दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) अब सिर्फ आवासीय परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने नेरला के सेक्टर G7 और G8 में 61 एकड़ की भूमि पर एक वर्ल्ड क्लास एजुकेशन सिटी बनाने का महत्वाकांक्षी प्लान तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत, एक ऐसा शैक्षिक परिसर तैयार किया जाएगा, जो विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा। इस एजुकेशन सिटी में स्कूल, कॉलेज, टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स, रिसर्च सेंटर्स, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स और फिनिशिंग स्कूल्स होंगे। इसके अलावा, यहां डिजिटल लर्निंग जोन, लाइब्रेरी और इनोवेशन हब्स भी बनाए जाएंगे, जो छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने में मदद करेंगे।
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नेरला को शैक्षिक हब बनाने का उद्देश्य
यह एजुकेशन सिटी दिल्ली को एक ग्लोबल एजुकेशन हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। डीडीए के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली को एक नई पहचान मिलेगी। यहां छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा और तकनीकी कौशल हासिल करने के लिए एक आदर्श वातावरण मिलेगा। इस शैक्षिक परिसर का उद्देश्य छात्रों को उच्चतम स्तर की शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
जमीन की नीलामी और 55 साल का लीज़
इस प्रोजेक्ट के लिए डीडीए ने 55 साल की लीज़ पर जमीन को नीलामी के लिए रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, डीडीए ने बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिनके पास कम से कम 10 साल का अनुभव हो और जो बड़े शैक्षिक परिसरों का संचालन कर चुके हों। इच्छुक संस्थान 19 नवंबर तक अपनी अभिव्यक्ति (EOI) जमा कर सकते हैं। इस योजना के तहत, उन संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो दिल्ली को एक अंतरराष्ट्रीय शिक्षा हब बनाने में मदद करने का लक्ष्य रखती हैं।
मास्टर प्लान और निर्माण नियम
इस एजुकेशन सिटी के डिजाइन में दिल्ली के मास्टर प्लान 2021 के नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। यूनिवर्सिटी बिल्डिंग्स के लिए FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) 225 निर्धारित किया जाएगा और उनकी अधिकतम ऊंचाई 37 मीटर तक होगी। इसके अलावा, रेजिडेंशियल क्वार्टर ग्रुप हाउसिंग नियमों के तहत बनाए जाएंगे। कुल भूमि का 25% भाग निर्माण के लिए निर्धारित होगा, जबकि 33.33% ग्राउंड कवरेज और FAR 200 के तहत निर्माण किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट में 15% क्षेत्र स्टेडियम, जिम और कल्चरल स्पेस के लिए निर्धारित किया जाएगा, जबकि 15% भूमि हरे-भरे गार्डन और ओपन स्पेस के लिए होगी। इसके अलावा, पूरी सिटी को 40 मीटर चौड़ी सड़कों से घेरा जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या से बचा जा सके और यातायात सुचारु रूप से चले।
सम्पूर्ण जीवन सुविधाएं उपलब्ध होंगी
यह एजुकेशन सिटी सिर्फ शिक्षा के लिए नहीं होगी, बल्कि छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ के लिए जीवन जीने की पूरी सुविधा प्रदान की जाएगी। यहां हॉस्टल और गेस्ट हाउस बनाए जाएंगे, ताकि छात्रों और अन्य निवासियों को आवास संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, पैदल चलने के लिए फ्रेंडली पाथवे, साइकिल ट्रैक्स, EV चार्जिंग पॉइंट्स और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अच्छी कनेक्टिविटी होगी, जिससे देशभर के छात्र इस परिसर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ एक आरामदायक और सुविधाजनक जीवन मिल सके।
नेरला को निवेशकों और निवासियों के लिए आकर्षक स्थल बनाना
दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने नेरला को निवासियों और निवेशकों का पसंदीदा स्थल बनाने पर जोर दिया है। डीडीए की अब तक की सबसे बड़ी हाउसिंग स्कीम के बाद अब यहां जेल, पुलिस परिसर, कोर्ट, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और पांच सितारा होटल की योजनाओं पर भी काम चल रहा है। इन सभी विकास कार्यों के चलते नेरला एक प्रमुख शहरी केंद्र बन सकता है, जो न केवल शिक्षा, बल्कि व्यवसाय और मनोरंजन के लिए भी एक आकर्षक स्थान होगा।
डीडीए की योजना, नेरला में वर्ल्ड क्लास एजुकेशन सिटी बनाने की, दिल्ली को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के तहत उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, बेहतर जीवन शैली और आधुनिक सुविधाओं का संयोजन किया जाएगा, जिससे दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनेगी। यह परियोजना न केवल शैक्षिक क्षेत्र में नवाचार लाएगी, बल्कि यह नेरला को एक विकासशील और समृद्ध शहरी केंद्र बनाने में भी मदद करेगी।



