होमBiharबिहार मौसम अपडेट: जल्द लौटेगा मॉनसून, मिलेगी गर्मी और उमस से राहत

बिहार मौसम अपडेट: जल्द लौटेगा मॉनसून, मिलेगी गर्मी और उमस से राहत

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बिहार इन दिनों लगातार सूखे मौसम से जूझ रहा है। कई जिलों में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सितंबर के शुरुआती दिनों में गर्मी का असर मई और जून की तरह महसूस हो रहा है। लगातार हो रही बारिश की कमी से किसानों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी। 8 सितंबर से मॉनसून एक बार फिर सक्रिय होगा और 10 सितंबर से बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।

बिहार का मौजूदा मौसम

नो रेन डे की वजह से पूरे प्रदेश में तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। 5 सितंबर को हल्की बूंदाबांदी का अनुमान लगाया गया था लेकिन राज्य में कहीं भी जोरदार बारिश नहीं हुई। केवल भागलपुर, शेखपुरा और मुंगेर जैसे कुछ जिलों में बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई। ज्यादातर जिले सूखे मौसम से ही गुजरते रहे। फिलहाल मौसम विभाग ने भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है, यानी अगले कुछ दिनों तक उमस और गर्मी से ही जूझना होगा।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि मॉनसून फिर से मजबूत हो रहा है। इसका असर 8 सितंबर से दक्षिण बिहार के जिलों में दिखने लगेगा। 10 सितंबर से यह सिस्टम और ताकतवर होगा और कई हिस्सों में गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इस बारिश से लोगों को राहत मिलेगी और किसानों के खेतों में भी नई उम्मीद जगेगी।

मॉनसून की स्थिति

इस साल बिहार में मॉनसून की रफ्तार सुस्त रही है। सामान्य तौर पर मानसून सीजन में 1137 मिमी बारिश होती है, लेकिन अब तक आधे से भी कम पानी गिरा है। कुल मिलाकर 30 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। राज्य के 31 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।

पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, सहरसा और सुपौल जैसे जिलों में 50 से 62 प्रतिशत तक बारिश की कमी बनी हुई है। वहीं, पटना, गया, नालंदा, बांका, लखीसराय, शेखपुरा और नवादा जैसे जिलों में सामान्य या उससे थोड़ी अधिक बारिश दर्ज की गई है। फिर भी पूरे राज्य की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

किसानों की बढ़ी चिंता

बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ रहा है। धान और खरीफ की अन्य फसलें पानी के अभाव में प्रभावित हो रही हैं। खेत सूख रहे हैं और सिंचाई की व्यवस्था कमजोर हो गई है। खासकर उत्तर और पूर्व बिहार के किसान पानी की कमी से ज्यादा परेशान हैं। नदियों और तालाबों का जलस्तर गिरने से उनकी चिंताएं और भी गहरी हो गई हैं। समय पर बारिश नहीं होने पर कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

तापमान की स्थिति

राज्य में इन दिनों अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सितंबर में ऐसी गर्मी असामान्य मानी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक इसी तरह का मौसम रहेगा। हालांकि 8 सितंबर से बारिश शुरू होने के बाद तापमान में लगभग तीन डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को राहत मिलेगी और मौसम सुहाना होगा।

भारी बारिश का अलर्ट

अभी फिलहाल कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है लेकिन 8 सितंबर से हालात बदलने वाले हैं। सबसे पहले दक्षिण बिहार के जिलों में मॉनसून सक्रिय होगा और फिर धीरे-धीरे यह पूरे प्रदेश में फैल जाएगा। 10 सितंबर से गरज-चमक और तेज बारिश की संभावना है। यह बारिश केवल मौसम को ठंडा नहीं करेगी बल्कि खेती-किसानी को भी संजीवनी देगी।

बारिश की कमी का असर

30 प्रतिशत तक की बारिश की कमी ने प्रदेश की जल व्यवस्था पर सीधा असर डाला है। तालाब और छोटे जलाशय तेजी से सूख रहे हैं। भूजल स्तर पर भी दबाव बढ़ गया है। शहरी इलाकों में लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में फसलों की पैदावार प्रभावित हो रही है। अगर आने वाली बारिश इस कमी को पूरा नहीं कर पाई तो बिहार को कृषि संकट का सामना करना पड़ सकता है।

8 सितंबर से शुरू होने वाली बारिश राज्य के लिए उम्मीद लेकर आएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह दौर कई दिनों तक जारी रहेगा। किसानों का मानना है कि अगर यह अनुमान सही साबित हुआ तो फसलों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, तापमान में कमी से आम लोग भी उमस भरी गर्मी से छुटकारा पाएंगे।

बिहार इस समय भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहा है। बारिश की कमी 30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और सितंबर की गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार अब राहत ज्यादा दूर नहीं है। 8 सितंबर से मॉनसून की वापसी होगी और 10 सितंबर से भारी बारिश का दौर शुरू होगा। किसान और आम लोग इस बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि यह न केवल फसलों को जीवन देगी बल्कि पूरे राज्य को भीषण गर्मी से राहत दिलाएगी।

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