आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह परेशानी ज्यादातर शराब पीने वालों में देखी जाती थी। अब हालात बदल चुके हैं। डॉक्टरों के अनुसार, जो लोग शराब नहीं पीते, उन्हें भी fatty liver की दिक्कत हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह खराब lifestyle और गलत खानपान बताया जा रहा है।
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Health expert शुभम वत्स के अनुसार, फैटी लिवर कोई बीमारी नहीं है। यह शरीर की तरफ से मिलने वाला एक चेतावनी संकेत है। इसका मतलब है कि लिवर में सूजन आ चुकी है और वह सही तरीके से काम नहीं कर पा रहा है। ऐसे में समय रहते खानपान में बदलाव करना जरूरी हो जाता है।
फैटी लिवर होने का क्या मतलब है
फैटी लिवर का अर्थ है कि लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो गया है। इससे लिवर की फिल्टर करने की क्षमता प्रभावित होती है। शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में परेशानी आने लगती है। अगर इस स्थिति को नजरअंदाज किया जाए, तो आगे चलकर लिवर से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
ज्यादा वजन वाले लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है। नियमित शराब सेवन भी जोखिम बढ़ाता है। लेकिन आजकल बैठे रहने वाली दिनचर्या और जंक फूड इस समस्या को आम बना रहे हैं।
शराब से पूरी तरह दूरी जरूरी
डॉक्टरों का साफ कहना है कि फैटी लिवर की समस्या होने पर शराब से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। शराब लिवर पर सबसे ज्यादा असर डालती है। कई लोगों को लगता है कि बियर या रेड वाइन नुकसान नहीं करती, लेकिन यह धारणा गलत है।
किसी भी प्रकार की शराब लिवर में सूजन बढ़ाती है। इससे लिवर में फैट तेजी से जमा होने लगता है। फैटी लिवर को कंट्रोल करने के लिए शराब का त्याग बेहद जरूरी है।
फ्लेवर्ड योगर्ट और मीठी चीजें भी नुकसानदायक
फ्लेवर्ड योगर्ट को अक्सर लोग सेहतमंद मानते हैं। लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि इसमें एडेड शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है। यह शुगर सीधे लिवर में फैट बढ़ाती है।
डायट सोडा, बीबीक्यू सॉस और इसी तरह के प्रोडक्ट्स भी नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें छुपी हुई शुगर और खराब क्वालिटी के तेल होते हैं। ऐसे food items लिवर की सेहत बिगाड़ सकते हैं।
रिफाइंड अनाज से बढ़ सकती है समस्या
व्हाइट ब्रेड, पास्ता और सफेद चावल जैसे रिफाइंड ग्रेन्स फैटी लिवर की समस्या बढ़ा सकते हैं। ये चीजें जल्दी पचती हैं और ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाती हैं। बढ़ी हुई शुगर लिवर में फैट के रूप में जमा हो जाती है।
डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे अनाजों का सेवन सीमित किया जाए। संतुलित डाइट लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
ज्यादा शुगर वाले फूड्स से करें परहेज
हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सीरप, पैकेट वाले स्नैक्स, जूस और केचअप जैसी चीजों में शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये सभी चीजें लिवर में फैट बढ़ाने का काम करती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा शुगर लिवर के लिए सबसे खतरनाक है। शुगर सीधे फैट में बदलकर लिवर में जमा हो जाती है। इसलिए फैटी लिवर की समस्या होने पर मीठी चीजों से दूरी बनानी चाहिए।
रेड मीट से भी बढ़ता है खतरा
रेड मीट में फैट और आयरन की मात्रा ज्यादा होती है। इसका अधिक सेवन लिवर में सूजन को बढ़ा सकता है। बीफ और पोर्क जैसे मीट लिवर के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, फैटी लिवर होने पर रेड मीट का सेवन कम करना चाहिए। इससे लिवर पर दबाव कम होता है।
ज्यादा नमक और तला-भुना खाना भी हानिकारक
फ्राइड फूड्स में मौजूद खराब फैट लिवर की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे लिवर की सूजन बढ़ सकती है। ज्यादा नमक वाला खाना भी लिवर पर नकारात्मक असर डालता है।
फैटी लिवर की समस्या होने पर जंक फूड और फास्ट फूड से बचना चाहिए। ज्यादा सोडियम वाली चीजें भी नुकसानदायक होती हैं।
फैटी लिवर में क्या खाना फायदेमंद
Health expert के अनुसार, कुछ चीजें फैटी लिवर में फायदेमंद होती हैं। बेरीज में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो लिवर की सूजन कम करते हैं। एवोकाडो और अखरोट हेल्दी फैट प्रदान करते हैं।
ओट्स ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। पत्ता गोभी और ब्रोकली लिवर को डिटॉक्स करने में सहायक मानी जाती हैं। ग्रीन टी और कॉफी भी लिवर एंजाइम को बेहतर करती हैं।
लहसुन लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करता है। टोफू एक अच्छा प्लांट बेस्ड प्रोटीन है, जो फैटी लिवर में फायदेमंद माना जाता है।
समय रहते सुधार जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि फैटी लिवर को शुरुआती स्तर पर कंट्रोल किया जा सकता है। सही diet और बेहतर lifestyle से यह समस्या रिवर्स भी हो सकती है। इसके लिए नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
फैटी लिवर को हल्के में लेना सही नहीं है। यह शरीर के अंदर चल रही गड़बड़ी का संकेत देता है। समय रहते सावधानी बरतने से लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।



