प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 125वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में उन्होंने हाल के दिनों में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र किया, साथ ही बचाव कर्मियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। मोदी ने जम्मू-कश्मीर की नई उपलब्धियों, शहडोल के फुटबॉल गांव की कहानी, किसानों के लिए सोलर लाइट से होने वाले लाभ और आने वाले त्योहारों में Swadeshi अपनाने पर भी विस्तार से बात की।
प्राकृतिक आपदाएं देश की परीक्षा ले रही हैं
प्रधानमंत्री ने सबसे पहले मानसून के दौरान देश में आई बाढ़ और भूस्खलन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन आपदाओं ने कई राज्यों में तबाही मचाई है। घर बह गए, खेत बर्बाद हो गए और परिवारों को अपनों को खोना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि नदियों के तेज बहाव ने पुलों को भी बहा दिया है, जिससे लोगों का जीवन कठिन हो गया है।
मोदी ने कहा कि हर भारतीय इन घटनाओं से दुखी है और जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए हैं, उनका दर्द पूरा देश महसूस कर रहा है। उन्होंने बचाव कर्मियों और राहत दलों को नमन करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और साहस ने हजारों लोगों को जीवनदान दिया है।
बचाव दलों की भूमिका पर सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदा के समय जो टीमें राहत कार्य करती हैं, वे सच्ची सेवा भावना का प्रतीक हैं। वे न सिर्फ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाती हैं, बल्कि उनमें विश्वास भी जगाती हैं। उन्होंने अपील की कि देशवासी भी हर संभव मदद करें और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हों।
सरकार की ओर से भी भरोसा दिलाया गया कि हर राज्य को सहयोग मिलेगा और राहत कार्य तब तक जारी रहेंगे, जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते।
जम्मू-कश्मीर की खास उपलब्धियां
बाढ़ और बारिश से उपजे हालात के बीच प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से आई सकारात्मक खबरों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलवामा के एक स्टेडियम में हजारों दर्शकों की मौजूदगी में पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच खेला गया। यह आयोजन केवल एक खेल मुकाबला नहीं था, बल्कि यह प्रदेश में नई ऊर्जा और शांति का प्रतीक है।
उन्होंने आगे बताया कि डल झील में वाटर स्पोर्ट्स का सफल आयोजन हुआ, जिसे पहले असंभव माना जाता था। मोदी ने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर की बदलती तस्वीर है और यह वहां के युवाओं को नए अवसर प्रदान करेगा।
त्योहारों में स्वदेशी अपनाने की अपील
मोदी ने अपने संबोधन में त्योहारों के मौसम का जिक्र किया और कहा कि यह समय न केवल खुशी का है बल्कि Swadeshi अपनाने का भी है। उन्होंने कहा कि जब हम भारत में बने उत्पाद खरीदते हैं, तो इससे न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है बल्कि Atmanirbhar Bharat का सपना भी साकार होता है।
उन्होंने जनता से अपील की कि उपहार और अन्य खरीदारी करते समय Made in India वस्तुओं को प्राथमिकता दें। उनका मानना है कि हर स्वदेशी उत्पाद देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है और लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ा होता है।
किसानों के लिए सोलर लाइट का महत्व
प्रधानमंत्री ने किसानों के जीवन में बदलाव लाने वाली पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोलर लाइट से किसानों की लागत घट रही है और कामकाज आसान हो रहा है। इससे ऊर्जा की बचत होती है और पर्यावरण की भी रक्षा होती है।
मोदी ने बताया कि सोलर ऊर्जा से गांवों में नई संभावनाएं खुल रही हैं। किसान अब रात में भी खेतों में काम कर पा रहे हैं और बिजली पर निर्भरता घटा रहे हैं। यह न केवल आर्थिक लाभ है बल्कि टिकाऊ विकास की ओर एक बड़ा कदम भी है।
शहडोल का फुटबॉल गांव
पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का भी जिक्र किया जिसे अब फुटबॉल गांव कहा जाने लगा है। उन्होंने कहा कि यहां बच्चों का फुटबॉल के प्रति जुनून गांव को नई पहचान दे रहा है। स्थानीय लोगों और समुदाय ने मिलकर इस खेल को बढ़ावा दिया है।
उन्होंने कहा कि शहडोल का यह उदाहरण बताता है कि जब समुदाय मिलकर काम करता है तो बड़ा बदलाव संभव है। यहां से निकल रही नई प्रतिभाएं भविष्य में देश का नाम रोशन करेंगी।
मन की बात के 125वें संस्करण में प्रधानमंत्री मोदी ने जहां आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, वहीं देशवासियों को एकजुट रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने बचाव दलों की सराहना की, जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों को साझा किया और किसानों के लिए सोलर ऊर्जा को भविष्य की कुंजी बताया।
सबसे अहम बात उन्होंने त्योहारों के मौसम में Swadeshi को अपनाने पर जोर दिया और कहा कि Made in India उत्पाद खरीदना ही असली देशभक्ति है। उनका संदेश साफ था—भारत की ताकत एकजुटता, आत्मनिर्भरता और नवाचार में है।
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