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काशी के क्रीकुण्ड में उमड़ा भक्तों का जन सैलाब

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संजय कुमार सिंह
उत्तर प्रदेश के ‌काशी स्थित विश्वविख्यात अघोरपीठ पर गुरु पूर्णिमा की ऐसी धूम मची कि तीन रोज बाद तक भी श्रद्धलाओं के आने का तांता लगा हुआ है। काशी को शिव नगरी कहा जाता है। यह संत और महात्माओं का भी शहर है। इसी शहर के रविन्द्रपुररी में बाबा कीनाराम स्थल गुरु पूर्णिमा के मौके पर अद्भूत पंरपंराओं का सदियों से निर्वहन होता आया है और इसे देखने और महसूस करने के लिए दूर दूर से श्रद्धलाओं का जथ्था यहां आता है।

अघोरपीठ पर अघोरी परम्परा से सुविख्यात अघोरपीठ बाबा कीनाराम स्थल पर गुरु परंपरा का अलग तरीके से पालन होता है। इस पावन दिन पर अघोर परम्परा के मुखिया एवं वर्तमान पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी का दर्शन व आशिर्वाद पाने के लिए सुबह से हीं उनके भक्तो का तांता लगा रहता है। इस वर्ष वाराणसी के भेलूपुर शिवाला स्थित इस गुरुपीठ में जन सैलाब ही उमड़ पड़ी।
मौके पर पीठाधीश्वर गौतम राम ने बाबा कीनाराम के प्रतिमा पर माल्यार्पण करके और दीप प्रज्वलित करके विशेष पूजा अर्चना की है। इस मौके पर हरहर महादेव के जय घोष से पूरा इलाका गुंजेयमान हो गया। सायंकाल में सतसंग संगोष्ठी को सुनने के लिए भारी भीड़ जुटी। डॉ. प्रज्ञा ओझा व सुश्री श्रधा ओझा के मंगलाचरण गायन से इस संगोष्ठी की शुरूआत हुई। इसके बाद भजन व गुरु वंदना का कार्यक्रम हुआ है। मुम्बई से आए संभव हरीश, मृण्मयी, तेजल एवं योगिता ने सभी को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। इसके बाद सामूहिक भजन एवं संक्षिप्त नाटक प्रोजेक्टर के माध्यम से डॉ. मधु सिंह व प्राची अस्थाना ने नाटक का संचालन किया।
इस मौके पर आयोजित सभा को पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने संबोधित किया। इस मौके पर सर्वश्री अरूण कुमार, सांसद रामसकल, डॉ. सूबेदार सिंह, अशोक पांडेय, डॉ. गया सिंह, सीएन ओझा, रामजनम सिंह आदि ने अपने विचार रखे। संस्था के अरूण सिंह, संगीता, सिहं, धनन्जय सिंह, गुंजन, नाना, वीरेंद्र, कान्ता, मिन्टु सर्वेश, गोलू, नवीन, गोवर्धन, अभिषेक, जसवंत, फागू आदि की भूमिका की खूब सराहना हुई। की सहयोग सराहनीय रही। संचालन सूर्यनाथ सिहं व धन्यवाद ज्ञापन वृजभान जी ने किया।

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