात्मक कदम के साथ हुई, जिसमें पिंक रंग के गुब्बारे आसमान में छोड़े गए। यह दृश्य न केवल आशा और एकजुटता का प्रतीक था, बल्कि यह ब्रेस्ट कैंसर के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाता था। ये गुब्बारे इस बात का संदेश देते थे कि सभी का सहयोग इस बीमारी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में आवश्यक है।
नुक्कड़ नाटक द्वारा जागरूकता का प्रसार
कार्यक्रम का एक और आकर्षक पहलू था BSc नर्सिंग छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक। OPD फोयर में किए गए इस नाटक में ब्रेस्ट कैंसर की शीघ्र पहचान, नियमित स्क्रीनिंग और स्व-परिक्षण के लाभों को दर्शाया गया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि ब्रेस्ट कैंसर का जल्दी पता लगाना इलाज की सफलता की संभावना को बढ़ाता है, और इसके परिणामस्वरूप मृत्यु दर में कमी आ सकती है।
इस नाटक ने दर्शकों को यह याद दिलाया कि ब्रेस्ट कैंसर का निदान जब जल्दी होता है, तो उसका इलाज आसान और प्रभावी हो सकता है। यह एक दिलचस्प और प्रभावी तरीका था, जिसके माध्यम से महत्वपूर्ण संदेशों को आम जनता तक पहुंचाया गया।
प्रमुख वक्ताओं द्वारा दिए गए संदेश
ब्रिगेडियर डॉ. राजू अग्रवाल ने कार्यक्रम में बोलते हुए महिलाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता के साथ सही समय पर निदान और इलाज किया जा सकता है, और इससे जीवन बचाया जा सकता है।
डॉ. प्रीतांजली सिंह ने ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और कार्यक्रम के दौरान कुछ चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। GLOBOCAN 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर है, और दुनियाभर में इसके 22.96 लाख मामले सामने आए हैं, जबकि भारत में यह संख्या 1.92 लाख है। डॉ. सिंह ने कहा, “हर चार मिनट में एक नया ब्रेस्ट कैंसर रोगी पता चलता है, और हर आठ मिनट में एक महिला की मौत हो जाती है, जिनकी मृत्यु समय पर जांच और निदान से बचाई जा सकती है।”
डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि ऐसे आंकड़े हमें यह याद दिलाते हैं कि अगर ब्रेस्ट कैंसर को जल्दी पहचान लिया जाए तो मृत्यु दर में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सक्रिय स्क्रीनिंग, नियमित जांच और सार्वजनिक जागरूकता कैंसर के इलाज में मदद कर सकती है और अधिक महिलाओं की जान बचाई जा सकती है।
ब्रेस्ट कैंसर का बढ़ता हुआ खतरा
ब्रेस्ट कैंसर एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या बन गया है, जो दुनिया भर में महिलाओं में तेजी से फैल रहा है। भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में वृद्धि चिंता का विषय है, और इसके समाधान के लिए अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। डॉ. सिंह का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए जागरूकता अभियान, बेहतर स्वास्थ्य ढांचा और स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार बहुत आवश्यक है।
यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज तब सबसे प्रभावी होता है जब इसे प्रारंभिक चरण में ही पहचान लिया जाए। नियमित स्व-परिक्षण, वार्षिक स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच इस बीमारी की पहचान जल्दी करने में मदद कर सकती है और उपचार की संभावना को बढ़ा सकती है।
AIIMS पटना का स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति लगातार योगदान
AIIMS पटना का यह पिंक वॉक न केवल ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि यह संस्थान की सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से, AIIMS पटना का उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को उजागर करना है और लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करना है।
इसके अलावा, AIIMS पटना विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य के प्रति सजगता फैलाने का प्रयास करता है। यह संस्थान अपनी पहल के जरिए महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए जागरूक करने के साथ-साथ इसके प्रति जल्दी ध्यान देने के लिए प्रेरित करता है।
पब्लिक अवेयरनेस का महत्व
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव में पब्लिक अवेयरनेस का महत्वपूर्ण योगदान है। बहुत सी महिलाएं यह नहीं जानतीं कि ब्रेस्ट कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इस तरह के शैक्षिक कार्यक्रम और सामुदायिक आउटरीच, जैसे पिंक वॉक, इस जानकारी को आम जनता तक पहुंचाने में मदद करते हैं। जब महिलाएं स्व-परिक्षण के महत्व को समझती हैं और नियमित स्क्रीनिंग की जरूरत को पहचानती हैं, तो वे समय पर मदद लेने के लिए तैयार होती हैं।
AIIMS पटना का यह पिंक वॉक ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ स्वस्थ समुदाय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इस आयोजन ने स्वास्थ्य पेशेवरों, छात्रों और आम जनता को एक साथ लाकर ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को नियमित स्क्रीनिंग, स्व-परिक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
जागरूकता अभियान और समय पर निदान की महत्ता को बताते हुए, AIIMS पटना ने इस आंदोलन में योगदान दिया है। इस तरह के आयोजन न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति उनके नजरिए को बदलते हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और जरूरी जांच करवाएं।
AIIMS पटना की लगातार जागरूकता पहलों के माध्यम से, यह उम्मीद की जाती है कि ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में गिरावट आएगी, और महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।



