Bihar Staff Selection Commission (BSSC) की सुस्ती से लाखों अभ्यर्थी गहरे संकट में हैं। साल 2023 में आयोग ने 9 साल बाद BSSC Inter Level Exam के लिए 12,199 पदों पर वैकेंसी निकाली थी। लेकिन हैरानी की बात है कि दो साल गुजरने के बाद भी आज तक BSSC PT Exam Date घोषित नहीं की गई।
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25 लाख से ज्यादा आवेदन, पर अब तक इंतज़ार
इस बहाली में लोअर डिवीजन क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर, पंचायत सचिव, टाइपिस्ट और राजस्व कर्मचारी जैसे कई पद शामिल हैं। कुल 25 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। यानी एक पद के लिए करीब 200 प्रतियोगी होंगे।
लेकिन परीक्षा की तारीख तय न होने से युवाओं में गुस्सा और निराशा लगातार बढ़ रही है।
Online Exam का विरोध
जब सितंबर 2023 में वैकेंसी आई थी, तब लाखों अभ्यर्थियों को रोजगार की उम्मीद जगी थी। लेकिन अब तक परीक्षा की घोषणा न होने से वे मायूस हैं।
छात्रों का कहना है कि Online Exam का आयोजन नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक बिहार सरकार के पास पारदर्शी ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली अभी उपलब्ध नहीं है। अगर इसे प्राइवेट एजेंसियों को सौंपा गया तो धांधली और सेटिंग की आशंका और बढ़ जाएगी।
पारदर्शिता की मांग
अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। उनका कहना है कि:
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परीक्षा ऑफलाइन मोड में होनी चाहिए।
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OMR शीट की कार्बन कॉपी उम्मीदवारों को दी जाए।
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प्रश्न पुस्तिका वापस की जाए।
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10 दिन के भीतर Answer Key जारी हो।
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रिजल्ट के साथ Cut-off और अंक सार्वजनिक हों।
उनका तर्क है कि इन नियमों के बिना पारदर्शिता संभव नहीं है।
Paper Leak से पहले ही बिगड़ी छवि
BSSC की छवि पहले से ही पेपर लीक मामलों से खराब हो चुकी है। ग्रेजुएट लेवल और CGL-3 परीक्षाओं में धांधली के आरोप सामने आ चुके हैं। छात्रों का कहना है कि नए अध्यक्ष को यह इतिहास बदलना चाहिए, वरना युवाओं का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।
Exam Calendar की मांग
छात्रों की एक अहम मांग यह भी है कि आयोग Exam Calendar जारी करे। उनका कहना है कि BPSC की तरह BSSC को भी पारदर्शिता और निश्चितता का माहौल बनाना चाहिए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पहले से यह पता हो कि PT कब होगा, Mains कब और Interview कब तक होगा, तो वे बेहतर तैयारी कर पाएंगे। इसके अलावा परीक्षाओं में CCTV, कंट्रोल रूम और सख्त निगरानी जरूरी है ताकि नकल और पेपर लीक पर रोक लग सके।
अधर में लटका भविष्य
आयोग की देरी पर अब सवाल सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर उठ रहे हैं। अभ्यर्थी पूछ रहे हैं कि आखिर क्यों दो साल से परीक्षा रुकी हुई है और क्यों लाखों युवाओं का भविष्य अधर में है।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, “सरकार को युवाओं की तकलीफ सुननी चाहिए और यह परीक्षा जल्द करानी चाहिए। वरना युवाओं का धैर्य टूट जाएगा।”
BSSC Inter Level Exam अब बिहार के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। उम्मीदवार पारदर्शिता, निश्चित तारीख और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं।
सरकार और आयोग पर दबाव बढ़ रहा है कि जल्द से जल्द PT Exam Date घोषित की जाए। अगर देरी और अव्यवस्था जारी रही तो यह मामला सिर्फ शिक्षा जगत ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकता है।



