KKN गुरुग्राम डेस्क | 14 जून, 2025 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पुण्यतिथि पर उनकी बड़ी बहन श्वेता सिंह किर्ति ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करके एक बहुत ही भावुक संदेश दिया। इसमें उन्होंने फैन्स से अनुरोध किया कि सुशांत के नाम को नकारात्मक विचारों या भावनाओं से न जोड़ा जाए और उन्हें प्यार, सादगी और नेक कामों द्वारा याद रखा जाए।
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1. भावुक इंस्टाग्राम वीडियो में श्वेता का संदेश
इस अनुपम वीडियो में श्वेता ने कहा कि वह “आज भी हमारे बीच हैं” – यानी उनका भाई सुशांत अभी भी अपनों की यादों और दिलों में जीवित हैं। उन्होंने सीबीआई की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए:
“सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी है और हम उसे पाने की प्रक्रिया में हैं। लेकिन आज मैं बस यही कहना चाहती हूं कि—चाहे कुछ भी हो जाए, हिम्मत मत हारो। भगवान और अच्छाई में भरोसा कभी मत खोना।”
यहां उन्होंने स्पष्ट रूप से इमोशनल सपोर्ट, धैर्य और सकारात्मक सोच को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया।
2. सुशांत की यादों से जुड़ी प्रेरक बातें
श्वेता ने वीडियो में बताया कि सुशांत का व्यक्तित्व अद्भुत सादगी, जीवन के प्रति उत्साह, और लगातार सीखने की जिज्ञासा वाला था। उन्होंने बताया कि वह हमेशा मुस्कान और मासूमियत से लोगों का दिल जीत लेते थे, और सबके साथ बराबरी और मदद का व्यवहार रखते थे।
यह संदेश फैन्स को “negativity-free Celeb Legacy” के रूप में प्रेरित करेगा कि जब भी हम सुशांत का नाम लें, वह लगभग हमेशा सकारात्मक हो।
3. “नेगेटिविटी फैलाने से बचें” – मुख्य अपील
श्वेता ने वीडियो में जोर देकर कहा:
“जब भी हम पूरे दिल से जीवन जिएं, बच्चों जैसी मासूमियत से देखें, और कुछ नया सीखने की चाह रखें, तब-तब वह हमारे साथ होता है। लेकिन किसी भी नेगेटिव भावना के लिए उसके नाम का इस्तेमाल ना करें—उसे यह पसंद नहीं था।”
यह संदेश स्पष्ट रूप से “सुशांत सिंह राजपूत की छवि को सकारात्मक बनाए रखें” पर जोर देता है|
4. विरासत को आगे बढ़ाने की प्रेरणा
श्वेता की एक और प्रेरणादायक सोच है:
“वह कितनों के दिल और दिमाग को छू गया और बदल गया। उसकी विरासत को आगें बढ़ने दो। तुम वो गत्ता हुआ दिया बनो जो और दीयों को रोशनी दे सके। किसी भी महान इंसान की विरासत उसके बाद और भी बड़ी होती है…”
यह “Sushant legacy inspiration” का एक मजबूत उदाहरण है, जो परिवार और दर्शकों दोनों को प्रेरित करता है।
5. सुशांत की ज़िन्दादिल फ़ैमिली तस्वीरें और यादें
श्वेता ने कुछ पुरानी तस्वीरें भी शेयर की – सुशांत अपने पिता कृष्ण कुमार सिंह और बहन के साथ। इन तस्वीरों ने भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा किया, साथ ही ‘family bonding’ और ‘family memories’
6. आत्महत्या की CIबी रिपोर्ट और हाई‑प्रोफाइल विवाद
सुशांत की मृत्यु के बाद शुरू हुए विवादों का मैंने यहां सारांशित किया है:
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पोस्ट‑मॉर्टम और AIIMS के Forensic Reports ने हत्यारोप को खारिज करते हुए मौत को आत्महत्या बताया।
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पटना में FIR दर्ज कराया गया, जिसमें उनकी साथी रिया चक्रवर्ती समेत पाँच नामज़द हुए।
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हाई‑कोर्ट से रिया मिली जमानत, और बाद में CBI की क्लोज़र रिपोर्ट (22 मार्च 2025) ने ** बिना साजिश या हत्या के निशान** पाया।
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इस रिपोर्ट ने रिया चक्रवर्ती और परिवार को निर्दोष घोषित किया।
यह पृष्ठभूमि बताती है कि श्वेता ने किस संदर्भ में “नेगेटिविटी न फैलाएं” जैसी अपील की है – यह केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि ‘death anniversary message’ के माध्यम से एक सामाजिक चेतना भी है।
7. श्वेता का अंतिम सार्थक संदेश – सकारात्मक शक्ति बनाए रखें
उनके इंस्टाग्राम वीडियो में ये क्लोरिफ़िकेशन था:
“सुशांत की मासूमियत, उसकी जिज्ञासा, उसकी मुस्कान – इन्हें हमने संजोना है। वह फैन्स की ज़िंदगी में उन विशेष गुणों के माध्यम से जिंदा हैं।”
यह संदेश दर्शकों को प्रेरित करता है कि उनकी सोच और व्यवहार के माध्यम से सुशांत का सोच-सक्रिय रूप से अस्तित्व बना रहे।
8. सुशांत की यादगार फिल्मी पहचान
सुशांत की कैरियर और अभिनय की पहचान:
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MS Dhoni: The Untold Story, Chhichhore, Dil Bechara जैसी सुपर-हिट फिल्मों को उन्होंने जीवन दिया।
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वह गंभीर भूमिका, मासूमियत, और प्राकृतिक अभिनय के लिए जाने जाते थे।
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आखिरी फिल्म Dil Bechara डिज्ऩी+हॉटस्टार पर पोस्टह्यूमस रिलीज हुई थी।
9. मानसिक स्वास्थ्य और सिनेमा उद्योग चर्चा
सुशांत की मृत्यु के बाद:
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मेडिया ट्रोलिंग, सोशल मीडिया दबाव, और बॉलीवुड में मानसिक स्वास्थ्य पर व्यापक चर्चा शुरू हुई।
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Shweta’s message इसका पालन करते हुए सकारात्मक चर्चा को आग्रह करती है—आज भी इंसान की भावनात्मक स्थिरता सर्वोपरि है।
10. सकरात्मक ऊर्जा की याद में एक भावपूर्ण अपील
श्वेता सिंह किर्ति ने अपनी इंस्टा वीडियो और पोस्ट के ज़रिए:
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सुशांत के नाम को सकारात्मक बनाए रखा,
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नेगेटिविटी से ऐहतियात बरतने की अपील की,
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उनकी मासूमियत, सीख और मदद की भावना को पुनः जागृत किया —
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उनकी विरासत को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने की प्रेरणा दी।
यह पुण्यतिथि संदेश सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं—यह एक जीवंत अंतःकरण और विचारशील आह्वान है, जो दर्शकों को खुद में बेहतर मानवीय गुण जगाने की प्रेरणा देता है।



