होमBiharBegusaraiBegusarai Accident: NH-31 फोरलेन पर बस हादसा, 54 होमगार्ड घायल

Begusarai Accident: NH-31 फोरलेन पर बस हादसा, 54 होमगार्ड घायल

Published on

बेगूसराय में NH-31 फोरलेन पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। होमगार्ड से भरी एक बस सड़क किनारे बने गड्ढे में जा गिरी। इस हादसे में बस में सवार सभी 54 होमगार्ड घायल हो गए। इनमें चार की स्थिति नाजुक बताई जा रही है, जबकि 20 से अधिक होमगार्ड को गंभीर चोटें आई हैं। हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

महिला की पहचान और हादसे का कारण

मृत महिला की पहचान खगड़िया निवासी रोशनी देवी के रूप में हुई है। बताया गया कि रोशनी देवी अपने पति रणवीर यादव और 10 वर्षीय बेटे निशांत कुमार के साथ बेगूसराय जा रही थीं। वे अपने इलाज के लिए निकले थे। रास्ते में उनकी बाइक की टक्कर होमगार्ड से भरी बस से हो गई। इस टक्कर के बाद रोशनी देवी बस के नीचे फंस गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

NH-31 पर पलटी होमगार्ड से भरी बस

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक से टक्कर लगने के बाद बस का संतुलन बिगड़ गया। तेज़ रफ्तार में चल रही यह बस सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। बस में सवार सभी 54 होमगार्ड घायल हो गए। टक्कर और बस के गिरने की आवाज़ सुनते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर दौड़े और राहत कार्य शुरू किया।

स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य

हादसे के बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। आसपास के दुकानदार और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बस की खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे जवानों को बाहर निकाला। कई होमगार्ड सीटों और लोहे के हिस्सों में फंसे हुए थे। लोगों की तत्परता की वजह से कई गंभीर स्थिति वाले जवानों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।

घायलों का इलाज बेगूसराय सदर अस्पताल में

सभी घायलों को आनन-फानन में बेगूसराय सदर अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि चार होमगार्ड की हालत नाजुक बनी हुई है। 20 से अधिक जवान गंभीर चोटों से पीड़ित हैं, जिनमें सिर और हड्डियों की चोटें शामिल हैं। बाकी जवानों को सामान्य चोटें आई हैं और वे उपचाराधीन हैं। अस्पताल प्रशासन लगातार घायलों की निगरानी कर रहा है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। NH-31 पर ट्रैफिक रोककर बचाव और राहत कार्य किया गया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटाया गया। पुलिस ने हादसे का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तेज़ रफ्तार और सड़क पर बने गड्ढे इस दुर्घटना का कारण हो सकते हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे का मंजर

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस तेज़ी से आ रही थी। अचानक बाइक से टकराने के बाद उसका संतुलन बिगड़ा और वह गड्ढे में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग डर से सहम गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।

NH-31 पर सुरक्षा की कमी

NH-31 पर अक्सर हादसों की खबरें सामने आती रहती हैं। यह सड़क बिहार की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। भारी ट्रैफिक, खराब सड़क की स्थिति और गड्ढों की वजह से यहां आए दिन हादसे होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायत की गई है लेकिन सुधार कार्य अधूरा है।

पीड़ित परिवारों पर दुख का पहाड़

इस सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। घायल होमगार्ड के परिजन अस्पताल पहुंचे और अपनों की सलामती की दुआ करने लगे। वहीं, रोशनी देवी की मौत से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है। पति और बेटा इस हादसे से सदमे में हैं।

मुआवजे और सरकारी मदद की उम्मीद

स्थानीय लोगों ने सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा और घायल होमगार्ड को उचित मदद देने की मांग की है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी। मुआवजे पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

बिहार में बढ़ते सड़क हादसे

Bihar Road Accident लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। खराब सड़कें, भारी ट्रैफिक और तेज़ रफ्तार हादसों की बड़ी वजह हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क मरम्मत, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन और ड्राइवरों की ट्रेनिंग पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

Begusarai Accident ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की पोल खोल दी है। NH-31 पर होमगार्ड से भरी बस गड्ढे में गिर गई जिससे 54 जवान घायल हो गए और रोशनी देवी की मौत हो गई। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और प्रशासन ने मदद का भरोसा दिया है।

यह हादसा साफ बताता है कि जब तक सड़कें दुरुस्त नहीं होतीं और ट्रैफिक नियमों का पालन सख्ती से नहीं होता, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं होती रहेंगी।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

More like this

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...