रविवार, मार्च 1, 2026 12:01 पूर्वाह्न IST
होमNationalशुभांशु शुक्ला बने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय

शुभांशु शुक्ला बने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय

Published on

भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचते हुए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय नागरिक बन गए हैं। 1984 में राकेश शर्मा के बाद वह अंतरिक्ष में पहुंचने वाले भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं। वह वर्तमान में Axiom Space Mission 4 (Ax-4) का हिस्सा हैं, जो NASA और SpaceX के साथ साझेदारी में ESA (European Space Agency) द्वारा संचालित किया जा रहा है।

शुभांशु ISS पर बीते 12 दिनों से मौजूद हैं और वहां उन्होंने कई अहम वैज्ञानिक प्रयोग किए हैं। हालांकि, उनका और उनके साथियों का पृथ्वी पर लौटने का कार्यक्रम 10 जुलाई को तय था, लेकिन मौसम खराब होने और तकनीकी कारणों की वजह से उनकी वापसी कम से कम 14 जुलाई तक टल गई है।

शुभांशु शुक्ला कौन हैं?

ग्रुप कैप्टन शुभांशु “शक्स” शुक्ला भारतीय वायुसेना के अनुभवी पायलट हैं, जिन्हें उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी दक्षता और मिशन तैयारियों के लिए चुना गया। वह ESA के सहयोग से Axiom-4 मिशन में शामिल हुए, जो निजी और सरकारी साझेदारी के जरिए अंतरिक्ष में वैज्ञानिक शोध और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देता है।

ISS पर उनकी प्रमुख जिम्मेदारियां हैं:

  • सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में जैविक अनुसंधान करना

  • बीजों की अंकुरण प्रक्रिया को समझना

  • STEM शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय संवाद को बढ़ावा देना

उनकी यह यात्रा भारत के लिए गर्व का विषय है, जो अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभा रहा है।

Axiom-4 मिशन: मिशन का अवलोकन

Ax-4 मिशन को 25 जून 2025 को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए यह मिशन Crew Dragon कैप्सूल “Grace” में सवार होकर अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचा।

मिशन में शामिल अन्य सदस्य हैं:

  • पेगी व्हिटसन (अमेरिका) – सबसे अनुभवी महिला अंतरिक्ष यात्री

  • स्लावोस उजनस्की-विस्निव्स्की (पोलैंड) – मिशन विशेषज्ञ

  • टिबोर कापोलनई (हंगरी) – वैज्ञानिक शोधकर्ता

यह मिशन निजी क्षेत्र में अंतरिक्ष अनुसंधान को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।

अंतरिक्ष में शुभांशु शुक्ला द्वारा किए गए प्रमुख प्रयोग

1. बीज अंकुरण का अध्ययन

शुभांशु ने हरी मूंग और मेथी के बीजों पर सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में अंकुरण का अध्ययन किया। यह प्रयोग यह जानने के लिए किया गया कि अंतरिक्ष में बीजों के विकास पर क्या असर पड़ता है:

  • जड़ और तनों की प्रारंभिक वृद्धि

  • कोशिका संरचना में परिवर्तन

  • भविष्य में अंतरिक्ष कृषि की संभावनाएं

पृथ्वी पर वापसी के बाद इन बीजों की कई पीढ़ियों तक खेती की जाएगी ताकि अनुवांशिक बदलाव, पोषण मूल्य और सूक्ष्मजीव संरचना का विश्लेषण किया जा सके।

2. सूक्ष्म शैवाल (Microalgae) पर प्रयोग

शुभांशु ने माइक्रोएल्गी (सूक्ष्म शैवाल) को तैनात किया और स्टोर किया। इनका उद्देश्य है:

  • बंद जीवन प्रणाली में ऑक्सीजन उत्पादन

  • भोजन के पूरक के रूप में उपयोग

  • बायोफ्यूल उत्पादन की संभावना

यह प्रयोग भविष्य के मंगल या चंद्र मिशनों के लिए स्थायी जीवन समर्थन प्रणाली के विकास में मदद करेगा।

