बिहार में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है। राज्य में इस साल 32 नए निजी पॉलिटेक्निक संस्थान खोले गए हैं। इन संस्थानों में अलग-अलग ट्रेड में नामांकन क्षमता 7000 से अधिक बढ़ गई है। नए सत्र 2025-26 से इन संस्थानों में छात्र-छात्राओं का नामांकन शुरू हो जाएगा।
वर्तमान में बिहार में 46 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान हैं, जिनकी कुल नामांकन क्षमता 16,425 है। नए संस्थानों के खुलने के बाद निजी पॉलिटेक्निक की संख्या बढ़कर 73 हो गई है और इनमें करीब 19,000 सीटें उपलब्ध होंगी। यह विस्तार उन विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर साबित होगा जो तकनीकी शिक्षा में करियर बनाना चाहते हैं।
नए निजी संस्थानों में नामांकन उसी प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए होगा, जिसके आधार पर सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवेश मिलता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और समान रहे।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने इन संस्थानों में कोर्स चलाने की मंजूरी दे दी है। यहां छात्रों को सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, फायर टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग जैसे विषयों में दाखिला मिलेगा।
नए खुले 32 पॉलिटेक्निक संस्थानों में सबसे ज्यादा 12 पटना में हैं। इसके अलावा गया में 7, नालंदा और वैशाली में 2-2, पश्चिम चंपारण में 2, जबकि अररिया, सीवान, भागलपुर, मधेपुरा, भोजपुर, समस्तीपुर और लखीसराय में एक-एक नया पॉलिटेक्निक संस्थान खोला गया है। यह वितरण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में छात्रों को अवसर उपलब्ध कराएगा।
बिहार के 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में BCECE (PCM और PCMB ग्रुप) छात्रों के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग की तारीख बदल दी गई है। अब यह प्रक्रिया 29 और 30 अगस्त को होगी। संशोधित आवंटन सूची भी जारी कर दी गई है।
बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने डिप्लोमा-सर्टिफिकेट प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (DCECE-PE 2025 Lateral Entry) के तहत पॉलिटेक्निक (अभियांत्रिकी) पाठ्यक्रमों के लिए तीसरे राउंड की ऑनलाइन मॉप-अप काउंसलिंग का नया कार्यक्रम जारी कर दिया है। 14 अगस्त को जारी प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट को संशोधित करते हुए नया शेड्यूल बनाया गया है। उम्मीदवार 28 अगस्त से 2 सितंबर तक अपने अकाउंट से आवंटन लेटर डाउनलोड कर सकेंगे।
नए पॉलिटेक्निक संस्थानों के खुलने से छात्रों को तकनीकी शिक्षा के अधिक विकल्प मिलेंगे। अब तक सीमित सीटों की वजह से बहुत से छात्रों को दाखिले से वंचित रहना पड़ता था, लेकिन नई सीटों के जुड़ने से अधिक विद्यार्थियों को अवसर मिलेगा।
पटना और गया जैसे शहरी जिलों के अलावा ग्रामीण जिलों में भी पॉलिटेक्निक संस्थानों का विस्तार छात्रों के लिए खास फायदेमंद होगा। स्थानीय स्तर पर शिक्षा मिलने से विद्यार्थियों को दूसरे शहरों में जाने की मजबूरी कम होगी और रोजगार के अवसर भी राज्य के भीतर बढ़ेंगे।
बिहार में खुले 32 नए पॉलिटेक्निक संस्थान और 7000 अतिरिक्त सीटें राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देंगे। AICTE की मंजूरी और नए कोर्स से छात्रों को तकनीकी शिक्षा का बेहतर विकल्प मिलेगा। साथ ही, BCECE और DCECE प्रवेश प्रक्रियाओं के अपडेट्स से विद्यार्थियों के लिए नामांकन और आसान हो जाएगा। यह कदम न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा करेगा बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी अहम योगदान देगा।
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