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पटना के पालीगंज में क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान फायरिंग, मुखिया प्रतिनिधि अंजनी सिंह सहित तीन घायल

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KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार की राजधानी पटना के पालीगंज इलाके से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पालीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महतो टोला गांव में एक क्रिकेट टूर्नामेंट के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के दौरान अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में मुखिया प्रतिनिधि अंजनी सिंह समेत तीन लोग घायल हो गए।

घटना बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान दो बाइक पर सवार चार हमलावर मौके पर पहुंचे और मंच के पास खड़े लोगों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी शुरू कर दी।

हमले में कौन-कौन घायल हुए?

पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार, इस हमले में मुखिया प्रतिनिधि अंजनी सिंह को चार गोलियां पैर में लगीं, जबकि दो अन्य व्यक्ति राजा और धर्मेंद्र, जो दर्शक के रूप में मौजूद थे, उन्हें एक-एक गोली लगी।
घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां अंजनी सिंह का इलाज जारी है।

डॉक्टरों के मुताबिक, अंजनी सिंह की हालत अब स्थिर है और उन्हें जल्द ही दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। राजा और धर्मेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

मुख्य निशाना थे अंजनी सिंह

इस पूरे हमले में यह स्पष्ट है कि मुखिया प्रतिनिधि अंजनी सिंह को ही मुख्य रूप से निशाना बनाया गया था। टूर्नामेंट के आयोजनकर्ता और मुख्य अतिथि भी वही थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही पुरस्कार वितरण शुरू हुआ, तभी हमलावरों ने निशाना साधा।

अंजनी सिंह के भाई ने इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश का दावा किया है। उनका कहना है कि पहले भी बदमाशों ने अंजनी सिंह पर हमला करने की कोशिश की थी। इस बाबत थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी और सुरक्षा की गुहार भी लगाई गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की

पुलिस ने शुरू की जांच, FIR दर्ज

पालीगंज डीएसपी-2 उमेश्वर चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि,

“यह घटना रानी तालाब थाना क्षेत्र के महतो टोला गांव में हुई है। दो बाइक पर चार बदमाश आए और पुरस्कार वितरण के दौरान फायरिंग की। तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है।”

पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और हमलावरों की पहचान के लिए स्थानीय सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही, आसपास के इलाकों में छापेमारी भी शुरू कर दी गई है।

क्या है हमले की वजह?

घटना के पीछे की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय सूत्रों और परिवार वालों का मानना है कि यह हमला राजनीतिक या व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा हो सकता है। अंजनी सिंह पंचायत स्तर पर सक्रिय हैं और कई स्थानीय मुद्दों में मुखर रहे हैं, जिससे उनका स्थानीय विरोधियों से टकराव होता रहा है।

पुलिस इन सभी कोणों पर जांच कर रही है और जल्द ही मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

गांव में फैली दहशत, लोगों ने की सुरक्षा की मांग

घटना के बाद महतो टोला गांव और आसपास के इलाकों में भय और तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और नियमित पुलिस गश्ती की मांग की है।

“अगर पहले पुलिस ने ध्यान दिया होता, तो आज ये घटना नहीं होती,” — यह कहना है गांव के एक बुजुर्ग का, जो टूर्नामेंट के दर्शकों में शामिल थे।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और प्रशासनिक समीक्षा

इस वारदात को लेकर स्थानीय नेताओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह घटना यह दर्शाती है कि बिहार में ग्रामीण इलाकों की कानून व्यवस्था कितनी कमजोर हो गई है।

कुछ नेताओं ने मांग की है कि:

  • आयोजित कार्यक्रमों में सुरक्षा मुहैया कराई जाए

  • पूर्व में दर्ज शिकायतों की समीक्षा हो

  • दोषी पुलिसकर्मियों पर भी हो कार्रवाई

जिला प्रशासन की ओर से एक टीम को मौके पर भेजा गया है और घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है

बिहार में बढ़ते अपराध पर सवाल

यह घटना बिहार में हो रही लगातार अपराध की घटनाओं की कड़ी में एक और उदाहरण बन गई है। हाल के महीनों में पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली जैसे जिलों से भी कई फायरिंग और हत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय राजनीति, ज़मीनी विवाद और अपराधिक तत्वों की मिलीभगत के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

पालीगंज की यह घटना यह साफ दर्शाती है कि सार्वजनिक आयोजनों में भी अब सुरक्षा की आवश्यकता है। एक सामान्य खेल आयोजन, जो युवाओं को जोड़ने और प्रेरित करने का माध्यम था, वह अपराध का मैदान बन गया

अभी पुलिस की जांच जारी है, और पूरे राज्य की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बिहार पुलिस इस बार आरोपियों को पकड़ने में सफल हो पाएगी या नहीं

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