KKN गुरुग्राम डेस्क | 7 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर एक बड़ा हमला किया, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। यह हमला पहलगाम हमले के 15 दिन बाद किया गया था, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली की जान चली गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए उनपर मिसाइल और हवाई हमले किए। इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप 70 से अधिक आतंकवादी मारे गए। इस लेख में हम ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से जानेंगे, इसकी रणनीतिक महत्ता और इसके बाद की स्थिति पर चर्चा करेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर भारत का एक सैन्य अभियान है जिसे पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए चलाया गया। इस ऑपरेशन का नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखा था, और इसे भारतीय सेना ने बहुत ही सटीक तरीके से अंजाम दिया। यह हमला पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर किया गया था, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी समूहों के गढ़ शामिल थे।
ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य उन आतंकवादियों को समाप्त करना था जो भारत के खिलाफ लगातार साजिश रच रहे थे। भारत ने यह सुनिश्चित किया कि ऑपरेशन की प्रगति पूरी तरह से योजना के अनुसार हो। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऑपरेशन की बारीकी से निगरानी की और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में रहे।
मुख्य ठिकाने और स्थान
ऑपरेशन सिंदूर के तहत जो नौ प्रमुख ठिकाने निशाना बनाए गए, उनमें बहावलपुर, मुरीदके और पाकिस्तान के PoK क्षेत्र के विभिन्न स्थान शामिल थे। बहावलपुर, जो पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में स्थित है, जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है। वहीं, मुरीदके लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा अड्डा है। भारत की सेना ने इन ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, जिससे आतंकवादियों की कमर टूट गई।
भारत की नेतृत्व भूमिका और रणनीतिक दृष्टिकोण
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मिशन की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी और सुरक्षा अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की अगुवाई में यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक चलाया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी इस ऑपरेशन की सफलता में शामिल थे, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी लक्ष्य सटीक रूप से पूरे हों।
भारत की राजनीतिक प्रतिक्रिया
ऑपरेशन सिंदूर के सफल होने के बाद भारतीय नेताओं ने इस कार्रवाई की सराहना की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता को रेखांकित किया। गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों के साथ संपर्क किया और बॉर्डर एरिया के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पहलगाम हमले के बदले में भारत ने आतंकवादियों को कड़ा संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया और आतंकवाद के खिलाफ दुनिया से एकजुटता की अपील की। उनका कहना था, “दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाना ही होगा।”
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण
भारत के हमले के बाद पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को “युद्ध की स्थिति” करार दिया और खुद को जवाबी कार्रवाई का अधिकार बताया। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने यह स्वीकार किया कि भारत ने आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट किया है। पाकिस्तान में इस हमले के बाद बड़ी हलचल मच गई, और वहां के सेना प्रमुख अस्पतालों में जाकर आतंकवादियों के शवों का आंकलन कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन ने पाकिस्तान के साथ अपनी मित्रता दिखाते हुए भारत से संयम बरतने की अपील की। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और सऊदी अरब सहित कई देशों ने भारत के आत्मरक्षा अधिकार को मान्यता दी, लेकिन साथ ही स्थिति को शांत करने की आवश्यकता की बात की।
भारत में राष्ट्रीय गर्व और समर्थन
भारत में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने पूरे देश को गर्वित किया। दिल्ली के जामा मस्जिद क्षेत्र में लोग भारतीय सेना के इस साहसिक कदम का स्वागत कर रहे थे। कई लोग प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना कर रहे थे। इस हमले ने उन लोगों को भी सांत्वना दी, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खो दिया था।
पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति और प्रतिक्रिया
पाकिस्तान में भारत के हमले के बाद आतंकवादियों के खिलाफ मची भगदड़ और सेना की घबराहट के दृश्य सामने आए। हमले के बाद पाकिस्तानी सेना के अधिकारी अस्पतालों में आतंकवादियों के शवों की संख्या का आंकलन करने पहुंचे। पाकिस्तानी नागरिकों ने भी हमले को लेकर काफी घबराहट और तनाव व्यक्त किया।
भविष्य में क्या होगा?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना है। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कोई भी जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है, जबकि भारत ने अपनी सीमाओं पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। भारत के रक्षा मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ऑपरेशन सिंदूर भारत का एक महत्वपूर्ण कदम था जो न केवल आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश था, बल्कि यह दर्शाता है कि भारत अपनी सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक ने यह साबित कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है। हालांकि, भविष्य में पाकिस्तान की प्रतिक्रिया से स्थिति और जटिल हो सकती है, लेकिन इस ऑपरेशन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।



