लोकप्रिय रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच से बिहार की ग्रामीण प्रतिभा को वैश्विक पहचान मिली है। अलीनगर प्रखंड की नरमा नवानगर पंचायत की मुखिया अनुराधा सिंह को देश के चार सबसे बेहतरीन मुखियाओं में चुना गया है। इस गौरवशाली उपलब्धि पर महानायक अमिताभ बच्चन ने स्वयं उनसे संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। पंचायत स्तर पर किए गए जनकल्याणकारी कार्यों के कारण उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है। अनुराधा सिंह को केबीसी की टीम की ओर से ‘उत्कृष्ट मुखिया’ का सम्मान मिलने के बाद पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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बिहार की इकलौती मुखिया का नेशनल प्लेटफॉर्म पर सम्मान
इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए पूरे बिहार से केवल अनुराधा सिंह का चयन होना गौरव की बात है। वे लगातार दो बार से अपनी पंचायत की कमान संभाल रही हैं और जनता का विश्वास जीतने में सफल रही हैं। अनुराधा सिंह भाजपा दरभंगा पूर्वी के जिला महामंत्री संजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह की पत्नी हैं। शो के दौरान टीवी स्क्रीन पर उनकी पंचायत के विकास कार्यों के कुछ विशेष दृश्य भी प्रसारित किए गए। इन दृश्यों में दिखाया गया कि कैसे एक महिला प्रतिनिधि ने अपनी पंचायत की सूरत बदलने के लिए जमीन पर काम किया है। शनिवार को दिनभर उनके पास बधाई देने वालों के फोन आते रहे।
अमिताभ बच्चन के साथ यादगार संवाद
मुखिया अनुराधा सिंह ने इस उपलब्धि पर अपनी खुशी साझा करते हुए इसे पंचायत के नागरिकों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि महानायक अमिताभ बच्चन से बातचीत करना उनके लिए एक सपना सच होने जैसा था। इस संवाद के दौरान मिले प्रोत्साहन को वे जीवनभर की सबसे अनमोल पूंजी मानती हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे अपनी पंचायत के हर गांव में एक भव्य विवाह भवन का निर्माण कराएंगी। इससे गरीब परिवारों को बेटियों की शादी में होने वाले भारी खर्च से राहत मिल सकेगी।
विकास के नए रोडमैप पर नरमा नवानगर पंचायत
विकास की इस कड़ी में अनुराधा सिंह का अगला लक्ष्य युवाओं के लिए एक आधुनिक स्टेडियम तैयार करना है। उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के अभाव के कारण प्रतिभाएं दम तोड़ देती हैं। एक व्यवस्थित स्टेडियम बनने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा। वहीं उनके पति पप्पू सिंह ने कहा कि यह सम्मान केवल एक पंचायत का नहीं बल्कि पूरे बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अन्य पंचायतों के प्रतिनिधि भी इसी तरह के उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।
समाज के लिए मिसाल बनी अनुराधा सिंह
केबीसी के माध्यम से मिली इस पहचान ने यह साबित कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो तो गांव की छोटी सरकार भी बड़े बदलाव ला सकती है। अनुराधा सिंह के कार्यों की पहचान अब बिहार की सीमाओं को लांघकर पूरे देश में पहुंच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया है। उनकी इस सफलता ने महिला सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिखी है। लोग उन्हें एक कुशल प्रशासक और संवेदनशील जनसेवक के रूप में देख रहे हैं। इलाके में चारों ओर उनकी कार्यशैली और दूरदर्शिता की चर्चा हो रही है।
भविष्य की चुनौतियां और जनसेवा का संकल्प
सम्मान मिलने के बाद अनुराधा सिंह के कंधों पर जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे टेंट और अन्य शादी के खर्चों से गरीबों को बचाने के लिए जल्द ही विवाह भवन परियोजनाओं पर काम शुरू करेंगी। उनका विजन एक आत्मनिर्भर और आधुनिक सुविधाओं से लैस पंचायत बनाने का है। शो के प्रसारण के बाद से ही न केवल दरभंगा बल्कि बिहार के अलग-अलग कोनों से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि पंचायत चुनाव में सही प्रतिनिधि का चुनाव गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकता है।



