आज के समय में food adulteration एक गंभीर समस्या बन चुकी है। लगभग हर खाद्य पदार्थ में मिलावट की शिकायत सामने आ रही है। अब चावल भी इस समस्या से अछूता नहीं रहा। बाजार में नकली और plastic rice की बिक्री की खबरें लोगों को चिंतित कर रही हैं।
Article Contents
चावल हर घर की रसोई का अहम हिस्सा है। लोग इसे रोजाना भोजन में शामिल करते हैं। ऐसे में अगर चावल ही नकली हो, तो इसका सीधा असर सेहत पर पड़ता है। कई बार लोग अनजाने में मिलावटी चावल का सेवन कर लेते हैं, जिससे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।
नकली चावल क्यों होता है खतरनाक
plastic rice शरीर के लिए बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं होता। यह आसानी से पचता नहीं है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है और गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर होती है। ऐसे में नकली चावल का सेवन उनकी सेहत को तेजी से नुकसान पहुंचा सकता है।
दिखने में एक जैसे होते हैं असली और नकली चावल
नकली चावल देखने में लगभग असली चावल जैसा ही होता है। इसके दाने सफेद और चमकदार नजर आते हैं। इसी कारण बाजार में इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। कई बार पकाने के बाद भी यह सामान्य चावल जैसा ही दिखाई देता है।
इसी वजह से घर पर चावल की जांच करना बेहद जरूरी हो जाता है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी लैब में जाने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू तरीकों से आप असली और नकली चावल की पहचान कर सकते हैं।
घर पर ऐसे करें असली और नकली चावल की पहचान
नकली चावल की पहचान के लिए कुछ सरल तरीके अपनाए जा सकते हैं। ये तरीके आम घरों में आसानी से किए जा सकते हैं और ज्यादा समय भी नहीं लेते।
सबसे आसान तरीका पानी का है। एक कटोरे में पानी लेकर उसमें चावल डालें। अगर चावल पानी की सतह पर तैरने लगे, तो वह नकली हो सकता है। असली चावल आमतौर पर नीचे बैठ जाता है, क्योंकि उसका वजन ज्यादा होता है। plastic rice हल्का होने के कारण ऊपर तैर सकता है।
जलाकर पहचानने का तरीका भी कारगर
नकली चावल की पहचान के लिए आग का प्रयोग भी किया जा सकता है। कुछ चावल के दानों को आग पर जलाकर देखें। अगर जलाने पर अजीब या प्लास्टिक जैसी गंध आए, तो चावल नकली हो सकता है। असली चावल जलने पर ऐसी गंध नहीं छोड़ता।
यह तरीका सावधानी के साथ करना चाहिए। गैस या माचिस का उपयोग करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।
पकाने के बाद रखने से भी मिल सकता है संकेत
चावल पकाकर उसे किसी बर्तन में चार से पांच दिनों के लिए रख दें। अगर चावल कई दिनों तक खराब नहीं होता और उसमें फंगस नहीं लगता, तो यह नकली हो सकता है। असली चावल आमतौर पर दो से तीन दिनों में खराब होने लगता है और उसमें बदबू आने लगती है।
यह तरीका समय जरूर लेता है, लेकिन इससे चावल की गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
चूने के पानी से भी हो सकती है पहचान
एक और तरीका चूने के पानी का है। चूने को पानी में घोलकर उसमें चावल डालें। अगर चावल का रंग बदल जाता है, तो वह नकली हो सकता है। असली चावल चूने के पानी में डालने पर रंग नहीं बदलता।
इस प्रक्रिया से चावल पर मौजूद केमिकल कोटिंग का पता चल सकता है।
गर्म तेल में डालकर करें अंतिम जांच
गर्म तेल का तरीका भी नकली चावल पहचानने में मदद करता है। कढ़ाही में तेल गरम करें और उसमें मुट्ठी भर चावल डालें। अगर चावल आपस में चिपकने लगे, तो वह plastic rice हो सकता है। प्लास्टिक गर्म होने पर पिघलकर चिपक जाता है।
असली चावल गर्म तेल में भी अलग-अलग ही रहता है। इस तरीके को करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
उपभोक्ताओं को क्यों रहना चाहिए सतर्क
मिलावटी भोजन धीरे-धीरे सेहत को नुकसान पहुंचाता है। इसके लक्षण तुरंत सामने नहीं आते। कई बार लोग समस्या को समझ ही नहीं पाते। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
सरकारी एजेंसियां बाजार में जांच करती रहती हैं, लेकिन हर जगह निगरानी संभव नहीं होती। ऐसे में उपभोक्ताओं की सतर्कता बहुत जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चावल हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदें। बहुत ज्यादा सस्ता चावल खरीदने से बचें। चावल के दानों की बनावट और गंध पर ध्यान दें।
अगर किसी को नकली चावल की आशंका हो, तो उसका सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी जा सकती है।
plastic rice की समस्या गंभीर होती जा रही है। चावल जैसे रोजाना इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ में मिलावट से लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में असली और नकली चावल की पहचान जानना बेहद जरूरी है।
पानी, आग, पकाने, चूने के पानी और गर्म तेल जैसे घरेलू तरीके अपनाकर आप नकली चावल से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। सतर्कता और जानकारी ही इस समस्या से बचने का सबसे अच्छा उपाय है।



