होमKKN Specialइंटेलीजेंट होता हैं कबूतर

इंटेलीजेंट होता हैं कबूतर

Published on

शोध से हुआ खुलाशा

वॉशिंगटन। साधारण सा दिखने वाले कबूतर भी इंसानों के जितने ही इंटेलिजेंट होता हैं। इंसानों की तरह ही ये पक्षी भी साइंस के जरूरी सिद्धांतों को भी अच्छी तरह से समझ सकता हैं।
अमेरिका की लोवा यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया है कि कबूतरों का दिमाग इतना कुशल होता है कि वह स्पेस और समय जैसे सांइस के मूल कॉन्सेप्ट को समझ सकता हैं। हालांकि इस रिसर्च में ये भी कहा गया है कि ये चीजें समझने के लिए उनके दिमाग का कोई अलग हिस्सा काम करता है जो मानव दिमाग जैसा नहीं है।

करेंट वायोलॉजी पत्रिका में छपे इस शोध में सामने आया है कि पक्षी, रेप्टाइल और मछली ऐसे जानवर हैं, जिनमें बाकियों के मुकाबले अधिक सोचने-समझने की क्षमता होती है। शोध से जुड़े एक वैज्ञानिक ने कहा, हाल ही में सामने आए नतीजों से पता चलता है कि अब पक्षियों के दिमाग में ज्ञान संबंधी क्षमता बढ़ गई है, जो मानव दिमाग के और करीब आ सकती है।
बदा दें कि इंसानी मस्तिष्क का बाहरी हिस्सा सोच विचार करने, बोलने और निर्णय लेने जैसे बेहद जरूरी काम करता है। लेकिन कबूतरों में ये सभी काम करने के लिए दिमाग का और कई हिस्सा एक्टिव होता है। इस शोध के तहत कबूतरों का एक कॉमन टेस्ट लिाया गया। इसमें उन्हें कंप्यूटर स्क्रीन पर 6 या 24 सेंटीमीटर लंबी लाइन, 2 या 8 सैकेंड के लिए दिखाई गई। इस टेस्ट के बाद सामने आया कि इन पक्षियों के ब्रेन में एक अलग सिस्टम काम करता है जो इन्हें सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण साइंस सिद्धांत को समझने में मदद करता है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार में अर्नब का कितना असर? 31 अक्टूबर तक बारिश के आसार

जानिए तूफान की असली ताकत बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब अब बिहार में...

तिरहुत स्नातक में वंशीधर ब्रजवासी का दबदबा कायम, शिक्षक सीट पर नरेंद्र सिंह की वापसी

तिरहुत की दोनों एमएलसी सीटों पर बदला चुनावी इतिहास बिहार विधान परिषद के 2026 के...

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

More like this

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

महवल लेदर पार्क की फाइलों में क्या दर्ज है?

रोजगार का हिसाब अब भी अधूरा बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी बियाडा की वेबसाइट...

महवल लेदर पार्क में रोजगार का आधार क्या है?

कितनी फैक्ट्रियों में शुरू हुआ उत्पादन? मुजफ्फरपुर के महवल में लेदर पार्क का उद्घाटन हो...

क्या नौ दिन की पूजा से मिल जाती हैं अलौकिक शक्तियां या इसका अर्थ कुछ और है?

नवरात्रि के 9 दिन पूरे होते हैं। मंदिरों में आरती होती है। घरों में...

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

दुर्गा पूजा मातृशक्ति का सम्मान है या समाज के सामने एक अधूरा सवाल?

जिस समाज में स्त्री को देवी मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में उसकी...

क्या मिट्टी के पात्र में रखा जल सचमुच याद रखता है मंत्रों की ऊर्जा?

एक मिट्टी का पात्र। उसमें भरा जल। उसके मुहाने पर रखे आम के पत्ते...

महिषासुर कौन था? पुराणों के असुरराज से आदिवासी पूर्वज तक

दुर्गा पूजा के पंडाल में एक दृश्य बार-बार दिखाई देता है। सिंह पर सवार...

मीनापुर का किसान फसल बेचकर कितना कमाता है? खेत से बाजार तक पूरा हिसाब

मीनापुर में धान की फसल जब खेत में लहलहाती है, तो दूर से वह...

गुमनाम हकीकत: जब इतिहास के खामोश पन्ने अपनी कहानी कहने लगते हैं

पुस्तक समीक्षा इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना शायद यह है कि जो दर्ज है,...

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

एआई: सुविधा का अगला पड़ाव या इंसान के नियंत्रण से बाहर होती मशीन?

KKN ब्यूरो। कल्पना कीजिए, एक ऐसी मशीन है जिसे आपने कोई काम करने के...

ट्रंप के दौर में क्या अमेरिका की वैश्विक साख घटी? आंकड़े क्या कहते हैं

KKN ब्यूरो। एक समय था जब दुनिया के किसी संकट पर एक सवाल लगभग...