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Donald Trump Tariff: भारत कभी नहीं झुकेगा, बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

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अमेरिका और भारत के बीच India US Trade Dispute लगातार गहराता जा रहा है। हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए नए Donald Trump Tariff के बाद अब केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कड़ा बयान दिया है।

उन्होंने साफ कहा कि भारत किसी भी हाल में इन टैरिफ के आगे नहीं झुकेगा और न ही कमजोर पड़ेगा। इसके बजाय भारत अपनी ऊर्जा उभरते हुए वैश्विक बाजारों में निवेश और निर्यात बढ़ाने पर लगाएगा।

पीयूष गोयल का आश्वासन

एक निजी कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का निर्यात इस साल पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ज्यादा रहेगा।

उन्होंने कहा, “मैं आप सबको यकीन दिलाता हूं कि हमारे Indian Exports में कमी नहीं आएगी, बल्कि यह और अधिक होंगे।”

सरकार आने वाले समय में सभी सेक्टर्स को सपोर्ट देने और एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए कई बड़े फैसले लेगी।

मुक्त व्यापार समझौते पर भारत की स्थिति

पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि भारत हमेशा से Free Trade Agreements के लिए तैयार रहा है। लेकिन अगर कोई देश भेदभाव करता है तो भारत इसे आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का मामला मानता है।

उन्होंने कहा, “140 करोड़ भारतीयों की गरिमा और आत्मविश्वास हमारे लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। इसको देखते हुए भारत कभी नहीं झुकेगा और मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।”

ट्रंप प्रशासन के टैरिफ का असर

27 अगस्त को अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25% टैरिफ लगा दिया। इसके अलावा, रूस से तेल आयात करने पर भी 25% का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत से अमेरिका जाने वाले निर्यात पर असर पड़ेगा और हजारों नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है।

फिर भी भारत का कहना है कि वह इस चुनौती का सामना करेगा और अपने निर्यात को अन्य बाजारों में बढ़ाकर इसकी भरपाई करेगा।

अमेरिकी दोहरे रवैये पर सवाल

अमेरिका का तर्क है कि ये प्रतिबंध रूस पर दबाव बनाने के लिए लगाए गए हैं ताकि यूक्रेन युद्ध रोका जा सके।

लेकिन आलोचकों का कहना है कि अमेरिका खुद रूस से व्यापार कर रहा है और चीन, जो रूस का सबसे बड़ा तेल खरीददार है, उसके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

इस दोहरे रवैये ने भारत समेत कई देशों में असंतोष पैदा कर दिया है।

डेयरी और कृषि क्षेत्र पर भारत का रुख

अमेरिका चाहता है कि भारत अपने डेयरी सेक्टर को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल दे।

लेकिन भारत ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा करना भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र के लिए आत्मघाती कदम होगा।

भारत ने साफ किया है कि वह कृषि और डेयरी सेक्टर पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।

ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और वैश्विक असर

अपने दूसरे कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू किया है।

इसका नतीजा यह हुआ कि पूरी Global Supply Chain अस्त-व्यस्त हो गई है और कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।

भारत के लिए यह चुनौती बड़ी है, लेकिन सरकार का मानना है कि सही रणनीति के जरिए इससे निपटा जा सकता है।

भारत की रणनीति

भारत अब अपने निर्यात को विविध बाजारों में फैलाने पर ध्यान दे रहा है। एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजार भारत की प्राथमिकता बन रहे हैं।

सरकार आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत घरेलू उत्पादन और लॉजिस्टिक्स सुधार पर भी ध्यान दे रही है ताकि भारतीय उत्पाद ग्लोबल स्तर पर और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकें।

Donald Trump Tariff विवाद ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार की चुनौतियों को सामने ला दिया है।

भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में नहीं आएगा। Piyush Goyal Statement ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था, किसानों और निर्यातकों के हित में खड़ा रहेगा।

अब नज़र इस पर है कि आने वाले समय में भारत अपनी रणनीति से इन टैरिफ के असर को कैसे संतुलित करता है।

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