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FWICE ने ‘बॉर्डर 2’ से दिलजीत दोसांझ को निकालने की मांग की, पूर्व मैनेजर ने किया बचाव

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पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने करियर के सबसे बड़े विवादों में घिरे हुए हैं। उनका नाम फिल्म ‘सरदार जी 3’ के कारण सुर्खियों में है, जिसमें वह पाकिस्तान की अभिनेत्री हानिया आमिर के साथ काम कर रहे हैं। यह फिल्म 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रिलीज हो रही है, और पाकिस्तान में भी इसका प्रदर्शन होगा, जिससे भारत में गुस्सा पैदा हो गया है। इस विवाद ने दिलजीत दोसांझ के खिलाफ देशद्रोह के आरोपों को जन्म दिया है।

हाल ही में FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एंप्लॉयज) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसमें दिलजीत दोसांझ और ‘सरदार जी 3’ के निर्माताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी। इस मुद्दे के बाद अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि दिलजीत को ‘बॉर्डर 2’ से भी निकाला जा सकता है। इस विवाद ने फिल्म इंडस्ट्री में गहरी खलबली मचा दी है, जहां दिलजीत के समर्थक और विरोधी दोनों ही अपनी-अपनी बात रख रहे हैं।

‘सरदार जी 3’ विवाद और दिलजीत का संघर्ष

‘सरदार जी 3’ में हानिया आमिर के साथ काम करने को लेकर दिलजीत दोसांझ को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह फिल्म पाकिस्तानी अभिनेत्री के साथ काम करने के कारण भारत में नाराजगी का कारण बन रही है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण राजनीतिक संबंधों को देखते हुए, दिलजीत के इस कदम पर लोगों ने उन्हें आलोचना की है और आरोप लगाया है कि उन्होंने राष्ट्रीय भावना का उल्लंघन किया है।

दिलजीत ने हमेशा अपनी कला और भारतीय संस्कृति का गर्व से प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन इस बार उनका यह कदम विवादों में घिर गया है। FWICE ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है और अब फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के निर्माताओं से उन्हें फिल्म से हटाने की मांग की है। इसके अलावा, सेंसर बोर्ड से यह भी गुजारिश की गई है कि ‘सरदार जी 3’ को भारत में रिलीज करने से रोका जाए।

FWICE की मांग: दिलजीत को हटाया जाए ‘बॉर्डर 2’ से

FWICE ने एक पत्र में कहा है, “हम ‘बॉर्डर 2’ फिल्म के निर्माताओं से यह अनुरोध करते हैं कि वह दिलजीत दोसांझ को अपनी फिल्म से बाहर करें। फिल्म एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय भावना से जुड़ी हुई है, और एक ऐसे अभिनेता के साथ काम करना जो इस समय राजनीतिक संवेदनाओं को नजरअंदाज कर रहा है, यह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए खतरनाक हो सकता है।”

इस पत्र में FWICE ने जेडी फिल्म्स, टी-सीरीज और अनुराग सिंह से भी इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है, ताकि फिल्म का संदेश देश की भावना से मेल खाता हो और किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

सोनाली सिंह का दिलजीत दोसांझ का बचाव

इन सभी आरोपों और विवादों के बीच, दिलजीत दोसांझ की पूर्व मैनेजर सोनाली सिंह ने उनके बचाव में सामने आईं। सोनाली ने एक लंबा नोट लिखकर दिलजीत का समर्थन किया और कहा कि वह हमेशा भारत के प्रति अपने प्रेम और गर्व को प्रदर्शित करते रहे हैं। सोनाली ने कहा, “दिलजीत दोसांझ को हमेशा एक प्राउड सिख, पंजाबी, और भारतीय कलाकार के रूप में देखा गया है। उन्होंने हमेशा अपनी संस्कृति का सम्मान किया है और दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया है।”

सोनाली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिलजीत को ‘भारत के गांव का बेटा’ कहे जाने की बात को भी याद दिलाया, जिससे यह साबित होता है कि दिलजीत का भारतीय समाज के प्रति योगदान और सम्मान अत्यधिक है।

ग्लोबल मीडिया में दिलजीत का योगदान

सोनाली ने यह भी बताया कि दिलजीत को ग्लोबल मीडिया में कई बार सम्मानित किया गया है। उन्होंने कोचेला जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है, और वह जिमी फॉलन शो और मेट गाला जैसी प्रमुख जगहों पर अपनी पारंपरिक पहचान के साथ दिखाई दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा, “जब वह दुनिया में भारत का नाम रोशन करते हैं, तो हम उनका जश्न मनाते हैं, लेकिन जब वह किसी फिल्म में काम करते हैं, तो उन्हें आलोचनाओं का सामना क्यों करना पड़ता है?”

सोनाली ने यह भी कहा कि दिलजीत ने ‘सरदार जी 3’ के प्रोड्यूसरों के साथ खड़े होकर उन्हें समर्थन दिया, क्योंकि यह फिल्म कोई बड़े कॉरपोरेट हाउस द्वारा समर्थित नहीं थी, बल्कि यह उन छोटे निर्माता और उनके परिवारों की मेहनत थी जिनका सपना था कि फिल्म सफल हो।

दिलजीत की संघर्षों की कहानी

सोनाली सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि दिलजीत ने पहले भी कई निर्माताओं के साथ संघर्ष किया है, जिनकी फिल्में पाकिस्तानी कलाकारों के बिना बनाई गई थीं। इसके बावजूद, दिलजीत ने ‘सरदार जी 3’ जैसे छोटे प्रोडक्शन हाउस के साथ खड़ा होने का निर्णय लिया। सोनाली ने कहा, “दिलजीत का हमेशा से यह मानना रहा है कि वह मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि लोगों के लिए खड़े होते हैं। यह फिल्म उन परिवारों का सपना था जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई इसमें झोंक दी थी।”

दिलजीत पर लगे आरोपों का असर

‘बॉर्डर 2’ में दिलजीत के लिए यह विवाद और आरोप उनके लिए एक और मुश्किल बना सकते हैं। सोनाली सिंह ने यह भी कहा कि दिलजीत को बार-बार अपने प्यार और समर्पण को साबित करने की आवश्यकता क्यों पड़ती है, यह एक बड़ा सवाल है। वह यह मानती हैं कि किसी भी कलाकार को अपनी आत्मा, कला, और अपने देश के प्रति सम्मान से आगे बढ़ने का अधिकार होना चाहिए, और यह सिलसिला अब खत्म होना चाहिए।

दिलजीत दोसांझ का यह विवाद केवल एक कलाकार के करियर पर असर डालने वाला नहीं है, बल्कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। यह विवाद राजनीतिक संवेदनाओं और कलात्मक स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करता है। जहां कुछ लोग मानते हैं कि कलाकारों को अपनी कला के माध्यम से देश को जोड़ने का प्रयास करना चाहिए, वहीं कुछ का मानना है कि उन्हें राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करते हुए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

आखिरकार, यह घटना यह साबित करती है कि कैसे कला, राजनीति और देशभक्ति के बीच बारीक रेखा होती है, जिसे पार करते समय हर कलाकार को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। दिलजीत दोसांझ ने हमेशा अपने काम और कला से भारत का नाम रोशन किया है, और उनकी इस कठिन समय में भी रक्षा की जानी चाहिए।

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