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पटना में कांग्रेस CWC बैठक: राहुल गांधी ने बिहार चुनाव और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की

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पटना के ऐतिहासिक सदाकत आश्रम में कांग्रेस की CWC Meeting आयोजित हुई। राहुल गांधी के पहुंचने के बाद झंडोतोलन किया गया और बैठक की शुरुआत हुई। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सलमान खुर्शीद, भूपेश बघेल और सचिन पायलट जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे। हालांकि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाईं।

स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला मौका था जब कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बिहार में आयोजित हुई। विधानसभा चुनाव से पहले इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बिहार चुनाव पर फोकस

कांग्रेस ने इस बैठक में साफ किया कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 केवल राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए अहम है। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह चुनाव मोदी सरकार की “उलटी गिनती” साबित होगा।

उन्होंने भाजपा और एनडीए गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनके भीतर की कलह खुलकर सामने आ चुकी है। खरगे ने दावा किया कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “मानसिक रूप से सेवानिवृत्त” कर दिया है और उन्हें बोझ मानना शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला

बैठक में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। भूपेश बघेल ने कहा कि मोदी सरकार में जनता बेहाल है और पड़ोसी देशों से संबंध लगातार खराब हुए हैं।

उन्होंने कहा कि GST को लागू करते समय राहत देने की बात हुई थी लेकिन वास्तव में लोगों की जेब खाली हुई। अब दरों में थोड़ी कमी करके इसे उत्सव बताया जा रहा है, जबकि हालात आम जनता के पक्ष में नहीं हैं।

अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का संदर्भ

मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जिनको “मेरे दोस्त” बताकर प्रचार करते हैं, वही दोस्त अब भारत को संकट में डाल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कूटनीतिक नाकामी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की मुश्किलें बढ़ा रही है।

अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का बयान

कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस पटना में नया इतिहास लिख रही है। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी का उल्लेख करते हुए कहा कि पटना साहिब से मिली ऊर्जा इस बैठक के लिए प्रेरणा है।

उन्होंने कहा कि voter list में धांधली का मुद्दा पूरे देश में गूंज रहा है और राहुल गांधी इसे सबूतों के साथ जनता के सामने ला चुके हैं। वड़िंग ने बिहार और पंजाब के आपसी रिश्तों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि दोनों राज्यों के लोग एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं।

वोटर लिस्ट और बेरोजगारी का मुद्दा

खरगे ने अपने संबोधन में voter list में गड़बड़ियों को लोकतंत्र की सबसे बड़ी चोट बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल वोट चोरी नहीं है बल्कि गरीबों का राशन, छात्रों की स्कॉलरशिप और बुजुर्गों की पेंशन की चोरी है।

उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 2 करोड़ नौकरियों का वादा अधूरा है और लाखों युवा पलायन को मजबूर हैं। बिहार में तो बेरोजगारी दर लगातार बढ़ रही है और यह राज्य के विकास के लिए गंभीर संकट है।

आर्थिक और सामाजिक मुद्दे

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ग्रामीण उपभोग 50 साल में सबसे निचले स्तर पर है। अमीरी-गरीबी की खाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा निभाने में विफल रही है।

बाढ़ प्रबंधन की कमी और चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने के झूठे वादों का भी जिक्र किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीतीश सरकार और केंद्र सरकार ने बिहार को ठगा है।

आरक्षण और जातिगत जनगणना

बैठक में reservation policy और जातिगत जनगणना पर भी चर्चा हुई। खरगे ने पूछा कि बिहार में 65% आरक्षण को संवैधानिक सुरक्षा क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में 69% आरक्षण को सुरक्षा दी थी लेकिन भाजपा सरकार बिहार में ऐसा नहीं कर पाई।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जातिगत रैलियों पर रोक लगाने पर भी सवाल उठाए गए। नेताओं ने कहा कि यह लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के खिलाफ है।

सचिन पायलट का बयान

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि बिहार राजनीति में हमेशा निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि लोग बदलाव चाहते हैं और कांग्रेस पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि यह फैसला महागठबंधन की बैठक में होगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह

बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी झंडों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने उत्साह दिखाया। उनका कहना था कि इस बैठक ने उन्हें चुनाव के लिए नई ऊर्जा दी है।

कांग्रेस का संदेश साफ है कि वह बिहार में मजबूती से चुनावी मैदान में उतरने वाली है और यह लड़ाई केवल राज्य की नहीं बल्कि पूरे देश के भविष्य की है।

पटना की CWC Meeting कांग्रेस के लिए रणनीतिक और ऐतिहासिक दोनों रूप से अहम रही। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी ने बेरोजगारी, वोटर लिस्ट गड़बड़ी, आरक्षण, किसानों की समस्या और आर्थिक मंदी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा।

बैठक ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस बिहार चुनाव को राष्ट्रीय राजनीति के लिए टर्निंग प्वाइंट मान रही है। कार्यकर्ताओं के उत्साह और नेताओं के तीखे हमलों ने माहौल साफ कर दिया कि कांग्रेस अब राज्य में निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है।

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