होमBiharबिहार के 18 जिलों में गरज और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी

बिहार के 18 जिलों में गरज और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी

Published on

पटना समेत बिहार के 18 जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने गरज और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है और कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा भी चलेगी। इस दौरान उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है।

मानसून का कमजोर असर और पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार इस समय प्रदेश में मानसून का असर कमजोर है। अगले चार से पांच दिनों में तापमान में किसी तरह का खास बदलाव नहीं होगा। लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि 11 से 18 सितंबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान गरज के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों का मौसम

बुधवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही रही और तापमान अधिक होने की वजह से उमस बनी रही। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। नालंदा के थरथरी में सर्वाधिक 37.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस रहा। वाल्मीकि नगर और फारबिसगंज में 36.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य का सबसे अधिक रहा।

प्रमुख जिलों में वर्षा का हाल

कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हाजीपुर में 33.8 मिमी, बेगूसराय के साहेबपुर कनाल में 33.4 मिमी और भभुआ में 32.6 मिमी बारिश हुई। नालंदा के नूरसराय में 32.2 मिमी और बक्सर के ब्रह्मपुर में 24.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

मुंगेर में 24.4 मिमी, नालंदा के अस्थावां में 24.2 मिमी और रोहतास के करघर में 23.6 मिमी वर्षा हुई। समस्तीपुर के पटोरी और बेगूसराय के बरौनी में भी क्रमशः 23.6 और 23.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

पटना जिले के मसौढ़ी में 22.4 मिमी, भभुआ के भगवानपुर में 21.6 मिमी और पटना के बिक्रम में 20.4 मिमी वर्षा हुई। शेखपुरा में 20 मिमी, गया के बेलागंज और बिहारशरीफ में 19-19 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वैशाली के लालगंज में 18.4 मिमी और भोजपुर के संदेश व पटना के दुल्हिन बाजार में 18.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

खगड़िया के परबत्ता और आरा में 17.6 मिमी, पूर्णिया में 16.6 मिमी तथा खगड़िया के मानसी में 16.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

प्रमुख शहरों का तापमान

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पटना का अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.3 डिग्री रहा। गया में अधिकतम 33.8 और न्यूनतम 25.2 डिग्री दर्ज किया गया। भागलपुर में अधिकतम 33.9 और न्यूनतम 26.5 डिग्री रहा जबकि मुजफ्फरपुर में अधिकतम 34.0 और न्यूनतम 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उमस से बढ़ी परेशानी

बारिश के बावजूद लोगों को उमस से राहत नहीं मिल सकी है। हल्की वर्षा के साथ अधिकतम तापमान ऊंचा बना रहने के कारण वातावरण में नमी और असहजता बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक लोग गर्मी और पसीने से परेशान हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भारी और लगातार वर्षा नहीं होगी तब तक उमस का असर बना रहेगा।

सितंबर के मध्य में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 11 से 18 सितंबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान गरज और वज्रपात भी हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय प्रदेश में मानसून की दिशा तय करने वाला हो सकता है। अब तक मानसून कमजोर रहा है लेकिन आने वाले दिनों में तेज वर्षा के आसार बढ़ रहे हैं।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के लिए अपनी खेती और फसलों को लेकर सावधानी बरतें। लगातार बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। शहरी क्षेत्रों में भी पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर तैयारी की जरूरत है क्योंकि भारी वर्षा की स्थिति में जलजमाव आम समस्या बन सकती है।

बिहार में सितंबर की शुरुआत मौसम की अनिश्चितता के साथ हुई है। 18 जिलों में जारी येलो अलर्ट यह संकेत देता है कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए। हल्की बारिश से भले ही कुछ राहत मिली हो लेकिन उमस और गर्मी से लोग अब भी परेशान हैं। अगले चार से पांच दिन तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 11 से 18 सितंबर के बीच भारी वर्षा की चेतावनी को लेकर प्रशासन और नागरिकों को पूरी तरह चौकन्ना रहने की जरूरत है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

भारत को कमजोर करने की विदेशी साजिश? हकीकत है या फसाना

क्या भारत को कमजोर करने के लिए विदेशी ताकतें देश की आंतरिक दरारों का...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

क्या नौ दिन की पूजा से मिल जाती हैं अलौकिक शक्तियां या इसका अर्थ कुछ और है?

नवरात्रि के 9 दिन पूरे होते हैं। मंदिरों में आरती होती है। घरों में...

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

More like this

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...