होमEntertainmentअनूप जलोटा और जसलीन मथारू के बीच क्या है रिश्ता और क्यों...

अनूप जलोटा और जसलीन मथारू के बीच क्या है रिश्ता और क्यों मचा है बवाल

Published on

भजन गायक अनूप जलोटा और जसलीन मथारू के बीच का रिलेशनशिप इन दिनो सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल, प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा ने अपने से 37 साल छोटी उम्र के यानी मात्र 28 साल की जसलीन मथारू से रिलेशनशिप का खुलाशा करके सभी को स्तब्ध कर दिया है। यह खुलाशा बिग बॉस के 12वें सीजन में हुआ। स्वयं अनूप जलोटा ने अपने से 37 साल छोटी जसलीन मथारू से रिलेशनशिप की बात स्वीकार की है। तब से दोनों चर्चा में बने हुए हैं। कहते हैं कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती है। अनूप जलोटा और जसलीन ने इसे सच करके जमाने को दिखा दिया है।

क्या कहा शिल्पा शिंदे ने

बिग बॉस के 11वें सीजन की विजेता शिल्पा शिंदे भी शो में पहुंचीं और इन दोनों के बारे में अपनी राय भी रखी। उन्होंने कहा कि इस तरह की रिलेशनशिप का अनूप जलोटा इकलौते उदाहरण नहीं हैं। शिल्पा ने कहा कि अनूप जी अकेले ऐसे उदाहरण नहीं हैं जिनके बारे में अजीब सोचा जा रहा है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। जब दो चाहने वाले एक दूसरे के साथ अच्छा महसूस कर रहें हैं और साथ में रह कर एक दूसरे के और करीब आना चाहतें है, तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। कहा कि लोगों को प्रफेशनल होना चाहिए और पर्सनल लाइफ को अलग रखना चाहिए। लोग बंद दरवाजे के पीछे बहुत से काम करते हैं। भजन गायक होने के नाते अनूपजी को टारगेट करना कहीं से उचित नहीं है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

क्या अमेरिका पर भरोसा करने का दौर खत्म हो रहा है? भारत की नई चुनौती

दुनिया की राजनीति में अमेरिका की ताकत पर शायद ही कोई सवाल उठाता है,...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

More like this

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...