होमNationalपीएम मोदी का 75वां जन्मदिन: 5 मौके जब खिलाड़ियों के दिल में...

पीएम मोदी का 75वां जन्मदिन: 5 मौके जब खिलाड़ियों के दिल में बस गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Published on

आज 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास दिन के मौके पर देशभर में लोग उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दे रहे हैं। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और पीएम मोदी का जन्मदिन एक खास अंदाज में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का न केवल राजनीतिक जीवन बल्कि खेलों के प्रति भी गहरा जुड़ाव है। वे हमेशा भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहे हैं। इस लेख में हम आपको उन 5 खास लम्हों के बारे में बताएंगे जब पीएम मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों के दिलों में अपनी जगह बनाई।

1. 2023 वर्ल्ड कप हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम से मुलाकात

साल 2023 में जब भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप का फाइनल मैच हार गई थी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय क्रिकेटरों से मिलने का निर्णय लिया। पीएम मोदी सीधे भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में गए और खिलाड़ियों से बात की। हार के बावजूद उन्होंने खिलाड़ियों को हिम्मत दी और कहा कि हार-जीत तो खेल का हिस्सा है, लेकिन मेहनत और संघर्ष की अहमियत हमेशा रहती है। इस मुलाकात ने सभी खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत किया और यह पल भारतीय क्रिकेट के फैंस के दिलों में हमेशा रहेगा।

2. टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद भारतीय टीम से मुलाकात

टी20 वर्ल्ड कप 2024 में भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के बाद, जब टीम देश लौट आई, तो प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए टीम के सभी खिलाड़ी सबसे पहले पहुंचे। 4 जुलाई को भारत लौटने के बाद, खिलाड़ियों ने पीएम मोदी से मुलाकात की और अपनी जीत का जश्न मनाया। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनकी मेहनत की सराहना की। यह मुलाकात न केवल जीत का जश्न थी, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्रधानमंत्री मोदी खिलाड़ियों के साथ कितनी गहरी और सशक्त मानसिकता में जुड़ते हैं।

3. सचिन तेंदुलकर द्वारा पीएम मोदी को इंडिया की जर्सी गिफ्ट करना

भारत के महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने पीएम मोदी को एक खास तोहफा दिया। 23 सितंबर 2023 को वाराणसी में क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में सचिन ने पीएम मोदी को एक टीम इंडिया की जर्सी गिफ्ट की, जिस पर ‘Team India’ लिखा था और पीछे ‘Namo’ प्रिंट था। यह एक भावुक क्षण था, जिसने यह साबित किया कि भारतीय खेल जगत में पीएम मोदी की छवि कितनी सम्मानजनक है। यह पल न केवल पीएम मोदी और सचिन के रिश्ते को दर्शाता है, बल्कि यह भारतीय खेलों के प्रति पीएम मोदी की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।

4. पीवी सिंधु के साथ आइसक्रीम का लुत्फ उठाना

प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो ओलंपिक 2020 के बाद बैडमिंटन चैंपियन पीवी सिंधु से वादा किया था कि वह उनके साथ उनकी पसंदीदा आइसक्रीम खाएंगे। सिंधु ने जब कांस्य पदक जीता, तो प्रधानमंत्री मोदी ने अपना वादा पूरा किया। यह एक साधारण, लेकिन खास पल था, जिसमें पीएम मोदी और सिंधु के बीच गहरी दोस्ती और रिश्ते की झलक मिलती है। इस मुलाकात में पीएम मोदी ने सिंधु की मेहनत की सराहना की और उसे प्रेरित किया।

5. नीरज चोपड़ा के साथ चूरमा खाना

भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के साथ एक और खास पल शेयर हुआ। नीरज चोपड़ा के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पीएम मोदी नीरज के घर गए। वहां नीरज की मां सरोज देवी ने उन्हें घर का बना हुआ चूरमा खिलाया। पीएम मोदी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह चूरमा उन्हें अपनी मां की याद दिलाता है। इसके बाद पीएम मोदी ने नीरज चोपड़ा की मां को पत्र लिखा और उन्हें धन्यवाद दिया। यह एक बेहद भावुक और व्यक्तिगत पल था जो प्रधानमंत्री मोदी और नीरज चोपड़ा के रिश्ते को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन भारतीय खेलों और खिलाड़ियों के साथ उनके गहरे रिश्ते को दर्शाता है। इन पांच महत्वपूर्ण लम्हों के माध्यम से यह साफ होता है कि पीएम मोदी ने हमेशा भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें प्रेरित किया। चाहे वह हार के बाद हौसला देना हो, जीत की खुशी साझा करना हो, या व्यक्तिगत रूप से कोई वादा निभाना हो, प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा भारतीय खिलाड़ियों के साथ अपनी विशेष और सशक्त कड़ी बनाई है।

आज, पीएम मोदी का 75वां जन्मदिन न केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करता है, बल्कि यह उन लम्हों को भी याद करता है जिन्होंने उन्हें भारतीय खेल जगत में एक प्रेरणास्त्रोत बना दिया। पीएम मोदी के साथ खिलाड़ियों का यह रिश्ता आगे भी भारतीय खेलों की सफलता और गौरव की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

More like this

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...
00:07:59

कर्ज में डूबे राज्य, फिर भी मुफ्त योजनाएं क्यों?

क्या आपने कभी सोचा है कि चुनाव आते ही अचानक मुफ्त योजनाओं की बाढ़...