होमSocietyउत्तराखंड में बादल फटने और बाढ़ की तबाही: जारी राहत और बचाव...

उत्तराखंड में बादल फटने और बाढ़ की तबाही: जारी राहत और बचाव कार्य

Published on

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को दो बड़े बादल फटने से बाढ़ आ गई, जिससे उच्च पहाड़ी गांवों, खासकर धाराली और सुखी टॉप क्षेत्रों में भारी तबाही मच गई। इस आपदा में अब तक चार लोगों की जान चली गई है और कई लोग लापता हैं। खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के बावजूद बचाव कार्य जारी हैं। भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।

धाराली गांव में सबसे ज्यादा तबाही

बाढ़ ने धाराली गांव को किया बर्बाद

उत्तरकाशी जिले के धाराली गांव को बाढ़ का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कीर गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अचानक जलप्रलय आया और धाराली गांव को अपनी चपेट में ले लिया। धाराली गांव जो नदी के किनारे स्थित है, इस बाढ़ के कारण पूरी तरह से तबाह हो गया। मंगलवार दोपहर 1:40 बजे जब बादल फटा, तो बारिश के लगातार होने से बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया।

गांव का लगभग आधा हिस्सा जलमग्न हो गया और मलबे में दबकर कई लोग लापता हो गए। बचाव टीमें लगातार मलबे में दबे हुए लोगों की तलाश कर रही हैं, हालांकि लगातार हो रही बारिश और कठिन परिस्थितियों ने काम को और कठिन बना दिया है।

बचाव और राहत कार्य तेज़ी से जारी

भारतीय सेना और अन्य एजेंसियों द्वारा राहत कार्यों में जुटी टीमें

बदले हुए मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, उत्तराखंड में बचाव कार्य जारी हैं। भारतीय सेना ने 150 कर्मियों की एक टीम तैनात की है, जो आईटीबीपी और एसडीआरएफ के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। सेना के ट्रैकर डॉग्स, ड्रोन और हेलीकॉप्टर को भी राहत सामग्री पहुँचाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए लगाया गया है।

भारतीय वायुसेना ने भी चिनूक, Mi-17 V5, ALH और चीता हेलीकॉप्टरों को चंडीगढ़ एयरबेस पर स्टैंडबाई पर रखा है, ताकि मौसम के ठीक होते ही इनका इस्तेमाल राहत कार्यों के लिए किया जा सके।

चार लोगों की मौत, कई लोग लापता

उत्तरकाशी में बाढ़ ने की जानलेवा तबाही

बादल फटने और बाढ़ की इस आपदा में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, कई लोग लापता हैं और राहत कार्यों में जुटी टीमें उन लोगों की तलाश कर रही हैं। बुधवार को धाराली गांव से एक शव बरामद किया गया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। लगातार हो रही बारिश और मलबे के कारण बचाव कार्यों में काफी कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन बचाव दल हर संभव कोशिश कर रहा है।

उत्तरकाशी में बारिश और राहत कार्य जारी

मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी जिले के धाराली क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत कार्यों के लिए भारतीय सेना, एनडीआरएफ, और अन्य एजेंसियों के साथ पूरी तरह से समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार बारिश और कठिन मौसम के बावजूद, सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता दी जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री धामी से की बात, केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बातचीत कर स्थिति का लिया जायजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और बाढ़ और बादल फटने की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी को आपदा की ताजा स्थिति और राहत कार्यों की प्रगति के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को सूचित किया कि राज्य सरकार पूरी तरह से राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई है, और सभी संबंधित एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया और राज्य सरकार को सहायता देने के लिए तैयार रहने की बात कही।

उत्तरकाशी में स्कूलों की छुट्टी, मौसम खराब रहने का अनुमान

उत्तरकाशी में भारी बारिश और राहत कार्यों के कारण स्कूलों की छुट्टी

उत्तरकाशी जिले में बाढ़ और बादल फटने के मद्देनजर प्रशासन ने बुधवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों और आंगनवाड़ियों को बंद करने का आदेश दिया। यह फैसला खराब मौसम और राहत कार्यों की कठिनाइयों को देखते हुए लिया गया है। स्कूलों की बंदी से बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी, जबकि राहत कार्यों में कोई बाधा न आए।

उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

मौसम विभाग ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में और अधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस बारिश से स्थिति और खराब हो सकती है, और यह राहत कार्यों को और जटिल बना सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और स्थानीय प्रशासन को अधिक तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में बाढ़ और बादल फटने का कारण

बारिश और बादल फटने के कारण आई बाढ़

उत्तरकाशी जिले में बाढ़ और बादल फटने की घटना का कारण लगातार हो रही बारिश और अचानक बादल फटना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक उत्तरकाशी जिले में छह मौसम केंद्रों ने 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की। हालांकि यह बारिश हल्की से मध्यम थी, लेकिन यह लगातार तीन दिन तक हो रही थी, जिससे बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई।

मंगलवार दोपहर 1:40 बजे, कीर गंगा नदी में बादल फटने से अचानक जलप्रलय हो गया, जिससे धाराली गांव में भारी तबाही मच गई। मूसलधार बारिश और बादल फटने ने इस प्राकृतिक आपदा को और भी विकराल बना दिया, जिससे गांव का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो गया।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने और बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। राहत कार्य लगातार जारी हैं, और कई सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियां प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए जुटी हुई हैं। इस आपदा में बहुत से लोग प्रभावित हुए हैं, और राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्रीय सरकार भी उन्हें सहायता देने के लिए सक्रिय है।

यह प्राकृतिक आपदा उत्तराखंड के लिए एक बड़ा संकट है, लेकिन सरकारी प्रयासों से धीरे-धीरे स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है। इन कठिन परिस्थितियों में सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मदद मिल सके और बाढ़ की स्थिति को काबू किया जा सके।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

चीन का अगला निशाना अरुणाचल प्रदेश? तिब्बत से ताइवान तक की रणनीति

क्या तिब्बत से ताइवान तक चीन की रणनीति में कोई समानता दिखाई देती है?...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

More like this

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...