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PM Modi Abuse Case: दरभंगा में गिरफ्तार हुआ मोहम्मद रिजवी, ओवैसी से नजदीकियों के भी चर्चे

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बिहार के दरभंगा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने के आरोप में मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि रिजवी ने मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे थे और उसने पूछताछ के दौरान इस बात को स्वीकार भी कर लिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला PM Modi Abuse Case के रूप में देशभर में चर्चा का विषय बन गया।

कौन है मोहम्मद रिजवी?

आरोपी मोहम्मद रिजवी दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के भपुरा गांव का रहने वाला है। वह पंक्चर बनाने और ड्राइवर का काम करता है।

उसके पिता मोहम्मद अनीस की पंक्चर की दुकान पोठिया गाछी में है। वहीं रिजवी खुद रधिया कुटी गांव में चौक पर पंक्चर बनाने और बाइक की मरम्मत का काम करता है। फुर्सत मिलने पर वह ड्राइविंग भी करता है।

चार भाइयों में सबसे छोटा रिजवी की चार बहनें भी हैं। गांव के लोग बताते हैं कि उसका राजनीतिक दलों से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, हालांकि वह AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी का समर्थक माना जाता है।

AIMIM Supporter और NRC Protest में सक्रिय

स्थानीय लोगों का कहना है कि रिजवी कई बार AIMIM के कार्यक्रमों में शामिल हुआ है। यही नहीं, वह दरभंगा जिले में NRC Protest के दौरान भी सक्रिय रहा और अतरबेल-भरवाड़ा रोड पर हुए आंदोलनों में उसने भाग लिया था।

पुलिस फिलहाल उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी राजनीतिक संगठन से प्रभावित था या नहीं।

राहुल-तेजस्वी की रैली में हुआ विवाद

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की Voter Adhikar Yatra दरभंगा पहुंची।

बुधवार को स्थानीय नेता मोहम्मद नौशाद ने सिमरी में स्वागत मंच तैयार किया था। इसी मंच से रिजवी ने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी दिवंगत मां को लेकर अपशब्द कहे।

इसका वीडियो वायरल होते ही मामला गरमा गया और पुलिस ने शुक्रवार को रिजवी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

भाजपा नेताओं ने की सख्त कार्रवाई की मांग

दरभंगा के भाजपा विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा और जिलाध्यक्ष प्रो. आदित्य नारायण चौधरी ने पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।

इसके बाद सिमरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और एसएसपी के आदेश पर रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया।

और भी गिरफ्तारियां संभव

पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां होंगी। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।

सदर-2 कमतौल एसडीपीओ एसके सुमन ने बताया कि सिमरी और सिंहवाड़ा थाने की टीम जांच कर रही है। मंच तैयार करने वाले मोहम्मद नौशाद की भी तलाश की जा रही है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

घटना के बाद सियासत और गरमा गई। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि रिजवी को भाजपा नेताओं ने जानबूझकर यात्रा बाधित करने के लिए भेजा।

हालांकि, भाजपा और कांग्रेस दोनों के स्थानीय नेताओं ने इस दावे को खारिज कर दिया। कांग्रेस जिला प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा कि रिजवी का कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष और पार्टी मीडिया प्रभारी ने भी साफ किया कि रिजवी भाजपा का सदस्य नहीं है।

सोशल मीडिया पर बवाल

इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर PM Modi Abuse Case और Mohammad Rizvi Arrest ट्रेंड करने लगे। समर्थक और विरोधी आमने-सामने दिखे।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और आरजेडी पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक व्यक्ति की गलती को पूरे दल पर थोपना सही नहीं है।

PM Modi Abuse Case ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मोहम्मद रिजवी की गिरफ्तारी ने AIMIM Supporter होने के दावों और NRC Protest में उसकी सक्रियता को भी सुर्खियों में ला दिया है।

अब सवाल यह है कि रिजवी अकेले अपनी सोच से ऐसा कर रहा था या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और इस मामले का असर बिहार की सियासत पर लंबे समय तक देखने को मिल सकता है।

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