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मौसम की मेहरबानी पर चलती है बच्चो का क्लास

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भवन के बावजूद पेड़ के नीचे पढने को मजबूर स्कूली बच्चे/ राजकीय प्राथमिक विधालय बहवल बाजार का किसी भी समय गिर सकता है छत

संतोष कुमार गुप्ता

मीनापुर। गरमी का मौसम आ चुका है। इस मौसम मे बच्चो को विशेष सावधानी की ताकिद दी जाती है। वावजूद मानिकपुर पंचायत के राजकीय प्राथमिक विधालय बहवल बाजार के बच्चे स्कूल भवन होते हुए भी पेड़ के नीचे पढने को मजबूर है।

क्योकि स्कूल भवन पुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। स्कूल का छत कभी भी गिर सकता है। डीइओ के आदेश के बाद स्कूल भवन मे पठन पाठन पर रोक लगा दी गयी है। किंतु शिक्षक वहां बैठकर काम जरूर निबटाते है। स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने से बच्चे को खुले आसमान के नीचे पढना पड़ता है। बच्चो का सिर किताबो पर झुका रहता है,किंतु निगाहे आसमान पर रहता है। पता नही कब बारिश आ जाये। चिल्लचिलाती धूप हो या कड़ाके की ठंड बच्चो को पेड़ के नीचे पढने को विवश होना पड़ता है। विधालय के प्रभारी एचएम अशरफी प्रसाद बताते है की पांच साल से विधालय का भवन क्षतिग्रस्त है। कई बार विभाग को लिख चुके है। विभाग ने क्षतिग्रस्त भवन मे वर्ग संचालन पर रोक लगा दी है। उस समय से दूसरे के जमीन मे आम व लीची के पेड़ के नीचे बच्चो का पठन पाठन हो रहा है। मौसम खराब हो जाने पर बच्चो को छुट्टी दे दी जाती है। विधालय मे नामांकित 298 बच्चो को दस शिक्षक पढाते है। स्थानिय पंसस सुबोध कुमार बताते है कि मौसम की मेहरबानी पर यहां के बच्चो की पढाई होती है। शिक्षा विभाग के लापरवाही से बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अगर शीघ्र विधालय भवन की मरम्मती नही हुई तो उन्हे आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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