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बिहार में 57% से अधिक मतदाता प्रपत्र एकत्रित

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आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी के तहत चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) को ज़बरदस्त सफलता मिल रही है। चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को जानकारी दी कि बिहार में कुल 7.90 करोड़ मतदाताओं में से अब तक 57.48% यानी लगभग 4.54 करोड़ मतदाता प्रपत्र सफलतापूर्वक एकत्र किए जा चुके हैं। अभी इस अभियान के समाप्त होने की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2025 तक 16 दिन शेष हैं, जिससे यह उम्मीद और भी मज़बूत हो गई है कि शेष प्रपत्र भी समय से पहले जमा कर लिए जाएंगे।

क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान?

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करना है ताकि आगामी चुनावों में कोई फर्जी या मृत वोटर न रह जाए। इसके तहत प्रत्येक मतदाता से एक विशेष प्रपत्र (फॉर्म) भरवाया जा रहा है, जिसे Booth Level Officer (BLO) द्वारा एकत्र किया जाता है।

यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि लोकतंत्र को मज़बूत करने का आधार है। मतदाता सूची की शुद्धता ही चुनावों की पारदर्शिता की गारंटी होती है।

15 दिनों में 4.53 करोड़ फॉर्म एकत्र, एक दिन में 83 लाख से अधिक की वृद्धि

चुनाव आयोग के अनुसार, 10 जुलाई 2025 को शाम 6 बजे तक, बिहार में 7,89,69,844 पंजीकृत मतदाताओं में से 4,53,89,881 से फॉर्म एकत्रित किए जा चुके हैं, जो कुल का 57.48% है।

विशेष बात यह है कि पिछले 24 घंटों में ही 83,12,804 नए फॉर्म एकत्रित किए गए हैं, जो 10.52% की वृद्धि को दर्शाता है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो 25 जुलाई की समयसीमा से पहले ही शत-प्रतिशत कवरेज संभव है।

BLO और BLA की अहम भूमिका

इस शानदार प्रदर्शन के पीछे ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे 1.56 लाख से अधिक Booth Level Agents (BLA) और Booth Level Officers (BLO) की कड़ी मेहनत है। ये अधिकारी मतदाताओं के घर-घर जाकर फॉर्म वितरण और संग्रहण का कार्य कर रहे हैं।

साथ ही, सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने भी अपने-अपने BLA नियुक्त कर प्रक्रिया को तेज़ी देने में मदद की है।

माइग्रेटेड वोटर अब ऑनलाइन भेज सकते हैं फॉर्म

चुनाव आयोग ने स्थानांतरित (Migrated) मतदाताओं के लिए भी एक खास व्यवस्था की है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 20(1क) के तहत ऐसे मतदाता https://voters.eci.gov.in से पूर्व-भरा हुआ गणना फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।

डाउनलोड करने के बाद:

  • उस फॉर्म को प्रिंट करें

  • हस्ताक्षर करें

  • और उसे अपने BLO तक परिवार के सदस्य, स्वयं या WhatsApp जैसे डिजिटल माध्यमों से 25 जुलाई 2025 से पहले भेज दें

यह प्रक्रिया विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कामकाज या पढ़ाई के सिलसिले में अस्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर रह रहे हैं, लेकिन अपने स्थायी पते पर वोट देना चाहते हैं।

98% फॉर्म किए गए वितरित

चुनाव आयोग के अनुसार, पिछले 15 दिनों के भीतर 7.90 करोड़ फॉर्मों की छपाई की गई, जिनमें से 7.71 करोड़ (98%) फॉर्म मतदाताओं को वितरित भी कर दिए गए हैं।

यह दर्शाता है कि बिहार में प्रशासनिक मशीनरी और मतदाताओं के बीच बेहतर समन्वय बन चुका है, जो लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करता है।

शुद्ध मतदाता सूची की क्यों है ज़रूरत?

चुनाव आयोग ने दोहराया कि शुद्ध मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक देश की नींव होती है। इससे न केवल फर्जी वोटिंग पर रोक लगती है, बल्कि मतदाता का भरोसा भी बना रहता है।

बिहार में यह अभियान ऐसे समय में चल रहा है जब 2025 विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं। इसलिए यह प्रयास भविष्य की निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

25 जुलाई है अंतिम तिथि – जानिए क्या करें आप

यदि आप बिहार के पंजीकृत मतदाता हैं और अभी तक आपने अपना फॉर्म नहीं जमा किया है, तो नीचे दिए गए तरीकों से इसे पूरा करें:

  1. अपने स्थानीय Booth Level Officer (BLO) से संपर्क करें

  2. यदि आप माइग्रेटेड हैं, तो https://voters.eci.gov.in से फॉर्म डाउनलोड करें

  3. फॉर्म को प्रिंट करके हस्ताक्षर करें

  4. इसे अपने BLO तक पहुंचाएं — व्यक्तिगत रूप से, परिवारजन के माध्यम से या WhatsApp के जरिए

  5. यह कार्य 25 जुलाई 2025 से पहले पूरा करें

बिहार में चल रहा विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान सफलताओं की नई ऊंचाई छू रहा है। 57% से अधिक फॉर्म जमा होना यह दिखाता है कि जनता अब अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुकी है और प्रशासन भी डिजिटल व ऑन-ग्राउंड दोनों माध्यमों से इसकी पहुंच बना रहा है।

जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नज़दीक आ रहे हैं, एक शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची राज्य की राजनीति को न केवल दिशा देगी बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत करेगी।

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