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Jacqueline Fernandez को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, 200 करोड़ वाले ED केस में जारी रहेगी कार्रवाई

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बॉलीवुड ऐक्ट्रेस Jacqueline Fernandez को बड़ा झटका दिया। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज Jacqueline Fernandez ED case को रद्द करने से इनकार कर दिया। यह मामला कथित Sukesh Chandrashekhar 200 crore scam से जुड़ा है, जिसमें ईडी ने ऐक्ट्रेस को आरोपी बनाया है।

Fernandez का कहना है कि उनका Sukesh Chandrashekhar से कोई संबंध नहीं है और उनके खिलाफ money laundering investigation खत्म किया जाना चाहिए। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि इस स्तर पर वह हस्तक्षेप नहीं करेगा।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने Fernandez की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह इस स्तर पर हाई कोर्ट के आदेश में दखल नहीं देगा।

इसका मतलब है कि Enforcement Directorate की जांच और कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। Fernandez का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कोर्ट से राहत की मांग की थी, लेकिन उनकी दलीलें नहीं मानी गईं।

हाई कोर्ट का पुराना फैसला

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने भी Fernandez की याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने तीन जुलाई के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें हाई कोर्ट ने कहा था कि ईडी की जांच को रद्द नहीं किया जा सकता।

Fernandez ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्हें गलत तरीके से केस में फंसाया जा रहा है। लेकिन हाई कोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट दोनों ने यह दलील खारिज कर दी।

ईडी की जांच और आरोप

Jacqueline Fernandez money laundering case में Enforcement Directorate का आरोप है कि उन्होंने Sukesh Chandrashekhar से महंगे तोहफे और लाभ लिए। ईडी का मानना है कि यह संपत्तियां धोखाधड़ी से अर्जित पैसों से खरीदी गई थीं।

Delhi Police ने Sukesh Chandrashekhar पर Ranbaxy के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। ईडी का कहना है कि इस धोखाधड़ी से जुड़े पैसों का इस्तेमाल कर ही Fernandez को तोहफे दिए गए।

Jacqueline Fernandez का बचाव

Fernandez ने लगातार कहा है कि उनका Sukesh Chandrashekhar के अपराधों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही हैं और कई बार ईडी के सामने पेश भी हो चुकी हैं।

Fernandez का कहना है कि महंगे तोहफों के आधार पर उन्हें आरोपी बनाना न्यायसंगत नहीं है। उनके अनुसार यह मामला उनकी छवि को खराब करने के अलावा कुछ नहीं है।

मुकुल रोहतगी की दलीलें

वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि Fernandez का इस अपराध में कोई प्रत्यक्ष रोल नहीं है। उन्होंने दलील दी कि केवल नाम जुड़े होने से किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता।

लेकिन कोर्ट ने यह मानने से इनकार कर दिया और कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।

Fernandez के करियर पर असर

इस केस ने Jacqueline Fernandez के करियर पर भी असर डाला है। बॉलीवुड की कई फिल्मों और ब्रांड्स ने उनके साथ जुड़ने से परहेज़ किया है।

हालाँकि वह फिल्मों में काम जारी रख रही हैं, लेकिन उनका नाम लगातार money laundering investigation से जुड़ा रहने के कारण उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब Fernandez को लंबे कानूनी संघर्ष का सामना करना पड़ेगा। ईडी की पूछताछ और जांच जारी रहेगी और आगे उन्हें और आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।

यह मामला न सिर्फ एक हाई-प्रोफाइल ED investigation है, बल्कि इसने यह सवाल भी खड़े किए हैं कि मशहूर हस्तियां कैसे वित्तीय घोटालों में फंस जाती हैं।

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