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सोना 1 लाख के करीब: क्या अक्षय तृतीया 2025 से पहले ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम को पार करेगा सोने का भाव?

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KKN गुरुग्राम डेस्क | अक्षय तृतीया 2025 की तारीख जैसे-जैसे नज़दीक आ रही है (30 अप्रैल), वैसे ही भारत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। दिल्ली में मंगलवार (15 अप्रैल) को सोना ₹96,450 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया — जो अब तक का सर्वाधिक भाव है। यह कीमत अब सिर्फ ₹3,550 दूर है ₹1,00,000 के आंकड़े से।

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अब यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या अक्षय तृतीया से पहले ही सोने का दाम ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम को पार कर जाएगा? विशेषज्ञों और ज्वेलर्स का मानना है कि यह संभव है, खासकर जब बाजार में मांग अपने चरम पर हो।

 क्या है अक्षय तृतीया और इसका सोने से क्या संबंध है?

अक्षय तृतीया, जिसे अखा तीज भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार अत्यंत शुभ तिथि मानी जाती है। इस दिन सोना खरीदना धन, समृद्धि और शुभ फल का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण हर साल इस दिन भारत में सोने की मांग कई गुना बढ़ जाती है।

विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में लोग इस दिन भारी मात्रा में सोने के आभूषण और सिक्के खरीदते हैं, जिससे कीमतें और ऊपर चली जाती हैं।

 अप्रैल 2025 में सोने की कीमतों की स्थिति

  • दिल्ली में 15 अप्रैल को भाव: ₹96,450 प्रति 10 ग्राम

  • ₹1,00,000 तक पहुंचने में अंतर: सिर्फ ₹3,550

  • 2025 में अब तक की वृद्धि: 22% से अधिक

  • 2024 में अक्षय तृतीया पर कीमत: ₹78,400 प्रति 10 ग्राम

 सोने की कीमतों में उछाल के मुख्य कारण

1. वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका

अमेरिका और यूरोप में आर्थिक सुस्ती, मंदी का डर, और ब्याज दरों में कटौती जैसे संकेतों ने निवेशकों को सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है — और सोना इसमें सबसे आगे है।

2. भूराजनीतिक तनाव

मध्य पूर्व, रूस-यूक्रेन संघर्ष, और दक्षिण चीन सागर में तनाव के चलते वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ी है। निवेशक सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

3. चीन के रिकॉर्ड गोल्ड रिजर्व

चीन ने इस साल अपने सोने के भंडार में रिकॉर्ड वृद्धि की है। इससे वैश्विक मांग बढ़ी है और आपूर्ति पर दबाव पड़ा है, जिससे कीमतें ऊपर गई हैं।

4. भारतीय रुपये में गिरावट

डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहे रुपये के कारण सोना भारत में और महंगा हो गया है। विदेशी बाजार में स्थिर कीमतें होने के बावजूद, घरेलू बाजार में भाव चढ़ा हुआ है।

5. निवेशकों का रुझान सेफ-हेवन की ओर

शेयर बाजार और क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव की वजह से निवेशकों का रुझान गोल्ड ईटीएफ, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और फिजिकल गोल्ड की ओर बढ़ा है।

क्या अक्षय तृतीया से पहले ₹1 लाख का आंकड़ा पार करेगा सोना?

विशेषज्ञों की राय:

  • ICICI सिक्योरिटीज: वैश्विक ट्रेंड्स ऐसे ही रहे तो ₹1,00,500 तक पहुंच सकता है सोना।

  • मोतिलाल ओसवाल: घरेलू मांग अक्षय तृतीया से पहले कीमत को ₹1 लाख पार करा सकती है।

  • IBJA (भारत बुलियन और ज्वैलर्स एसोसिएशन): “बुकिंग पिछले साल की तुलना में 20% अधिक है। ₹1 लाख का आंकड़ा नजदीक है।”

 ग्राहकों का रुझान: खरीदारी या इंतजार?

देशभर के ज्वैलर्स का कहना है कि प्री-बुकिंग और फुटफॉल बढ़ा है, लेकिन कई ग्राहक कीमत में गिरावट की उम्मीद में रुक भी रहे हैं।

ग्राहक क्या कह रहे हैं?

  • “शादी के लिए अभी बुकिंग करवा रहे हैं, रोज़ भाव बढ़ रहा है।” – ग्राहक, मुंबई

  • “सरकार अगर इंपोर्ट ड्यूटी कम करे तो थोड़ी राहत मिल सकती है।” – दुकानदार, कोलकाता

  • “थोड़ी भी गिरावट आई तो भारी खरीदारी होगी।” – बाजार विश्लेषक, चेन्नई

 वर्ष दर वर्ष अक्षय तृतीया पर सोने की कीमत

 

वर्ष कीमत (₹ प्रति 10 ग्राम) वार्षिक वृद्धि
2021 ₹47,350 —
2022 ₹51,600 +9%
2023 ₹59,200 +14.7%
2024 ₹78,400 +32.4%
2025 ₹96,450 (15 अप्रैल तक) +22% (YTD)

इस ट्रेंड को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमत ₹1,05,000 तक भी जा सकती है।

 क्या अब सोने में निवेश करना सही है?

 निवेश करने के कारण:

  • बढ़ती महंगाई के खिलाफ सुरक्षा

  • लंबी अवधि में सुरक्षित संपत्ति

  • त्योहारी मांग से मूल्य में स्थिरता

 सावधानी के संकेत:

  • त्योहारी बाद सुधार की संभावना

  • अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव

  • तकनीकी रूप से ओवरबॉट संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि कुल निवेश का 10-15% सोने में रखना समझदारी है।

?? सरकार की भूमिका और बाजार नीति

अब तक सरकार की ओर से कोई नई नीति सामने नहीं आई है। लेकिन ज्वैलर्स की मांग है कि:

  • इंपोर्ट ड्यूटी कम की जाए (वर्तमान में 15%)

  • डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा दिया जाए

  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को सरल बनाया जाए

 अंतरराष्ट्रीय रुझान

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत $2,430 प्रति औंस तक पहुंच चुकी है, जो जनवरी 2025 में $2,010 थी। रूस, चीन और मध्य पूर्व के देशों के सेंट्रल बैंकों द्वारा लगातार खरीदारी ने वैश्विक कीमतों को सहारा दिया है।

शुद्धता और धोखाधड़ी से बचाव

जैसे-जैसे कीमतें बढ़ रही हैं, नकली सोने, अशुद्ध आभूषण और गोल्ड लोन धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। सलाह दी जाती है कि:

  • केवल हॉलमार्क किया हुआ सोना खरीदें

  • BIS Care App से प्रमाणिकता जांचें

  • विश्वसनीय ज्वैलर्स से ही खरीदारी करें

अक्षय तृतीया 2025 से पहले ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार करना अब सिर्फ समय की बात लग रही है। बाजार में तेजी है, मांग ऊंची है और वैश्विक स्थिति अनिश्चित।

यदि आप परंपरागत रूप से या निवेश के तौर पर सोना खरीदना चाहते हैं, तो ये सही समय हो सकता है। हालांकि, बाजार में स्थिरता आने के बाद कीमतों में सुधार की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता।

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