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बिहार ने शुरू किया ‘एकलव्य खेल कार्यक्रम’ का पहला चरण, आठ जिलों में खोले गए रेजिडेंशियल ट्रेनिंग सेंटर

बिहार सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी ‘एकलव्य खेल कार्यक्रम’ के पहले चरण की शुरुआत की है। इसके तहत राज्य के आठ जिलों में 12 राज्य रेजिडेंशियल खेल प्रशिक्षण केंद्रों का उद्घाटन किया गया है। यह कार्यक्रम राज्य में खेलों के विकास को बढ़ावा देने के लिए किया गया है, जिसमें युवा एथलीटों को पहचानने और उनकी प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

एकलव्य खेल प्रशिक्षण केंद्रों का उद्घाटन

इन केंद्रों का उद्घाटन बक्सर, सीतामढ़ी, मुंगेर, नालंदा, पटना, सिवान, कैमूर और बेगूसराय जिलों में किया गया है। ये केंद्र उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर और आवासीय सुविधाओं से सुसज्जित हैं, ताकि युवा एथलीटों को प्रशिक्षण के साथ-साथ रहन-सहन और पोषण की सुविधाएं भी मिल सकें। इन केंद्रों का उद्देश्य राज्य में खेलों के विकास को बढ़ावा देना और गांव-शहर के युवा खिलाड़ियों को पेशेवर कोचिंग देना है।

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA) के महानिदेशक रविंद्रन शंकरन ने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री के खेल विकास कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि हम कम उम्र में ही प्रतिभाओं को पहचानें और उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण, आवास, पोषण और आधुनिक खेल संसाधन प्रदान करें। दीर्घकालिक और वैज्ञानिक कोचिंग से हम एथलीटों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद करेंगे।”

प्रशिक्षण केंद्रों में उपलब्ध खेलों की जानकारी

हर प्रशिक्षण केंद्र को एक विशेष खेल के लिए नियुक्त किया गया है, ताकि प्रतिभाओं को उनके रुचि के अनुसार प्रशिक्षण मिल सके। इन 12 केंद्रों में निम्नलिखित खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा:

  • बक्सर: लड़कों के लिए कबड्डी प्रशिक्षण

  • सीतामढ़ी: लड़कियों के लिए कबड्डी प्रशिक्षण

  • मुंगेर: लड़कों के लिए फुटबॉल कोचिंग

  • नालंदा: लड़कों के लिए शूटिंग प्रशिक्षण

  • नालंदा: लड़कियों के लिए हॉकी प्रशिक्षण

  • पटना: लड़कों के लिए कुश्ती प्रशिक्षण

  • सिवान: लड़कियों के लिए हैंडबॉल प्रशिक्षण

  • कैमूर: लड़कों के लिए वॉलीबॉल प्रशिक्षण

  • कैमूर: लड़कों के लिए कुश्ती प्रशिक्षण

  • कैमूर: लड़कों के लिए एथलेटिक्स प्रशिक्षण

  • बेगूसराय: लड़कों के लिए ताइक्वांडो प्रशिक्षण

यह विविधतापूर्ण खेलों का चयन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि युवा एथलीट अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार किसी एक खेल में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकें। इससे ना सिर्फ टीम खेलों, बल्कि व्यक्तिगत खेलों में भी युवाओं की प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल राज्य के खेलों की प्रणाली को एक नया आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भविष्य की योजनाएं और कार्यक्रम का विस्तार

अधिकारियों ने बताया कि सभी 68 प्रस्तावित केंद्रों के स्थान, खिलाड़ी और कोच की चयन प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। बाकी बचे हुए केंद्रों का निर्माण और संगठनात्मक कार्य अभी चल रहा है। एक बार जब सभी केंद्र पूरी तरह से कार्यात्मक हो जाएंगे, तो ये बिहार के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह कार्यक्रम राज्य के युवा एथलीटों को उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करेगा।

यह पहल युवा एथलीटों को विभिन्न खेलों में विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे उन्हें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार का यह उद्देश्य है कि बिहार के हर क्षेत्र से एथलीट निकलें जो अपने-अपने खेल में उत्कृष्टता हासिल करें और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करें।

ग्रासरूट्स खेलों के विकास की आवश्यकता

एकलव्य खेल कार्यक्रम का आरंभ बिहार सरकार की ओर से खेलों के विकास को मजबूत करने के लिए किया गया है। राज्य में लंबे समय से उच्च स्तर के एथलीटों की कमी रही है, और यह पहल इस कमी को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करेगा कि युवाओं को उनके खेल के करियर की शुरुआत से ही उचित कोचिंग और संसाधन मिले, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

रेजिडेंशियल ट्रेनिंग केंद्रों का यह पहल राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उन युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिन्हें पहले ऐसे अवसर नहीं मिलते थे। इन केंद्रों के माध्यम से सरकार इन युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं और कोचिंग प्रदान करेगी, जो उनके खेल को एक नई दिशा देगा।

एकलव्य कार्यक्रम का बिहार के खेलों पर प्रभाव

एकलव्य खेल कार्यक्रम का बिहार के खेल पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। यह राज्य को एक मजबूत खेल प्रणाली के रूप में विकसित करेगा और यहां के युवाओं को प्रतियोगिता के उच्चतम स्तरों पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर देगा। आने वाले वर्षों में, इस पहल से निकले एथलीटों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा, जिससे बिहार का नाम खेल जगत में चमकेगा।

यह पहल बिहार के लिए एक नई उम्मीद और दिशा लेकर आई है, जहां युवा एथलीटों को आधुनिक सुविधाओं, कोचिंग, पोषण और प्रशिक्षण से लैस किया जाएगा। इससे राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी, और आने वाले समय में बिहार को खेलों के क्षेत्र में एक प्रमुख राज्य बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

बिहार सरकार द्वारा एकलव्य खेल कार्यक्रम के पहले चरण की शुरुआत एक ऐतिहासिक कदम है, जो राज्य के युवा एथलीटों को एक मजबूत प्रशिक्षण और संसाधन का आधार प्रदान करेगा। आठ जिलों में खोले गए 12 रेजिडेंशियल प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से, बिहार सरकार युवाओं को उनके खेल करियर में सफल बनाने के लिए हर संभव समर्थन प्रदान करेगी। जैसे-जैसे यह कार्यक्रम बढ़ेगा, यह बिहार को खेलों में एक प्रमुख राज्य बनाने में मदद करेगा, और आने वाले समय में यहां के एथलीट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।

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