बिहार के उभरते हुए क्रिकेट खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के लिए आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में वैभव को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। महज 14 साल की उम्र में खेल जगत में कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त करने वाले वैभव का चयन इस प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान के लिए किया गया है। राष्ट्रपति भवन में होने वाले इस कार्यक्रम में उन्हें एक सम्मान पत्र और मेडल के साथ 1 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। इस औपचारिक समारोह के समापन के बाद वैभव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी व्यक्तिगत रूप से मिलने का गौरव प्राप्त होगा।
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वैभव सूर्यवंशी इस विशेष सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए बुधवार को ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण वह विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा सत्र में बिहार की टीम का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। मणिपुर के खिलाफ होने वाले मैच में बिहार की टीम को अपने इस स्टार बल्लेबाज के बिना ही मैदान पर उतरना पड़ेगा। हालांकि उनकी इस अनुपलब्धता के बावजूद टीम प्रबंधन और राज्य के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। वैभव की यह उपलब्धि बिहार क्रिकेट के बढ़ते ग्राफ और राज्य की खेल प्रतिभा को नेशनल स्तर पर नई पहचान दिला रही है।
लिस्ट-A क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड
वैभव ने हाल ही में प्लेट ग्रुप के एक मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेलकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उन्होंने मैच के पहले ही दिन आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 36 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया था। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे युवा शतकवीर बनने का गौरव हासिल कर लिया। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जहूर इलाही द्वारा 39 साल पहले बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। वैभव ने अपनी उस यादगार पारी में केवल 84 गेंदों का सामना करते हुए कुल 190 रन बनाए थे।
बिहार टीम के उप-कप्तान के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे वैभव की बल्लेबाजी शैली बेहद आक्रामक और तकनीकी रूप से सक्षम है। अपनी इस रिकॉर्ड पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों ओर कुल 16 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के जड़े थे। उन्होंने पारी के 12वें ओवर की पहली गेंद पर ही अपना सैकड़ा पूरा कर लिया था जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। इतना ही नहीं वैभव ने सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया है। इस मामले में उन्होंने एबी डिविलियर्स और जोस बटलर जैसे महान खिलाड़ियों के पिछले आंकड़ों को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार और वैभव की प्रेरणादायक कहानी
केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1996 में की गई थी। यह सम्मान देश के उन चुनिंदा बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण साहस या प्रतिभा का प्रदर्शन किया हो। इस पुरस्कार के लिए 5 से 18 वर्ष की आयु के उन बच्चों का चयन किया जाता है जो भारत के नागरिक हैं। इस वर्ष पूरे देश से कुल 20 प्रतिभाशाली बच्चों को इस गौरवशाली सम्मान के लिए चुना गया है। पुरस्कार के रूप में मिलने वाला मेडल और सर्टिफिकेट इन बच्चों के भविष्य के करियर के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होता है।
वैभव सूर्यवंशी की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बिहार राज्य के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनकी मेहनत और खेल के प्रति जुनून ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती है। एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक का सफर तय करने वाले वैभव अब लाखों युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं। उनके द्वारा बनाए गए यह क्रिकेट रिकॉर्ड आने वाले समय में नए खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे। आज का यह सम्मान समारोह वैभव के करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



