होमBiharबिहार में 15 जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट, अगले 48...

बिहार में 15 जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट, अगले 48 घंटों में तापमान में गिरावट की संभावना

Published on

 बिहार में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में बादल घेरने के साथ हल्की वर्षा और तूफान की संभावना जताई गई है। उत्तर बिहार में चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह मौसम का बदलाव हो रहा है, और आगामी 48 घंटों के भीतर तापमान में गिरावट के आसार हैं।

मौसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों – सुपौल, अररिया, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर – में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। वहीं, 10 अन्य जिलों में, जिनमें पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, गोपालगंज और गया शामिल हैं, भारी वर्षा की संभावना है। इन स्थानों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चलने का अनुमान है।

उत्तर और दक्षिण बिहार में वर्षा का असर

उत्तर बिहार में चक्रवाती परिसंचरण के साथ-साथ एक द्रोणिका (ट्रफ) का असर भी है, जो उत्तर-पश्चिम बिहार से दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश और गंगीय पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है। इससे बिहार के दक्षिण और उत्तर दोनों हिस्सों में वर्षा की संभावना है। इस मौसम में बदलाव के कारण अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है।

बुधवार को पटना और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहे और उमस बनी रही। इस दौरान, पटना का अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस और शेखपुरा का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। किशनगंज में 86 मिमी वर्षा हुई, जो इस क्षेत्र में सबसे अधिक रही।

बिहार के प्रमुख शहरों में वर्षा का हाल

राज्य के विभिन्न हिस्सों में वर्षा की तीव्रता अलग-अलग रही। किशनगंज के कई इलाकों में भारी बारिश हुई, जैसे कि गलगलिया में 71.8 मिमी, ठाकुरगंज में 64.2 मिमी, और पोठिया में 60.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, पश्चिम चंपारण के मधुबनी में 52.8 मिमी, रोहतास के चेनारी में 44.2 मिमी, और खगड़िया के परबत्ता में 42.4 मिमी वर्षा हुई।

इसी तरह, पूर्णिया के ढेंगराघाट में 32.8 मिमी, भभुआ के भगवानपुर में 32.4 मिमी और रोहतास के तिलौथू में 24.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अन्य क्षेत्रों जैसे अररिया के सिकटी (24.1 मिमी), बांका के बौसी (22.2 मिमी), औरंगाबाद के ओबरा (21.2 मिमी), भागलपुर के नाथनगर (17.2 मिमी) और भागलपुर (16 मिमी) में भी हल्की से मध्यम वर्षा हुई।

अगले 48 घंटों के मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। हालांकि, यह तापमान वृद्धि केवल उन क्षेत्रों में होगी, जहां वर्षा की तीव्रता कम होगी। मौसम में बदलाव की संभावना भी अगले दो दिनों में दिखाई देगी, खासकर जब चक्रवात का असर और अधिक स्पष्ट हो।

पटना का अधिकतम तापमान बुधवार को 32.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस था। गया में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भागलपुर और मुजफ्फरपुर में भी तापमान में वृद्धि हुई, जहां भागलपुर में अधिकतम 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस था। मुजफ्फरपुर का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस था, जबकि न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस था।

स्थानीय क्षेत्रों और यात्रा पर असर

इस मौसम परिवर्तन का स्थानीय परिवहन और रोजमर्रा की जिंदगी पर प्रभाव पड़ सकता है। तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव और परिवहन में रुकावटें आ सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को मौसम के लगातार बदलाव को ध्यान में रखते हुए आवश्यक उपाय करने चाहिए।

सभी प्रभावित जिलों के निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम अलर्ट पर नजर बनाए रखें और किसी भी प्रकार के जोखिम से बचने के लिए सावधानी बरतें।

जैसे-जैसे यह मौसम प्रणाली विकसित होगी, बिहार में और अधिक अस्थिर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने स्थिति पर करीबी निगरानी बनाए रखी है। प्रभावित जिलों में रह रहे लोग मौसम के ताजे अपडेट्स के लिए मीडिया और मौसम विभाग से जुड़े रहें।

कुल मिलाकर, बिहार में अगले 48 घंटों में मौसम में बदलाव देखा जाएगा, जिसमें भारी बारिश और तापमान में हल्की गिरावट के आसार हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन मौसम संबंधी खतरों को गंभीरता से ले रहे हैं और इसके लिए तैयारी की जा रही है। नागरिकों को सभी आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी जाती है, ताकि मौसम से संबंधित जोखिमों से बचा जा सके।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मुजफ्फरपुर में गैस पाइपलाइन विस्फोट: 1 की मौत, 6 घायल; 4 मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त

जांच के घेरे में निर्माण कार्य और आपात प्रतिक्रिया बिहार के मुजफ्फरपुर में सोमवार, 2...

क्या सच में जाएगी एमएलसी की कुर्सी, संविधान में क्या है प्रावधान

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता को लेकर अटकलबाजी आरंभ बिहार की राजनीति में...

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज अब भाजपा के साथ

सम्राट सरकार को समर्थन से बिहार में बदलेगा सियासी समीकरण? बिहार विधान परिषद के चुनाव...

दूसरों को जलाने की आग आखिरकार अपने ही घर को राख क्यों कर देती है?

घृणा का जहर कितना खतरनाक किसी के प्रति घृणा, द्वेष, जलन और नफरत पालना पहली...

More like this

क्या सच में जाएगी एमएलसी की कुर्सी, संविधान में क्या है प्रावधान

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता को लेकर अटकलबाजी आरंभ बिहार की राजनीति में...

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज अब भाजपा के साथ

सम्राट सरकार को समर्थन से बिहार में बदलेगा सियासी समीकरण? बिहार विधान परिषद के चुनाव...

दूसरों को जलाने की आग आखिरकार अपने ही घर को राख क्यों कर देती है?

घृणा का जहर कितना खतरनाक किसी के प्रति घृणा, द्वेष, जलन और नफरत पालना पहली...

बिहार में अर्नब का कितना असर? 31 अक्टूबर तक बारिश के आसार

जानिए तूफान की असली ताकत बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब अब बिहार में...

तिरहुत स्नातक में वंशीधर ब्रजवासी का दबदबा कायम, शिक्षक सीट पर नरेंद्र सिंह की वापसी

तिरहुत की दोनों एमएलसी सीटों पर बदला चुनावी इतिहास बिहार विधान परिषद के 2026 के...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...