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बिहार में कक्षा 1 से 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षा 2025 की डेटशीट जारी, जानें परीक्षा की पूरी रूपरेखा

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बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए अर्धवार्षिक परीक्षा 2025 की official date sheet जारी कर दी गई है। इस वर्ष यह परीक्षाएं 10 सितंबर से 15 सितंबर 2025 तक आयोजित की जाएंगी। राज्य के शिक्षा विभाग और एससीईआरटी द्वारा तैयार इस विस्तृत योजना में करीब 1.5 करोड़ से अधिक छात्रों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा दो पालियों में होगी और पूरे राज्य में एक साथ आयोजित की जाएगी।

कक्षा 1 और 2 के लिए मौखिक परीक्षा

सबसे छोटे वर्गों, यानी कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों की परीक्षा पूरी तरह से मौखिक (Oral Mode) में कराई जाएगी। यह मूल्यांकन संबंधित वर्ग के शिक्षकों द्वारा किया जाएगा, जिसमें विषयवार प्रश्न e-Shiksha Kosh Portal के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। यह प्रणाली राज्य के सभी प्राथमिक विद्यालयों में एक समान प्रश्न व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, जिससे मूल्यांकन पारदर्शी और मानकीकृत हो सके।

कक्षा 3 से 8 तक की लिखित परीक्षा

कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा लिखित रूप में आयोजित होगी। परीक्षा का संचालन दो पालियों में किया जाएगा और सभी प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। इन कक्षाओं के कुछ विषयों जैसे शारीरिक शिक्षा, कला, कंप्यूटर विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। इन विषयों की grading स्कूल द्वारा की जाएगी और इन्हें राज्य स्तर के मूल्यांकन से बाहर रखा गया है।

कक्षा 3 के लिए शारीरिक शिक्षा एवं कला और कक्षा 6 के लिए व्यावसायिक शिक्षा, कंप्यूटर, कला व शारीरिक शिक्षा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा। अन्य सभी विषयों की परीक्षा राज्य द्वारा निर्धारित प्रश्न पत्रों के आधार पर होगी।

परीक्षा का विस्तृत टाइम टेबल

परीक्षा का आयोजन छह दिनों तक चलेगा और प्रत्येक दिन दो पाली में परीक्षा आयोजित की जाएगी। टाइम टेबल इस प्रकार से तय किया गया है ताकि विद्यार्थियों पर अतिरिक्त भार न पड़े और उन्हें पर्याप्त समय भी मिले।

10 सितंबर को पहली पाली में पर्यावरण अध्ययन और दूसरी पाली में सामाजिक विज्ञान और विज्ञान की परीक्षा (कक्षा 6 से 8) होगी।

11 सितंबर की पहली पाली में हिंदी (या दूसरी भाषा, अहिंदीभाषियों के लिए) और दूसरी पाली में गणित (कक्षा 3 से 8) की परीक्षा होगी।

12 सितंबर की पहली पाली में हिंदी या बांग्ला (कक्षा 3 से 8) और दूसरी पाली में संस्कृत (केवल कक्षा 6 से 8) की परीक्षा होगी।

13 सितंबर को पहली पाली में अंग्रेज़ी (कक्षा 1 और 2) तथा दूसरी पाली में अंग्रेज़ी (कक्षा 3 से 8) की परीक्षा कराई जाएगी।

14 सितंबर को पहली पाली में उर्दू (कक्षा 3 से 8) की परीक्षा निर्धारित है।

15 सितंबर को पहली पाली में कक्षा 1 और 2 के लिए हिंदी, उर्दू या बांग्ला, और दूसरी पाली में गणित की परीक्षा होगी।

प्रश्न पत्र और कॉपी वितरण की तैयारी

एससीईआरटी के निर्देशानुसार, सभी प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं 3 सितंबर 2025 तक संबंधित Block Education Officers (BEO) को उपलब्ध करा दी जाएंगी। प्रत्येक विद्यालय को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रश्न पत्र व कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। मूल्यांकन की प्रक्रिया प्रखंड मुख्यालय स्तर पर की जाएगी, ताकि पूरे राज्य में एक समानता और पारदर्शिता बनी रहे।

परीक्षा में निष्पक्षता के लिए विशेष प्रबंध

परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए राज्य शिक्षा विभाग ने external invigilation प्रणाली अपनाई है। इसके तहत एक स्कूल के शिक्षक को दूसरे स्कूल में परीक्षा निरीक्षण के लिए प्रतिनियुक्त किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य है कि परीक्षा पूर्ण रूप से कदाचार मुक्त और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।

इस योजना से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि हर विद्यार्थी को समान अवसर मिले और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। प्रत्येक ब्लॉक पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की व्यवस्था की गई है और परिणामों का संकलन जिला स्तर पर किया जाएगा।

परीक्षा का उद्देश्य और शिक्षा में सुधार

अर्धवार्षिक परीक्षा का उद्देश्य केवल छात्रों का मूल्यांकन करना नहीं, बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता को परखना और आवश्यक सुधार करना भी है। एससीईआरटी की योजना के तहत शिक्षकों को इस परीक्षा के परिणामों के आधार पर Teaching Strategy में बदलाव लाने और Remedial Support देने का निर्देश है। इससे विशेष रूप से कमजोर छात्रों को अतिरिक्त मदद मिल सकेगी।

परीक्षा में केवल अकादमिक विषयों ही नहीं बल्कि सह-शैक्षणिक विषयों जैसे कला, कंप्यूटर और व्यावसायिक शिक्षा को भी शामिल करना इस बात को दर्शाता है कि राज्य शिक्षा विभाग holistic development को प्राथमिकता दे रहा है।

डिजिटल माध्यम से व्यवस्था में पारदर्शिता

e-Shiksha Kosh Portal के माध्यम से कक्षा 1 और 2 के लिए प्रश्न पत्रों की ऑनलाइन उपलब्धता यह दर्शाती है कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में digital transformation की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। यह प्रणाली विशेष रूप से दूरदराज के विद्यालयों के लिए लाभकारी होगी जहां भौतिक संसाधनों की सीमाएं हैं।

प्रशासनिक दिशा-निर्देश

एससीईआरटी की संयुक्त निदेशक (प्रशासन) सुषमा कुमारी ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को पत्र जारी कर इस परीक्षा प्रक्रिया की समस्त जानकारी दी है। इसमें प्रश्न पत्र वितरण से लेकर निरीक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया का विस्तृत उल्लेख है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों से विचलन को गंभीरता से लिया जाएगा।

बिहार सरकार द्वारा कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए 10 से 15 सितंबर तक आयोजित होने वाली अर्धवार्षिक परीक्षा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल है। इससे न केवल छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन होगा, बल्कि शिक्षकों और शिक्षा विभाग को भी आवश्यक दिशा मिलेगी। प्रश्न पत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका जांच, और शिक्षक प्रतिनियोजन जैसी व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि परीक्षा प्रक्रिया Fair, Transparent और Result-oriented हो।

इस व्यापक व्यवस्था के माध्यम से बिहार शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना उसकी शीर्ष प्राथमिकता है। परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें ताकि यह प्रयास सफल और प्रभावशाली बन सके।

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