होमEconomyBusinessGold-Silver Price : गणेश चतुर्थी पर सोना महंगा, चांदी सस्ती

Gold-Silver Price : गणेश चतुर्थी पर सोना महंगा, चांदी सस्ती

Published on

गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर देशभर के सर्राफा बाजारों में सोना और चांदी के भाव में बदलाव देखने को मिला। जहां सोने के दामों में तेजी दर्ज की गई वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट आई। भोपाल के सराफा बाजार में आज सोना ₹101,190 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी ₹610 प्रति किलो सस्ती हुई। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही खरीदारों की नजरें Gold-Silver Price Today पर टिकी हुई हैं।

भोपाल में सोने-चांदी के ताजा भाव

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बुधवार को सोने के रेट में मामूली बढ़त देखी गई।

  • 22 कैरेट सोना: ₹92,785 प्रति 10 ग्राम (बीते दिन ₹92,666)

  • 24 कैरेट सोना: ₹101,190 प्रति 10 ग्राम (बीते दिन ₹101,090)

वहीं चांदी के भाव में गिरावट आई है।

  • चांदी का रेट: ₹116,360 प्रति किलो (बीते दिन ₹116,970)

देशभर में सोना-चांदी का हाल

राष्ट्रीय स्तर पर भी सोने के दाम में तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना ₹101,270 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि मंगलवार को यह ₹101,180 था। इसके विपरीत चांदी का रेट ₹117,050 से घटकर ₹116,440 प्रति किलो हो गया।

त्योहारी मांग की वजह से Gold Price Today में बढ़त देखने को मिली है। दूसरी ओर Silver Price Today में गिरावट से निवेशकों और ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है।

सोना क्यों महंगा और चांदी क्यों सस्ती?

गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों पर पारंपरिक रूप से सोने की खरीद शुभ मानी जाती है। इसी वजह से इन दिनों सोने की मांग बढ़ जाती है और भाव चढ़ जाते हैं। वहीं चांदी का भाव ज्यादातर औद्योगिक मांग पर निर्भर करता है। हाल के दिनों में ग्लोबल मार्केट में डिमांड घटने से Silver Rate Today में गिरावट आई है।

हॉलमार्क सोना ही खरीदें

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की खरीदी के समय हमेशा उसकी क्वालिटी पर ध्यान देना जरूरी है। असली सोना पहचानने के लिए Hallmark जरूरी है। भारत में Bureau of Indian Standards (BIS) हॉलमार्क जारी करता है और हर कैरेट के लिए अलग अंक निर्धारित किए जाते हैं। बिना हॉलमार्क के सोना खरीदने पर मिलावट का खतरा बढ़ जाता है।

निवेश और परंपरा दोनों का मेल

भारत में सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि निवेश और परंपरा दोनों का प्रतीक है। गणेश चतुर्थी, दीवाली और अक्षय तृतीया जैसे पर्वों पर Gold Buying शुभ मानी जाती है। इसके अलावा निवेशक भी सोने को सुरक्षित संपत्ति मानते हैं। यही वजह है कि हर त्योहारी सीजन में Gold Rate Today बढ़ जाते हैं।

वहीं चांदी भी परंपरा और निवेश दोनों में अहम मानी जाती है। कई परिवार त्योहारों पर चांदी के सिक्के, बर्तन और गहने खरीदना पसंद करते हैं। हालांकि इसके भाव में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिलता है।

त्योहारी सीजन में बाजार का रुख

गणेश चतुर्थी के साथ ही त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सोने की मांग और बढ़ सकती है जिससे Gold Prices में और तेजी आएगी। शादी के सीजन के चलते भी सोने की खरीदी बढ़ेगी। वहीं चांदी के भाव में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है क्योंकि त्योहारों और शादियों में इसकी मांग बढ़ जाती है।

27 अगस्त 2025 को गणेश चतुर्थी पर सोने और चांदी के भाव में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। सोना महंगा होकर ₹101,000 से ऊपर पहुंच गया जबकि चांदी ₹600 से ज्यादा सस्ती हुई। भोपाल समेत देशभर में सोने की बढ़ती कीमतें त्योहार और शादी सीजन में मजबूत मांग की ओर इशारा कर रही हैं।

खरीदारों को सलाह है कि सोना खरीदते समय हमेशा Hallmark Gold ही चुनें और Silver Price पर भी नजर बनाए रखें। आने वाले दिनों में bullion market में और हलचल देखने को मिल सकती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

गुमनाम हकीकत: जब इतिहास के खामोश पन्ने अपनी कहानी कहने लगते हैं

पुस्तक समीक्षा इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना शायद यह है कि जो दर्ज है,...

More like this

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...