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काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप अवैध सुरंग

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सुरक्षा में भारी चूक, नीचे बस गया शहर

पूजा श्रीवास्तव

वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर से चंद क़दमों की दूरी पर अवैध रूप से अंडरग्राउंड मार्केट का निर्माण हो गया और किसी को इसकी भनक नही मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पुलिस और जिला प्रशासन की लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आते ही प्रशासनिक गलियारे में खलबली मच गयी है।

ताज्जुब की बात है कि पिछले एक साल से इस अवैध मिनी मार्केट का निर्माण चल रहा था और किसी को कानों कान खबर नहीं हुई। इमारतों को ढहाए बिना ही फुटबॉल मैदान जितने बड़े इलाके में निर्माण हो गया। जिस जगह पर यह काम हो रहा था वह काफी घनी आबादी वाला इलाका है।
ऐसे हुआ खुलाशा
काशी के दालमंडी में तैयार हो रहे इस अंडरग्राउंड शहर का खुलासा आधी रात को तब हुआ, जब कप्तान आरके भरद्वाज गश्त पर निकले। एसएसपी सोमवार देर रात चौक थाना पहुंचे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित पूर्वांचल के सबसे बड़े बाजार और सैकड़ों साल पुराने बाजार दालमंडी इलाके से अतिक्रमण हटाने के संबंध में पूर्व में दिए निर्देश का निरिक्षण करने पहुंचे एसएसपी की नजर लंगड़ा हाफिज मस्जिद के सामने एक कटरे में बेसमेंट से निकलती रोशनी पर पड़ी। पुराने मकान में बेसमेंट निर्माण की बात पता चलने पर पार्किंग की व्यवस्था देखने के लिए उत्सकुतावश एसएसपी तहखाने में नीचे उतर गए। वहां पहुंचकर कप्तान की आंखें खुली की खुली रह गईं।
कप्तान के साथ चौक पुलिस भी हैरान रह गई, क्योंकि कटरे का मुहाना दालमंडी से शुरू हुआ और बेनियाबाग पार्क की तरफ जाने वाले रास्ते पर जाकर खत्म हुआ। बेसमेट में लगभग 40 बिस्वा में अंदर एक के बाद एक कई कटरे बने थे। जैसे-जैसे पड़ताल आगे बढ़ती गई, चौंकाने वाले खुलासे होते गए
मंदिर की सुरक्षा में सेंध
बाबा विश्वनाथ के आंगन से महज कुछ दूरी पर धरती के अंदर बस गए इस मिनी शहर ने सबके पसीने छुड़ा दिए। बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर के अति संवेदनशील यलो जोन से इसकी दूरी करीब सौ मीटर है। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा में सेंध लगने की बात को भी नकारा नहीं जा सकता।
हैरान कप्तान ने एक ओर जहां लोकल पुलिस की क्लास लेते हुए पूरे इलाके की रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया। वहीं जिला प्रशासन, नगर निगम और वीडीए को इसकी सूचना दे दी। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां एलर्ट हो गई हैं। आशंका जतायी जा रही है कि ये निर्माण लगभग एक साल से चल रहा था।

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