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“भारत सही कदम उठाएगा”: अवैध प्रवासियों पर ट्रंप की टिप्पणी, पीएम मोदी से चर्चा

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KKN गुरुग्राम डेस्क |  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को एक “उत्पादक” फोन कॉल हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाने, व्यापार, रक्षा और वैश्विक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। यह बातचीत राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद पहली बार हुई। इस बातचीत ने भारत-अमेरिका रिश्तों में नए आयाम जोड़ने की संभावना को और मजबूत किया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री मोदी फरवरी 2025 में अमेरिका का दौरा करेंगे। साथ ही, उन्होंने अवैध प्रवासियों और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर भी कई अहम बातें कहीं।

भारत-अमेरिका संबंध: गहराता आपसी सहयोग

डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अगले महीने अमेरिका के दौरे पर आने वाले हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा,
“मैंने आज सुबह पीएम मोदी से लंबी बातचीत की। वह अगले महीने, संभवतः फरवरी में व्हाइट हाउस आएंगे। भारत के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं।”

यह चर्चा ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता की संभावनाएं बढ़ रही हैं। पिछले कार्यकाल के दौरान भी ट्रंप और मोदी के बीच गर्मजोशी भरे रिश्ते देखने को मिले थे, हालांकि व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दों पर कुछ विवाद भी सामने आए थे।

अवैध प्रवासियों पर चर्चा: भारत “सही कदम” उठाएगा

बातचीत के दौरान एक अहम मुद्दा अवैध भारतीय प्रवासियों का रहा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस मामले में “सही कदम उठाएंगे” और अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने लगभग 18,000 भारतीय अवैध प्रवासियों की पहचान की है। ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासियों पर सख्ती बढ़ाने का संकल्प लिया है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह कौशल आधारित वैध प्रवासियों का समर्थन करते हैं। भारत, जो अपने आईटी पेशेवरों के लिए जाना जाता है, H-1B वीजा धारकों का सबसे बड़ा स्रोत है। यह कार्यक्रम भारतीय कुशल श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

हाल ही में, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई बैठक में भी अवैध प्रवासन के मुद्दे पर चर्चा की गई थी। यह सहयोग दोनों देशों के बीच आव्रजन नीतियों को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

व्यापार और आर्थिक सहयोग

व्यापार संबंधों पर चर्चा के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को अमेरिकी सुरक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ाने और संतुलित व्यापारिक रिश्ते की दिशा में काम करने पर जोर दिया।

2023-24 में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 118 अरब डॉलर को पार कर गया, जिसमें भारत ने 32 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल में भारत को “व्यापार का बहुत बड़ा दुरुपयोग करने वाला” कहा था और BRICS देशों पर शुल्क लगाने की चेतावनी दी थी। लेकिन इस बार, बातचीत में सहयोग और सामंजस्य पर अधिक जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को एक “प्रिय मित्र” कहते हुए, उनके साथ “आपसी लाभकारी और भरोसेमंद साझेदारी” पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“हम अपने लोगों के कल्याण और वैश्विक शांति, समृद्धि, और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे।”

रक्षा और रणनीतिक साझेदारी

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने क्वाड ग्रुपिंग (जिसमें अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं) की प्रतिबद्धता को दोहराया। भारत इस साल के अंत में क्वाड नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करेगा।

इसके अलावा, दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की बात की। चर्चा में मध्य-पूर्व और यूरोप की सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

अमेरिका-भारत संबंधों के मुख्य बिंदु

  1. अवैध प्रवासियों पर सहमति:
    • भारत अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे करीब 18,000 भारतीय नागरिकों को वापस लेने के लिए कदम उठाएगा।
    • कौशल आधारित वैध प्रवासियों और H-1B वीजा धारकों का समर्थन जारी रहेगा।
  2. व्यापारिक रिश्ते:
    • भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 118 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है।
    • अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी निर्मित सुरक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ाए।
  3. रक्षा और रणनीतिक सहयोग:
    • क्वाड ग्रुपिंग के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता।
    • भारत के इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक भूमिका पर जोर।
  4. पीएम मोदी का अमेरिका दौरा:
    • प्रधानमंत्री मोदी फरवरी 2025 में अमेरिका दौरे पर जाएंगे और व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे।

भारत-अमेरिका संबंधों का भविष्य

भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता रणनीतिक और आर्थिक सहयोग 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक बन गया है। दोनों देशों की साझेदारी न केवल व्यापार और रक्षा पर आधारित है, बल्कि यह वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

अवैध प्रवासियों का मुद्दा और व्यापारिक असंतुलन दोनों देशों के सामने चुनौती बने हुए हैं, लेकिन सोमवार की बातचीत से यह साफ है कि दोनों नेता विवादों को सुलझाने और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अवैध प्रवासियों, व्यापार, रक्षा, और रणनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा से यह स्पष्ट है कि दोनों देश आपसी संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के फरवरी में प्रस्तावित अमेरिकी दौरे से यह साझेदारी और मजबूत होने की संभावना है। भारत-अमेरिका सहयोग न केवल दोनों देशों के नागरिकों के लिए बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है।

भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की हर अपडेट और विश्लेषण के लिए KKN Live पर बने रहें।

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