होमBiharबिहार मौसम अलर्ट: तीन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, येलो अलर्ट...

बिहार मौसम अलर्ट: तीन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क |  बिहार में तपती गर्मी से लोगों को राहत मिलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। विशेष रूप से कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बंगाल की खाड़ी से आई नमी वाली हवा बनी बारिश की वजह

राज्य में बनी नमी युक्त पुरवा हवा और ट्रफ लाइन की उपस्थिति से मौसम में अस्थिरता आई है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली इस हवा के कारण बादल बन रहे हैं और वज्रपात के साथ वर्षा की संभावना बनी हुई है।

पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश भागों में बादल छाए रहेंगे, और कई स्थानों पर आंधी, बिजली गिरने और बारिश की स्थिति बन सकती है।

तीन जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया में भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इन जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है। साथ ही वज्रपात और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

चेतावनी स्तर:

  • कटिहार – भारी वर्षा, वज्रपात

  • किशनगंज – आंधी और तेज बारिश

  • पूर्णिया – गरज-चमक के साथ बारिश

बारिश से गर्मी में राहत, पर उमस बनी रहेगी

जहां एक ओर बारिश से गर्मी और लू से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर नमी के कारण उमस भी महसूस की जा रही है। न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बने रहने की संभावना है।

  • पटना का अधिकतम तापमान: 36.7 डिग्री सेल्सियस

  • डेहरी: 41.0 डिग्री सेल्सियस (राज्य में सबसे गर्म स्थान)

  • अररिया (जोकिहाट) में सर्वाधिक वर्षा: 87.8 मिमी

बारिश के आंकड़े: कहां कितनी वर्षा हुई

जिला वर्षा (मिमी में)
अररिया (जोकिहाट) 87.8 मिमी
कटिहार मध्यम वर्षा
किशनगंज हल्की से मध्यम वर्षा
पूर्णिया हल्की वर्षा

उत्तर-पूर्वी बिहार में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है।

जनजीवन पर असर और सावधानी बरतने की सलाह

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर बिजली गिरने और तेज हवा से बचने के लिए आवश्यक एहतियात बरतने की आवश्यकता है।

सुरक्षा सलाह:

  • गरज-चमक के दौरान घर से बाहर न निकलें

  • खुले मैदानों या खेतों में काम करने से बचें

  • मोबाइल चार्ज रखें और जरूरी उपकरण तैयार रखें

  • बिजली वाले उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें

कृषि पर असर: कहीं फायदा, कहीं नुकसान

बारिश कुछ फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, विशेषकर जहां सिंचाई की सुविधा कम है। लेकिन जहां फसलें कटाई के चरण में हैं, वहां अधिक बारिश से फसल नुकसान की संभावना है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी है।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान: बारिश और बादल बने रहेंगे

IMD के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक बिहार में मौसम अस्थिर रहेगा।

  • गरज के साथ बारिश

  • 30–40 किमी प्रति घंटे की हवाएं

  • पूर्वी हवा के कारण बढ़ी उमस

  • लू की स्थिति में फिलहाल राहत

विशेषज्ञों की राय: प्री-मॉनसून सिस्टम सक्रिय

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मौसम पैटर्न एक प्री-मॉनसून सिस्टम का हिस्सा है, जो बंगाल की खाड़ी से आई नमी और ट्रफ लाइन के कारण सक्रिय हो गया है।

डॉ. अनिल कुमार (मौसम विशेषज्ञ):

“यह एक सामान्य मौसमी घटना है लेकिन इसकी तीव्रता और समय थोड़ा असामान्य है। सावधानी बरतना जरूरी है, विशेषकर उन जिलों में जहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।”

बिहार में इस समय मौसम तेजी से बदल रहा है। एक ओर जहां बारिश से गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर वज्रपात और तेज हवाएं सावधानी की मांग करती हैं। प्रशासन और नागरिकों को चाहिए कि वे मौसम अपडेट पर ध्यान दें और अलर्ट का पालन करें।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

दूसरों को जलाने की आग आखिरकार अपने ही घर को राख क्यों कर देती है?

घृणा का जहर कितना खतरनाक किसी के प्रति घृणा, द्वेष, जलन और नफरत पालना पहली...

बिहार में अर्नब का कितना असर? 31 अक्टूबर तक बारिश के आसार

जानिए तूफान की असली ताकत बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब अब बिहार में...

तिरहुत स्नातक में वंशीधर ब्रजवासी का दबदबा कायम, शिक्षक सीट पर नरेंद्र सिंह की वापसी

तिरहुत की दोनों एमएलसी सीटों पर बदला चुनावी इतिहास बिहार विधान परिषद के 2026 के...

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

More like this

दूसरों को जलाने की आग आखिरकार अपने ही घर को राख क्यों कर देती है?

घृणा का जहर कितना खतरनाक किसी के प्रति घृणा, द्वेष, जलन और नफरत पालना पहली...

बिहार में अर्नब का कितना असर? 31 अक्टूबर तक बारिश के आसार

जानिए तूफान की असली ताकत बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब अब बिहार में...

तिरहुत स्नातक में वंशीधर ब्रजवासी का दबदबा कायम, शिक्षक सीट पर नरेंद्र सिंह की वापसी

तिरहुत की दोनों एमएलसी सीटों पर बदला चुनावी इतिहास बिहार विधान परिषद के 2026 के...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...