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624 ईस्वी में पहली बार मनाया गया था ईद

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नई दिल्ली। गूगल सर्च इंजन पर इस वक्त सबसे ज्यादे सर्च होने वाले शब्दो में से एक शब्द ईद है। सर्च सर्वे के मुताबिक ईद आज तीसरा सबसे अधिक सर्च होने वाला शब्द बन चुका है।

लोग ईद के बारे में जानकारियां चाहते हैं। तो आइए हम आपको ईद से जुड़ी कुछ रोचक तथ्यों से अवगत कराते है। दरअसल, इस्लामिक कैलेंडर या हिजरी में रमजान के महीने को साल का नौवां महीना माना गया है, जो बहुत ही पाक यानी पवित्र महीना होता है। इस पूरे महीने में दीनवाले लोग रोजा रखते हैं और रमजान के आखिरी दिन यानी आखिरी रोजा चांद को देखकर खत्म किया जाता है। शाम को चांद दिखने पर अगले दिन ईद का त्यौहार मनाने की परंपरा रही है। ईद को ईद-उल-फितर के नाम से भी जाना जाता हैं। लेकिन यह परंपरा कैसे शुरू हुई इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है।
कहा जाता है कि पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब ने बद्र के युद्ध में शानदार विजय हासिल की थी। इसी युद्ध को जीतने की खुशी में लोगों ने ईद का त्योहार मनाना शुरू कर दिया था। 624 ईस्वी में पहली बार ईद उल फित्र मनाया गया था। पाक माह रमजान का आखिरी रोजा ईद का चांद देखने के बाद शुरू होता है। इसके बाद ईद उल फित्र का उत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ देशभर में मनाया जाएगा।

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