जब भी हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं, तो दिल्ली, बंगाल और पंजाब की तस्वीरें आंखों में उतर आती हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर? वह अक्सर छूट जाता है। जबकि इतिहास की धूल में दबी इस ज़मीन ने वो क्रांतियां देखी हैं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी।आज हम लेकर आए हैं – खुदीराम बोस की फांसी, गोपाल प्रसाद सिंह का जेल से लिखा गया क्रांति-पत्र, शारदा देवी की जासूसी और पंडित सहदेव झा की वो कहानी, जहां राष्ट्रपति का काफिला एक स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान में रुक गया था।इतिहास के इन अनछुए पन्नों को उठाने और आपको अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने के लिए देखिए KKN Live का यह खास एपिसोड।
जब मुजफ्फरपुर बना आज़ादी की जंग का गढ़: खुदीराम, शारदा और सहदेव की अनसुनी कहानी
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