बिहार में मानसून की गतिविधि एक बार फिर से तेज हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 26 जिलों के लिए Yellow Alert जारी किया है। आने वाले सात दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इस दौरान तापमान में गिरावट देखी जा सकती है, लेकिन उमस भरी गर्मी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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बिहार में मानसून की सक्रियता
पिछले कुछ दिनों से बिहार में मानसून कमजोर पड़ता नजर आ रहा था। लेकिन अब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह तक light to moderate rain जारी रहेगी। भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन लगातार हो रही हल्की बारिश और नमी से लोगों को राहत के साथ असुविधा भी होगी।
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में इस बदलाव का असर साफ दिखाई देगा। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन लगातार बनी उमस और अचानक होने वाली बरसात दिक्कतें भी बढ़ा सकती है।
रविवार को Yellow Alert जारी
रविवार, 21 सितंबर को मौसम विभाग ने राज्य के 26 जिलों के लिए Yellow Alert जारी किया। जिन जिलों को इसमें शामिल किया गया है उनमें मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, वैशाली, खगड़िया, मुंगेर, जमुई और बांका प्रमुख हैं। इन इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खेतों और खुले मैदानों में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की हिदायत दी गई है। बिजली गिरने से होने वाली घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत और भी बढ़ जाती है।
तापमान और उमस की बढ़ोतरी
हालांकि बारिश जारी रहेगी, लेकिन कमजोर होते मानसून के कारण अधिकतम तापमान में इजाफा संभव है। पटना में रविवार को तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। हल्की बारिश के बावजूद नमी और धूप की वजह से चिपचिपी गर्मी बनी रहेगी।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक इसी तरह की स्थिति रह सकती है। उसके बाद मौसम में एक बार फिर बदलाव संभव है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में इस तरह के उतार-चढ़ाव सामान्य माने जाते हैं, जब कभी धूप तो कभी बरसात देखने को मिलती है।
किसानों के लिए चिंता
बदलते मौसम का सबसे बड़ा असर राज्य के किसानों पर पड़ता है। इस समय धान, मक्का और दाल जैसी फसलें खेतों में हैं। अचानक होने वाली बारिश इन पर सीधा असर डाल सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे वज्रपात से बचने के लिए सुरक्षित स्थान पर रहें और बिजली उपकरणों का उपयोग आंधी-तूफान के दौरान न करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से कटाई की गई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए। खुले में रखी उपज पर अचानक होने वाली बारिश से नुकसान हो सकता है। वहीं, जिन क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति बनती है, वहां फसलों के खराब होने का खतरा और बढ़ जाता है।
दैनिक जीवन पर असर
बारिश और उमस का असर लोगों की दिनचर्या पर भी देखने को मिल रहा है। शहरों में ट्रैफिक जाम और जलजमाव की समस्या फिर से सिर उठाने लगी है। गांवों में खेतों और रास्तों पर कीचड़ से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
वज्रपात और आंधी-तूफान के समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे कई जिलों में रात के समय परेशानी बढ़ जाती है। उमस भरी गर्मी में बिजली कटने से राहत पाना मुश्किल हो जाता है।
स्वास्थ्य पर भी असर साफ दिख रहा है। उमस और बरसात से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।
सितंबर का मौसम रुझान
बिहार में सितंबर का महीना हमेशा से मौसम में बदलाव का संकेत लेकर आता है। शुरुआती दिनों में बारिश अधिक होती है जबकि महीने के अंत में मानसून धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। इस बार शुरुआत में कुछ जिलों में अपेक्षा से कम बारिश हुई, लेकिन नमी और उमस बनी रही।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव बड़े पैमाने पर हो रहे जलवायु परिवर्तन का संकेत है। राज्य की कृषि और जल संसाधन अब भी मानसून पर निर्भर हैं, इसलिए मौसम की अस्थिरता चिंता का विषय बन रही है।
लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
मौसम विभाग ने Yellow Alert के साथ ही लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के दौरान घरों में रहना सबसे सुरक्षित उपाय है। मोबाइल या धातु की वस्तुएं खुले स्थान पर इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है।
मोटर साइकिल और कार चलाने वालों को भी बरसात के दौरान सतर्क रहना होगा। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण हादसों की संभावना बढ़ जाती है।
परिवारों को बच्चों को खुले मैदान या छत पर खेलने से रोकना चाहिए। गांवों में खेतों पर काम करने वाले किसान और मजदूर वज्रपात के समय तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
अगले सात दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक अगले सात दिनों तक बिहार में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इससे तेज गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन उमस कम नहीं होगी। तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहेगा, हालांकि तेज बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
सितंबर के अंतिम दिनों और अक्टूबर की शुरुआत में मानसून वापसी की ओर बढ़ता है। इस दौरान धूप और बरसात का क्रम चलता रहता है।
फिलहाल बाढ़ का कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन जलजमाव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन और ग्रामीण विकास विभाग को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों और आम लोगों को मदद दी जा सके।
बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। लगातार हो रही हल्की बारिश और बढ़ती उमस ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। मौसम विभाग का Yellow Alert इस बात की ओर इशारा करता है कि आने वाले दिनों में हल्की बारिश और वज्रपात की घटनाएं जारी रहेंगी।
किसानों और आम नागरिकों दोनों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश राहत लाती है लेकिन इसके साथ कई चुनौतियां भी लाती है। अगले सात दिनों तक बिहार का मौसम अस्थिर रहेगा और कभी धूप तो कभी बारिश का सिलसिला लोगों की परीक्षा लेता रहेगा।



