उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के नतीजों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। एनडीए उम्मीदवार CP Radhakrishnan ने शानदार जीत दर्ज की है, लेकिन उनके खाते में आए अतिरिक्त वोट अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुके हैं। उम्मीद से 14 ज्यादा वोट मिलने पर विपक्षी गठबंधन INDIA की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
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जीत के आंकड़े और नंबर गेम
राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले हैं। एनडीए के पास 427 सांसदों का समर्थन पहले से था। इसके अलावा Jagan Mohan Reddy की अगुवाई वाली YSRCP के 11 सांसदों ने भी एनडीए उम्मीदवार को वोट दिया। ऐसे में कुल आंकड़ा 438 बनना चाहिए था। लेकिन राधाकृष्णन को 452 वोट मिले यानी 14 अतिरिक्त मत। यही 14 वोट अब चर्चा के केंद्र में हैं। उधर INDIA गठबंधन के उम्मीदवार Sudarshan Reddy को मिले 15 वोट अवैध घोषित कर दिए गए।
राज्यसभा के महासचिव और निर्वाचन अधिकारी PC Modi ने नतीजों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 98.2 प्रतिशत मतदान हुआ। 781 सदस्यों में से 767 ने मतदान किया, जिसमें एक डाक मतपत्र भी शामिल था। इनमें से 15 वोट अवैध माने गए।
निर्वाचक मंडल की तस्वीर
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित और 12 मनोनीत सदस्य, लोकसभा के 543 सदस्य शामिल थे। कुल 788 सदस्य होने चाहिए थे, लेकिन वर्तमान में 781 सीटें भरी हुई थीं। बीजू जनता दल (BJD), भारत राष्ट्र समिति (BRS) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने चुनाव से दूरी बना ली थी।
क्रॉस वोटिंग पर उठे सवाल
भाजपा नेताओं का दावा है कि विपक्षी खेमे के कुछ सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की है। झारखंड और महाराष्ट्र से विपक्षी सांसदों के NDA उम्मीदवार को वोट देने की चर्चा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राधाकृष्णन पहले इन राज्यों के राज्यपाल रह चुके हैं और उनकी छवि ने वहां समर्थन दिलाने में मदद की।
विपक्ष के भीतर कुछ लोग Aam Aadmi Party और Shiv Sena (UBT) पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन दोनों दलों ने इन दावों को खारिज किया है। बावजूद इसके, विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर संदेह गहरा गया है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि एनडीए को मिले 25 अतिरिक्त वोट प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों और नेतृत्व की ताकत दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि विकास, प्रगति और समावेशी नीतियों ने विपक्षी सांसदों को भी प्रभावित किया है।
लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक Sanjay Jaiswal ने कहा कि लगभग 40 विपक्षी सांसदों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर राधाकृष्णन का समर्थन किया। उन्होंने संसद परिसर में कहा कि एनडीए की यह जीत केवल राजनीतिक नहीं बल्कि नैतिक समर्थन का भी प्रतीक है।
INDIA गठबंधन पर दबाव
INDIA गठबंधन के लिए यह हार बड़ा झटका है। Sudarshan Reddy के समर्थन में वोटिंग का समन्वय कमजोर दिखा। 15 वोट अवैध घोषित किए जाने से उनकी स्थिति और कमजोर हो गई। यह नतीजा विपक्षी एकजुटता की कमजोरी को उजागर करता है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह चुनाव INDIA गठबंधन की अंदरूनी खामियों और असंतोष को सामने लाता है।
भाजपा की रणनीति
रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा और उसके सहयोगियों ने चुनाव से पहले व्यापक संपर्क अभियान चलाया था। भले ही कोई व्हिप जारी नहीं हुआ था, लेकिन पार्टी ने fence-sitters और असंतुष्ट सांसदों को साधने की रणनीति अपनाई। यह योजना सफल भी रही और राधाकृष्णन को अपेक्षा से ज्यादा वोट मिले।
विपक्ष के लिए सबक
यह नतीजा INDIA गठबंधन के लिए चेतावनी है। एक तरफ वह खुद को NDA के सामने एकजुट ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसके अंदर की असमानता खुलकर सामने आ गई। विपक्ष के नेताओं को अब अपने भीतर विश्वास और अनुशासन मजबूत करने की जरूरत है।
व्यापक राजनीतिक संदेश
उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे सिर्फ संसद तक सीमित नहीं हैं। यह पूरे राजनीतिक परिदृश्य का संकेत भी देते हैं। क्रॉस वोटिंग यह दिखाती है कि सांसद केवल पार्टी लाइन से बंधे नहीं हैं। NDA के लिए यह मनोबल बढ़ाने वाला है, जबकि विपक्ष को अपनी रणनीति और नेतृत्व पर पुनर्विचार करना होगा।
CP Radhakrishnan की जीत ने उपराष्ट्रपति चुनाव को एक बड़ी राजनीतिक कहानी बना दिया है। अतिरिक्त 14 वोट और विपक्षी वोटों के अवैध होने से यह चुनाव चर्चा का विषय बन गया है। जहां भाजपा इसे अपनी नीतियों की सफलता बता रही है, वहीं INDIA गठबंधन के सामने अपनी एकजुटता साबित करने की चुनौती है।



