होमEntertainment22 दिन बाद एक्स पर लौटे अमिताभ बच्चन, मोटिवेशनल पोस्ट पर हुए...

22 दिन बाद एक्स पर लौटे अमिताभ बच्चन, मोटिवेशनल पोस्ट पर हुए ट्रोल, अभिषेक पर हुई टिप्पणी

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन 22 दिन की खामोशी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर दोबारा सक्रिय हुए। उन्होंने अपनी वापसी पर कई पोस्ट किए, जिनमें से कुछ भारतीय सेना के समर्थन में थे, तो कुछ मोटिवेशनल कोट्स पर आधारित थे। हालांकि, उनका एक हालिया पोस्ट सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बन गया।

सफलता और असफलता पर पोस्ट, अभिषेक से जोड़कर ट्रोलिंग शुरू

अमिताभ बच्चन ने एक्स पर लिखा:

“सफल व्यक्ति ठोस योजना के साथ चलते हैं, जबकि असफल व्यक्ति के पास कोई योजना नहीं होती।”

इस साधारण मोटिवेशनल लाइन को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके बेटे अभिषेक बच्चन की ओर इशारा समझ लिया और उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने बिग बी को सफल और अभिषेक को असफल बताकर विवाद खड़ा कर दिया।

ट्रोलर्स की टिप्पणियां: “आपकी योजना अभिषेक थी, जो फेल हो गई”

एक यूजर ने लिखा:

“आपकी योजना अभिषेक थी, सब जानते हैं। आप सफल हैं और वो असफल। उसके पास कोई योजना नहीं थी, ये भी सबको पता है। पोते का सुख न मिले बुढ़ापे में तो ऐसे ही पोस्ट आते हैं।”

वहीं दूसरे ने टिप्पणी की:

“सफलता सिर्फ योजना से नहीं आती, मैनिपुलेशन भी आना चाहिए। आपने करियर में खूब मैनिपुलेशन किया। प्रतिभा थी, अनुशासन था, लेकिन सफल आप इसलिए हुए क्योंकि आपने मौके बनाए।”

इन टिप्पणियों से साफ है कि सोशल मीडिया पर लोग किस हद तक व्यक्तिगत हो सकते हैं, खासकर जब बात सेलिब्रिटी परिवारों की होती है।

बिग बी की खामोशी पर भी उठे सवाल

कुछ यूजर्स ने अमिताभ की 22 दिनों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। किसी ने कहा कि वो किसी खास वजह से चुप थे, तो किसी ने कहा कि “अब जब माहौल थोड़ा साफ हुआ है तो ज्ञान बांटने आ गए हैं।”

हालांकि, बच्चन ने अपनी गैरमौजूदगी की कोई खास वजह नहीं बताई है। उनकी वापसी भारतीय सेना के लिए सम्मान और समर्थन से जुड़ी पोस्ट से हुई, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वे देशभक्ति की भावना के साथ जुड़ना चाहते हैं।

फैंस का मिला समर्थन भी

जहां एक ओर उन्हें ट्रोल किया गया, वहीं उनके चाहने वालों ने उन्हें पूरा समर्थन भी दिया। कई फैंस ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा कि:

“एक व्यक्ति जो दशकों से भारतीय सिनेमा को योगदान दे रहा है, उसे इस तरह से ट्रोल करना गलत है।”

दूसरे फैंस ने लिखा:

“बिग बी हमेशा से प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनकी हर पोस्ट को व्यक्तिगत एंगल देना सही नहीं।”

अभिषेक बच्चन को लेकर बनी गलत धारणाएं

अभिषेक बच्चन अक्सर सोशल मीडिया पर आलोचना का शिकार बनते हैं, खासकर उनकी तुलना उनके पिता से की जाती है। हालांकि, उन्होंने गुरु, युवा, दसवी, और मनमर्जियां जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया है और एक अलग पहचान बनाई है।

बावजूद इसके, कई लोग उन्हें केवल “अमिताभ बच्चन का बेटा” मानते हैं और उनकी हर कोशिश को उसी पैमाने से तौलते हैं।

सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी की चुनौतियां

आज के दौर में सोशल मीडिया एक तरफ जुड़ाव का जरिया है, वहीं दूसरी तरफ यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म भी है, जहां जरा सी बात को बड़ा मुद्दा बना दिया जाता है। सेलिब्रिटी के हर शब्द, हर पोस्ट को लेकर व्यक्तिगत मतलब निकाले जाते हैं।

अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज, जो हर उम्र के लोगों के लिए प्रेरणा हैं, जब इस तरह की ट्रोलिंग का शिकार होते हैं, तो यह सोचने की जरूरत है कि सोशल मीडिया किस दिशा में जा रहा है।

अमिताभ का मकसद सिर्फ प्रेरणा देना

अमिताभ बच्चन हमेशा से अपने पोस्ट्स के जरिए जीवन के अनुभव, प्रेरणादायक विचार और सकारात्मक संदेश साझा करते आए हैं। उनके चाहने वालों का मानना है कि यह पोस्ट भी एक सामान्य मोटिवेशनल कोट था, जिसमें किसी के लिए कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी।

अमिताभ बच्चन की इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सेलिब्रिटी होना भी आसान नहीं है। उनके हर शब्द, हर पोस्ट पर जनता की नजरें होती हैं और कभी-कभी सकारात्मकता भी नकारात्मकता में बदल जाती है।

जहां अभिषेक बच्चन ने समय-समय पर आलोचनाओं का सामना शालीनता और शांतिपूर्ण ढंग से किया है, वहीं अमिताभ बच्चन भी कभी ट्रोल्स को जवाब नहीं देते, बल्कि अपनी गरिमा बनाए रखते हैं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

अरुणाचल में चीन की नई चाल? भारत की सैन्य तैयारी और शौर्य कमांडो का बड़ा खुलासा

क्या अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर चीन का दबाव बढ़ रहा है? क्या भारत...

मुजफ्फरपुर में गैस पाइपलाइन विस्फोट: 1 की मौत, 6 घायल; 4 मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त

जांच के घेरे में निर्माण कार्य और आपात प्रतिक्रिया बिहार के मुजफ्फरपुर में सोमवार, 2...

क्या सच में जाएगी एमएलसी की कुर्सी, संविधान में क्या है प्रावधान

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता को लेकर अटकलबाजी आरंभ बिहार की राजनीति में...

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज अब भाजपा के साथ

सम्राट सरकार को समर्थन से बिहार में बदलेगा सियासी समीकरण? बिहार विधान परिषद के चुनाव...

More like this

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

महवल लेदर पार्क में रोजगार का आधार क्या है?

कितनी फैक्ट्रियों में शुरू हुआ उत्पादन? मुजफ्फरपुर के महवल में लेदर पार्क का उद्घाटन हो...

क्या नौ दिन की पूजा से मिल जाती हैं अलौकिक शक्तियां या इसका अर्थ कुछ और है?

नवरात्रि के 9 दिन पूरे होते हैं। मंदिरों में आरती होती है। घरों में...

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

दुर्गा पूजा मातृशक्ति का सम्मान है या समाज के सामने एक अधूरा सवाल?

जिस समाज में स्त्री को देवी मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में उसकी...

क्या मिट्टी के पात्र में रखा जल सचमुच याद रखता है मंत्रों की ऊर्जा?

एक मिट्टी का पात्र। उसमें भरा जल। उसके मुहाने पर रखे आम के पत्ते...

महिषासुर कौन था? पुराणों के असुरराज से आदिवासी पूर्वज तक

दुर्गा पूजा के पंडाल में एक दृश्य बार-बार दिखाई देता है। सिंह पर सवार...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...