उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब दिल्ली और हरियाणा पर दिखने लगा है। शुक्रवार को यमुना नदी पर बने हथिनी कुंड बैराज का जलस्तर अचानक बढ़कर 67,034 क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके बाद बैराज के 18 गेट खोल दिए गए और बड़ी मात्रा में पानी दिल्ली की ओर छोड़ा गया है। इससे राजधानी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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हथिनी कुंड बैराज पर बढ़ा दबाव
सिंचाई विभाग के अनुसार शुक्रवार को कुल 67,034 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इसमें 58,514 क्यूसेक यमुना में, 7010 क्यूसेक पश्चिमी यमुना नहर में और 1510 क्यूसेक पूर्वी यमुना नहर में छोड़ा गया।
अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण बैराज पर दबाव तेजी से बढ़ रहा है। इसी वजह से बैराज कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली पर खतरे की दस्तक
बैराज से छोड़ा गया पानी आमतौर पर 48 से 50 घंटे में दिल्ली पहुंचता है। ऐसे में राजधानी के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। यमुना के किनारे बसे क्षेत्रों जैसे कश्मीरी गेट, आईटीओ, यमुना बाजार और मयूर विहार एक्सटेंशन में प्रशासन ने पहले से ही अलर्ट जारी कर दिया है।
दिल्ली आपदा प्रबंधन टीम को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं अस्थायी शेल्टर होम्स भी बनाए जा रहे हैं।
टांगरी नदी भी खतरे के निशान पर
इधर, हरियाणा के अंबाला में टांगरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और आसपास के कई स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं।
हरियाणा के ऊर्जा और परिवहन मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को टांगरी नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं और लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हरियाणा के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र और करनाल में 3 सितंबर तक गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार प्रदेश में सामान्य से अधिक वर्षा हो चुकी है। जहां 28 अगस्त तक औसतन 341 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक 423 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
प्रशासन की तैयारियां
हरियाणा और दिल्ली प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की योजना बनाई जा रही है। पुलिस और सिंचाई विभाग की टीमों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी advisory पर भरोसा करें।
हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए 67,034 क्यूसेक पानी ने दिल्ली और हरियाणा में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। 18 गेट खोलने के बाद यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
टांगरी नदी भी खतरे के निशान के करीब है, जिससे अंबाला समेत कई जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान जताया है।
अगले 48 घंटे दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के लिए बेहद अहम होंगे। प्रशासन अलर्ट पर है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।



