Home Bihar मीनापुर के स्कूली छात्रो की मौत पर विधानसभा में हंगामा

मीनापुर के स्कूली छात्रो की मौत पर विधानसभा में हंगामा

पटना। मीनापुर के धरमपुर मध्य विद्यालय के नौ छात्रो की शनिवार को कुचल कर मौत होने का मामला अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। राजद ने मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर बिहार विधानसभा में जम कर हंगामा किया। राजद नेताओं के हंगामे के बीच विधानसभा में प्रश्नकाल नही चल पाया।

राजद के विधायको ने 24 फरवरी को वाहन से बच्चों को कुचलने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोज बैठा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विधानसभा में हंगामा करने लगे। इसके कारण भोजनावकाश से पूर्व कोई काम नहीं हो सका और विधानसभा की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले राजद विधायक मुन्ना यादव ने सदन में स्थगन प्रस्ताव लाकर धरमपुर की घटना पर विधानसभा में चर्चा की मांग करने लगे। किंतु, विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा नियम का हवाला देते हुए स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर देने से भड़के राजद के विधायक हंगामा करने लगे।
विधानसभा में कार्यवाही शुरू होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर में भाजपा के महामंत्री मनोज बैठा ने नशे की स्थिति में अपने वाहन से 35 बच्चों को कुचल दिया था, जिसमें नौ बच्चों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मनोज बैठा को अपनी पार्टी का सदस्य मामने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि अब भाजपा के नेता मनोज बैठा को बचाने में लगे हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा के लोग आरोपी को गिरफ्तारी से बचा रहे हैं ताकि कुछ दिन बीत जाने के बाद जब उसके रक्त की जांच हो तब उसमें शराब पीने का प्रमाण नहीं मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जवाब देना चाहिए कि राज्य में जब पूर्ण शराबबंदी लागू है तब भाजपा नेता कैसे शराब पी रहे हैं और गाड़ी चला रहे हैं?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस विषय पर सदन में तुरंत चर्चा होनी चाहिए। इसलिए इससे संबंधित कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर किया जाए। उन्होंने भाजपा और जदयू के नेताओं पर सत्ता तथा शराब के नशे में चूर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र लोक-लाज से चलता है, लेकिन लगता है कि भाजपा-जदयू के नेताओं में लोक-लाज मिट चुकी है। सरकार की तरफ से एक भी मंत्री पीड़ितों के परिवार से मिलने नहीं गया है। इस तरह जब देश के दुश्मनों से मुकाबला करते हुए जवान शहीद हुए तब भी कोई मंत्री उनके परिवार से मिलने नहीं गया था।
राजद सदस्य कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर करने की मांग को लेकर अपनी सीट से ही शोरगुल करने लगे। इस पर सभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने ठीक कहा है। लोकतंत्र नियम-कायदे से चलता है। कार्यस्थगन के लिए कार्य संचालन नियमावली में प्रावधान बने हुए हैं। उसी के तहत उसे लाया जाना चाहिए। नियम के तहत यदि इसे लाया जाता है तो सरकार उस पर जवाब देने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने राजद सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया।
राजद के सदस्य सभाध्यक्ष के आग्रह को नहीं मानें और अपनी सीट से ही शोरगुल करते रहे। शोरगुल के बीच हीं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर की दुर्घटना के बाद जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश शर्मा पीड़ित परिवार से मिले थे। इसी तरह शहीद जवानों के परिवारों से भी मंत्री मिलने जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना पर राजनीति ठीक नहीं है।

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