डिहाइड्रेशन एक आम समस्या है, जिससे लोग खासकर गर्मी और मानसून के मौसम में परेशान रहते हैं। अक्सर लोग मानते हैं कि दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पी लेना शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन प्रदान करता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि इतनी मात्रा में पानी पीने के बावजूद भी व्यक्ति डिहाइड्रेटेड महसूस करता है और बार-बार पेशाब लगती है। यह स्थिति सिर्फ पानी की मात्रा नहीं, बल्कि उसे पीने के तरीके पर भी निर्भर करती है। इस लेख में डायटीशियन श्वेता शाह के हवाले से जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है।
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डिहाइड्रेशन की असली वजह क्या है?
डायटीशियन श्वेता शाह बताती हैं कि डिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर से जितना पानी बाहर निकलता है, उसकी भरपाई अंदर से नहीं हो पाती। इस स्थिति का कारण सिर्फ पानी की कमी नहीं है, बल्कि यह भी है कि पानी शरीर के भीतर कितनी अच्छी तरह से अवशोषित होता है। गर्मियों में ज्यादा पसीना आना, उल्टी-दस्त की समस्या और लिक्विड इंटेक की कमी इसकी प्रमुख वजहें हैं। मानसून में भी बढ़ी हुई ह्यूमिडिटी के कारण पसीना निकलता है और शरीर का पानी बाहर चला जाता है।
सिर्फ पानी पीना काफी नहीं है
श्वेता शाह के अनुसार, साधारण पानी शरीर से बहुत तेजी से बाहर निकलता है और कोशिकीय स्तर पर शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट नहीं कर पाता। इसलिए भले ही कोई व्यक्ति दिनभर में 4 लीटर पानी पी ले, लेकिन अगर पानी शरीर में रुक नहीं रहा है और बार-बार पेशाब के रूप में निकल रहा है, तो यह पानी की बर्बादी जैसी स्थिति है।
उनका कहना है कि यदि पानी में नींबू या पुदीना जैसी बेसिक चीजें मिला दी जाएं, तो उसमें मौजूद सोडियम शरीर को पानी होल्ड करने में मदद करता है। इससे न सिर्फ पेशाब की आवृत्ति कम होती है, बल्कि शरीर में हाइड्रेशन की क्वालिटी भी बेहतर होती है। एक्सपर्ट मानती हैं कि यह जरूरी नहीं कि आप कितना पानी पीते हैं, बल्कि यह जरूरी है कि आप पानी को किस रूप में और कैसे पीते हैं।
हाइड्रेशन के लिए क्या पीना चाहिए?
पानी के अलावा कुछ ऐसे नेचुरल ड्रिंक्स हैं जो हाइड्रेशन को बेहतर बना सकते हैं। नारियल पानी इनमें सबसे प्रमुख है, जिसमें नैचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं और यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है। इसके अलावा फलों और सब्जियों का जूस भी बेहद कारगर है। जैसे खीरा, तरबूज, संतरा जैसे फल या पालक और गाजर जैसी सब्जियां पानी से भरपूर होती हैं। ये न केवल हाइड्रेशन में मदद करती हैं, बल्कि शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी देती हैं।
अक्सर डिहाइड्रेट क्यों महसूस होता है?
यदि आप बार-बार पेशाब जाने की शिकायत से जूझ रहे हैं, तो यह संकेत है कि पानी शरीर में नहीं रुक रहा। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब आपको थकान, चक्कर, मांसपेशियों में ऐंठन, सिरदर्द या मूड स्विंग्स भी महसूस होने लगे। यह सब लक्षण दर्शाते हैं कि शरीर को सही तरीके से पानी नहीं मिल रहा है।
डायटीशियन का सुझाव है कि पानी को धीरे-धीरे सिप करके पीना चाहिए, एक ही बार में ज्यादा पानी पीने से शरीर उसे तुरंत बाहर कर देता है। साथ ही यह जरूरी है कि आप दिन में समय-समय पर हाइड्रेटिंग फूड्स और ड्रिंक्स का सेवन करें ताकि शरीर को लगातार तरल और इलेक्ट्रोलाइट्स मिलते रहें।
हाइड्रेशन में बदलाव कैसे करें?
सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू और एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर पीना बेहतर शुरुआत मानी जाती है। यह न केवल शरीर को डिटॉक्स करता है, बल्कि हाइड्रेशन को भी सही करता है। पूरे दिन के दौरान छोटे-छोटे घूंटों में पानी पीते रहना चाहिए। भोजन के दौरान अत्यधिक पानी पीने से बचें क्योंकि इससे पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है। व्यायाम या गर्म वातावरण में रहने की स्थिति में इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त ड्रिंक लें।
डिहाइड्रेशन से बचाव सिर्फ ज्यादा पानी पीने से नहीं होगा, बल्कि उसे सही तरीके से और सही समय पर पीने से होगा। जब आप पानी में नींबू, पुदीना या हल्का नमक जैसे साधारण तत्व मिलाते हैं, तो वह शरीर के लिए ज्यादा उपयोगी बन जाता है। इस तरह आप न केवल डिहाइड्रेशन से बचते हैं, बल्कि शरीर को एनर्जेटिक और तरोताजा भी बनाए रखते हैं।
डायटीशियन श्वेता शाह की सलाह है कि अपने हाइड्रेशन पैटर्न को समझें, जरूरत के हिसाब से बदलाव करें और खुद को पूरे दिन एक्टिव और हेल्दी रखने के लिए पानी के साथ-साथ स्मार्ट ड्रिंक्स को अपनी डेली रूटीन में शामिल करें।



