सोमवार, फ़रवरी 16, 2026 4:22 पूर्वाह्न IST
होमNationalप्रधानमंत्री मोदी का चीन दौरा: एससीओ शिखर सम्मेलन और जिनपिंग से संभावित...

प्रधानमंत्री मोदी का चीन दौरा: एससीओ शिखर सम्मेलन और जिनपिंग से संभावित मुलाकात

Published on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन का दौरा करेंगे। यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2020 में गलवान घाटी में हुए सैन्य टकराव के बाद उनका चीन का पहला दौरा होगा। इस सम्मेलन में शामिल होने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी 30 अगस्त को जापान का दौरा करेंगे, जहां वे जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वह चीन के लिए रवाना होंगे।

गलवान झड़प के बाद प्रधानमंत्री का पहला चीन दौरा

यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी का 2020 में हुए गलवान घाटी संघर्ष के बाद चीन का पहला दौरा होगा। इस संघर्ष में भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। प्रधानमंत्री मोदी का आखिरी चीन दौरा 2019 में हुआ था, और इस बार उनका चीन जाना इस बात का संकेत हो सकता है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

मोदी का दौरा और BRICS के मुद्दे

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा एक ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने BRICS देशों को रूस से तेल खरीदने के लिए निशाना बनाया है। ट्रंप का दावा है कि यह समूह अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देता है। भारत और चीन दोनों ही BRICS के सदस्य देश हैं। इस परिस्थिति में मोदी का यह दौरा और SCO में भागीदारी महत्वपूर्ण हो सकती है, जो भारत के लिए वैश्विक राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने का एक अवसर हो सकता है।

एससीओ शिखर सम्मेलन का महत्व

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे देश शामिल हैं। यह संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करता है। इस वर्ष का शिखर सम्मेलन तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होगा, जिसमें 20 से अधिक देशों के नेता और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। यह सम्मेलन भारत के लिए अपने वैश्विक संबंधों को और मजबूत करने का एक अहम मौका है।

मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की संभावना

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हो सकती है। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात, खासकर गलवान घाटी संघर्ष के बाद, दोनों देशों के संबंधों में नए समीकरण स्थापित कर सकती है। मोदी और जिनपिंग की आखिरी मुलाकात अक्टूबर 2024 में रूस में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

भारत-चीन रिश्तों में सुधार के संकेत

2020 में गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव बढ़ गया था। हालांकि, हाल के महीनों में दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के लिए बीजिंग में अपने चीनी समकक्षों से मुलाकात की थी। जयशंकर ने कहा था कि पिछले कुछ महीनों में भारत-चीन संबंधों में “अच्छी प्रगति” हुई है। यह संकेत हैं कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार हो सकता है।

एससीओ में भारत की भूमिका और रणनीतिक महत्व

भारत के लिए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मंच है, जिसमें भारत अपनी वैश्विक नीति को प्रभावित करने और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर पाता है। भारत ने 2017 में एससीओ का पूर्ण सदस्य बनने के बाद से इस संगठन में सक्रिय रूप से भाग लिया है। 2023 में, भारत ने वर्चुअल रूप से एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें ईरान को संगठन का नया सदस्य बनाया गया था। इस सम्मेलन के दौरान भारत ने अपने पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव रखे थे।

चीन का एससीओ में प्रभाव और भारत की रणनीति

चीन एससीओ का एक प्रमुख सदस्य है और उसका संगठन में महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव है। भारत, हालांकि सीमा विवादों को लेकर चीन से तनाव में रहा है, लेकिन एससीओ जैसे मंच पर चीन से संवाद बनाए रखना उसकी रणनीति का हिस्सा है। मोदी का चीन दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन में भागीदारी दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से सामान्य करने के प्रयासों का हिस्सा हो सकते हैं।

वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय सहयोग

एससीओ शिखर सम्मेलन भारत के लिए एक अच्छा मौका है, जिसमें वह चीन, रूस और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के साथ सामूहिक रूप से व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के विषयों पर चर्चा कर सकता है। यह संगठन भारत के लिए अपने आर्थिक हितों को बढ़ाने, आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक सहयोग को मजबूत करने और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी भारतीय कूटनीति के लिए एक अहम कदम हो सकता है। यह दौरा भारत और चीन के रिश्तों में सुधार का एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है, खासकर गलवान घाटी में हुई घटना के बाद। हालांकि, इस समय वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियां जटिल हैं, लेकिन मोदी का यह दौरा और शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना भारत के लिए वैश्विक नेतृत्व के एक नए चरण की शुरुआत हो सकता है।

मोदी और जिनपिंग के बीच संभावित द्विपक्षीय मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने में मदद कर सकती है, जिससे न केवल दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या पाकिस्तान टूटने जा रहा है? बलुचिस्तान में खुली बगावत, कहा गिरे सेना के ठिकाने

क्या पाकिस्तान की नींव में ऐसी दरार पड़ चुकी है, जिसे अब जोड़ा नहीं...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

More like this

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...
00:10:10

क्या चीन-बांग्लादेश की साज़िश से घिर गया भारत? सिलिगुड़ी कॉरीडोर पर क्यों मंडराया खतरा

भारत का सबसे संवेदनशील इलाका — सिलिगुड़ी कॉरीडोर, जिसे दुनिया चिकेन नेक के नाम...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...