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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को क्यों बेचनी पड़ी 70 लक्जरी कारें

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भारत को परमाणु बम की धमकी देने वाला पाकिस्तान जबरदस्त आर्थिक तंगी की दौर से गुजर रहा है। कर्ज में आकंठ डूबे पाकिस्तान को उबारने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय की 102 लक्जरी कार, चार हेलीकॉप्टर और आठ भैस को बेचने का फैलसा किया है। बतातें चलें कि इसमें से 70 लक्जरी कारों की निलामी भी कर दी गई है।

जबरदस्त आर्थिक संकट में पाकिस्तान

जबरदस्त आर्थिक तंगी की दौर में पहुंच चुकें पाकिस्तान सरकार ने प्रधानमंत्री के इस्तेमाल की 70 लक्जरी कारें नीलाम कर दी हैं। बतातें चलें कि प्रधानमंत्री आवास की कुल 102 कारें नीलाम होनी है। इसके अतिरिक्त पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के समय में पीएम हाउस में पाली गईं आठ भैंसो को भी बेची जानी है। शरीफ का परिवार इन भैंसों से दूध की पारिवारिक जरूरतें पूरी करता था। आर्थिक तंगी से उबरने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसकी निलामी करके पाकिस्तान सरकार के धन एकत्रित करने के अपने अभियान की आगाज कर दी है।

इन कारो की होनी है निलामी

पाकिस्तान ने पहले चरण में 70 लक्जरी कारें बेची जा चुकी हैं। इसके बाद सरकार प्रोटेक्टेड वेहिकिल बेचेगी। यह सभी वाहन बुलेट और बम प्रूफ है। जिन कारों को निकट भविष्य में बेचा जाएगा उनमें चार नए मॉडल वाली मर्सिडीज बेंज कारें, आठ बुलेटप्रूफ बीएमडब्ल्यू कार, तीन 5000 सीसी वाली एसयूवी कार और दो 3000 सीसी वाली एसयूवी कार शामिल हैं। इनके अतिरिक्त 2016 मॉडल की 24 मर्सिडीज बेंज कार नीलाम की गई हैं। जो 28 अन्य कारें नीलाम की गई हैं उनमें दो 4000 सीसी के एसयूवी हैं। इनके अतिरिक्त 40 टोयोटा कारों और लेक्सस और लैंड क्रूजर एसयूवी की भी नीलामी की जानी है। इसी प्रकार सरकारी तंत्र में मौजूद अन्य गैर-जरूरी वाहनो को बेच कर सरकार धन इखट्ठा करने की कोशिश कर रही है।

कर्ज में डूबा पाकिस्तान

पाकिस्तान की सरकार कर्ज से बचने के लिए अपने चार हेलीकॉप्टर बेचने की तैयारी में जुट चुकी है। बतातें चलें कि पाकिस्तान सरकार पर इस वक्त 30 खरब रुपये का कर्ज है। जो, उसके कुल सकल घरेलू आय का करीब 87 फीसदी होता है। पाकिस्तान का खजाना खाली है और आलम यह है कि सरकार चलाने के लिए खजाने में मात्र एक महीने की धन राशि ही शेष बची है। तुर्रा यह कि चीन को छोड़ कर दुनिया का कोई भी देश इस वक्त पाकिस्तान को और कर्ज देने को तैयार नहीं है। ऐसे में हालात को नियंत्रित नही किया गया तो निकट भविष्य में ही पाकिस्तान का दिवालिया होना तय माना जा रहा है।

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