होमEntertainmentदिल्ली को फिल्म उद्योग का नया हब बनाने की तैयारी

दिल्ली को फिल्म उद्योग का नया हब बनाने की तैयारी

Published on

दिल्ली सरकार ने राजधानी को फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में गंभीर कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार की योजना है कि दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाई जाए। इसके लिए एक व्यापक फिल्म पॉलिसी तैयार की जा रही है। फिल्म शूटिंग के आवेदनों को जल्द ही single window clearance system के जरिए मंजूरी दी जाएगी, ताकि फिल्म निर्माताओं को लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।

रविवार को Celebrating India Film Festival (CIFF) के समापन समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का भव्य आयोजन केवल कल्पना नहीं बल्कि दिल्ली की फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक चेतना के नए सफर की शुरुआत है।

अंतरराष्ट्रीय शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में दिल्ली की पहचान

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार दिल्ली को global shooting destination के रूप में बढ़ावा देने के लिए फिल्म पॉलिसी बना रही है। इस दिशा में 3 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिससे फिल्म उद्योग को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं दी जा सकें।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली में फिल्मों की शूटिंग के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की उम्मीद है। इन आवेदनों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत मंजूरी दी जाएगी, ताकि फिल्म निर्माताओं का मनोबल बढ़े और दिल्ली उनकी पहली पसंद बने। नई फिल्म पॉलिसी के तहत राजधानी केवल राजनीति और इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, क्रिएटिविटी और फिल्मी लोकेशंस के लिए भी मशहूर होगी।

दिल्ली की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत

सीएम गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में National School of Drama (NSD) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं, जिन्होंने देश और विदेश में कई दिग्गज कलाकार दिए हैं। इसके बावजूद अब तक किसी ने दिल्ली में फिल्म उद्योग के विकास के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए। नई पॉलिसी का उद्देश्य इस कमी को दूर करना है और फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन

सरकार ने दिल्ली में International Film Festival आयोजित करने की भी घोषणा की है, जिसके लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह आयोजन न केवल दिल्ली की सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देगा, बल्कि देश-विदेश के फिल्मकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा।

इस फेस्टिवल में विभिन्न विषयों पर बनी भारतीय और विदेशी फिल्में व डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की जाएंगी। इससे न केवल दर्शकों को अलग-अलग संस्कृतियों और कहानियों से जुड़ने का मौका मिलेगा, बल्कि उभरते फिल्मकारों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होगा।

पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा

दिल्ली को प्रमुख फिल्म लोकेशन के रूप में विकसित करने से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। फिल्म शूटिंग के दौरान होटल, परिवहन, खानपान और सेट डिजाइन जैसी कई स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय क्रू और कलाकारों की मौजूदगी से दिल्ली का वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक और रचनात्मक छवि भी मजबूत होगी।

क्रिएटिव इकॉनमी की दिशा में कदम

दिल्ली फिल्म पॉलिसी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत राजधानी में creative economy को बढ़ावा दिया जाएगा। फिल्म और मीडिया प्रोडक्शन के जरिए कलाकारों, तकनीशियनों, डिज़ाइनरों और अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

सरकार का मानना है कि दिल्ली के पास आधुनिक इमारतों, ऐतिहासिक स्मारकों और सांस्कृतिक जीवंतता का अनोखा मिश्रण है, जो इसे किसी भी फिल्म के लिए आदर्श लोकेशन बनाता है।

दिल्ली सरकार की यह योजना राजधानी की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। फिल्म-फ्रेंडली पॉलिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल जैसे कदम दिल्ली को दुनिया के प्रमुख फिल्म शूटिंग स्थलों की सूची में शामिल कर सकते हैं।

अगर यह योजना सफल होती है, तो आने वाले समय में दिल्ली केवल राजनीतिक और ऐतिहासिक केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति, क्रिएटिविटी और सिनेमा की राजधानी के रूप में भी पहचानी जाएगी।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

चीन का खतरा: सीमा पर सैनिकों से ज्यादा खतरनाक है सड़क, गांव और ब्रह्मपुत्र पर बनता नया सामरिक जाल

अरुणाचल में 60 किलोमीटर घुसपैठ का दावा निकला भ्रामक, लेकिन खतरा पूरी तरह काल्पनिक...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

More like this

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...
00:07:59

कर्ज में डूबे राज्य, फिर भी मुफ्त योजनाएं क्यों?

क्या आपने कभी सोचा है कि चुनाव आते ही अचानक मुफ्त योजनाओं की बाढ़...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

47 साल बाद साथ आए रजनीकांत और कमल हासन, नए फिल्म प्रोमो ने बढ़ाई उत्सुकता

भारतीय सिनेमा के दो दिग्गज—राजनीकांत और कमल हासन एक बार फिर साथ नज़र आने...
00:10:10

क्या चीन-बांग्लादेश की साज़िश से घिर गया भारत? सिलिगुड़ी कॉरीडोर पर क्यों मंडराया खतरा

भारत का सबसे संवेदनशील इलाका — सिलिगुड़ी कॉरीडोर, जिसे दुनिया चिकेन नेक के नाम...

अरिजीत सिंह से मुलाकात के बाद अटकलों पर बोले आमिर खान, रिटायरमेंट को लेकर किया बड़ा खुलासा

प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट की घोषणा के कुछ दिनों बाद Arijit Singh से मिलने...

सैयारा की सिनेमाघरों में धमाकेदार वापसी : वैलेंटाइन डे से पहले फैंस को मिला बड़ा सरप्राइज

भारतीय सिनेमा के लिए पिछला साल रोमांस और भावनाओं से भरा रहा था। साल...

Pariksha Pe Charcha 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से की सीधी बातचीत

Pariksha Pe Charcha 2026 का आगाज हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के...