3. कोशिका व्यवहार पर अनुसंधान

9 जुलाई को पूरी टीम ने एक साझा प्रयोग किया जिसमें सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में मानव और पौधों की कोशिकाओं के व्यवहार का अध्ययन किया गया। इससे अंतरिक्ष में अनुवांशिक बदलाव और जैविक अनुकूलन की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी।

वापसी में देरी: खराब मौसम बना बाधा

Ax-4 टीम की वापसी की योजना 10 जुलाई 2025 को थी, लेकिन फ्लोरिडा तट के पास खराब मौसम (आंधी, तेज हवाएं, समुद्री तूफान) के कारण सुरक्षित स्प्लैशडाउन संभव नहीं हो सका।

SpaceX और NASA द्वारा बनाए गए मानकों के अनुसार:

  • कैप्सूल की सुरक्षित लैंडिंग के लिए मौसम अनुकूल होना चाहिए

  • समुद्र में भारी लहरें और बिजली गिरने की आशंका नहीं होनी चाहिए

  • रेस्क्यू टीम को स्पष्ट दृश्यता और स्थिरता चाहिए

अब 14 जुलाई को सबसे पहला संभावित वापसी दिन माना जा रहा है, पर यह मौसम और तकनीकी अनुमोदन पर निर्भर करेगा।

अन्य संभावित कारण: तकनीकी निरीक्षण और ISS जांच

मौसम के अलावा कुछ और तकनीकी कारण भी हैं:

  • Crew Dragon कैप्सूल “Grace” की सिस्टम जांच

  • ISS के एक रूसी मॉड्यूल में हल्के प्रेशर लीक की जांच

  • अंतरिक्ष यान रिकवरी टीमों की तैयारी

NASA और ESA दोनों ने स्पष्ट किया है कि क्रू की सेहत अच्छी है और कैप्सूल की सभी प्रणालियां सामान्य हैं।

भारत में उत्सव और वैज्ञानिकों का गर्व

भारत में शुभांशु शुक्ला की इस ऐतिहासिक यात्रा को लेकर उत्साह चरम पर है। सोशल मीडिया पर #ShubhanshuShukla ट्रेंड कर रहा है, स्कूलों और विज्ञान संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।

लोग मांग कर रहे हैं कि:

  • ISRO अपने गगनयान मिशन को तेज़ करे

  • भारत भी निकट भविष्य में अपने नागरिकों को अंतरिक्ष में भेजे

  • STEM शिक्षा में अंतरिक्ष विज्ञान को बढ़ावा मिले

शुभांशु शुक्ला का यह मिशन भारत की अंतरिक्ष विरासत में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है। वह ISS पर जाने वाले पहले भारतीय बने हैं और उनके द्वारा किए गए प्रयोग भविष्य में अंतरिक्ष कृषि, जीवन समर्थन प्रणाली और अंतरिक्ष यात्रा की नई दिशा तय करेंगे।

हालांकि उनकी वापसी कुछ दिन टल गई है, लेकिन उनके प्रयोग और मिशन से प्राप्त डेटा दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए बेहद मूल्यवान साबित होंगे।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

लाउडस्पीकर पर सियासत या सेहत की लड़ाई? बिहार विधान परिषद में क्यों मचा शोर?

बिहार विधान परिषद में ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा जिस गंभीरता से उठाया गया, उसने...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

चुम्बी वैली: नक्शे की वह कील, जो कर रही है… खतरे की ओर इशारा

भारत-चीन-भूटान सीमा पर स्थित चुम्बी वैली आखिर इतनी संवेदनशील क्यों है? 2017 के डोकलाम...

More like this

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...
00:10:10

क्या चीन-बांग्लादेश की साज़िश से घिर गया भारत? सिलिगुड़ी कॉरीडोर पर क्यों मंडराया खतरा

भारत का सबसे संवेदनशील इलाका — सिलिगुड़ी कॉरीडोर, जिसे दुनिया चिकेन नेक के नाम...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...