होमEducation & JobsUP Anganwadi Bharti 2025: 69,000 पदों पर भर्ती, 12वीं पास महिलाओं के...

UP Anganwadi Bharti 2025: 69,000 पदों पर भर्ती, 12वीं पास महिलाओं के लिए सुनहरा मौका

Published on

उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। कुल 69,000 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिससे राज्य में आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत किया जा सकेगा। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 12वीं पास महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। आवेदन के लिए upanganwadibharti.in पोर्टल तैयार किया गया है, जहां सभी इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

69,000 पदों पर भर्ती

यूपी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 7,952 और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 61,254 रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य के सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियां बनाई गई हैं। इन समितियों को पदों के बारे में जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी, जिससे उम्मीदवारों के लिए आवेदन करना और अधिक सरल होगा।

पात्रता और आयु सीमा

इन पदों के लिए 12वीं पास महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। उम्मीदवार की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इससे अधिक आयु की महिलाएं इस भर्ती के लिए योग्य नहीं होंगी।

आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 50 प्रतिशत पद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से भरे जाएंगे। जिन सहायिकाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम पांच साल की सेवा पूरी की है, वे इन पदों के लिए पात्र होंगी। इसके लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित की गई है।

इसके अलावा, जो महिलाएं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करती हैं, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह, यदि ग्राम पंचायत स्तर पर उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होती हैं, तो न्याय पंचायत स्तर से चयन किया जाएगा।

रिक्त पदों का विवरण

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 7,952 पदों में से 2,123 पद पिछले वर्ष की भर्ती के दौरान रिक्त रह गए थे। ये पद त्रुटिपूर्ण दस्तावेज, आरक्षण के अनुरूप आवेदन न होने और कुछ चयनित उम्मीदवारों के कार्यभार ग्रहण न करने के कारण खाली हैं। शेष 5,523 पद नए आंगनबाड़ी केंद्रों के खुलने से बने हैं।

आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 61,254 पदों में से 38,994 पद कर्मचारियों की 62 वर्ष की आयु पूरी होने और निधन के कारण रिक्त हुए हैं। इसके अलावा 22,260 पद मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में अपग्रेड किए जाने से बने हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को हर महीने ₹7,500 और आंगनबाड़ी सहायिकाओं को ₹3,750 मानदेय मिलता है। यह मानदेय सरकार द्वारा तय किया गया है और रोजगार के इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए एक स्थिर आय का स्रोत बनेगा।

भर्ती प्रक्रिया और चयन

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया में इस बार कोई बैकलॉग नहीं रहेगा। पिछले कुछ वर्षों में कई पदों पर चयन के बावजूद बैकलॉग के कारण वे पद नहीं भरे जा सके थे, लेकिन इस बार सरकार ने इसे सुलझा लिया है।

इस बार चयन प्रक्रिया में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन यदि किसी कारणवश सहायिकाएं उपलब्ध नहीं होती हैं, तो इन पदों को सीधे भर्ती से भरा जाएगा।

भर्ती में वरीयता

सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया में विशेष रूप से गरीब परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता दी है। विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाओं को भी भर्ती में वरीयता दी जाएगी। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

आवेदन कैसे करें

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को upanganwadibharti.in पोर्टल पर जाना होगा। यहां पर सभी जिला स्तर पर रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध होगी। इच्छुक महिलाएं अपनी सभी आवश्यक जानकारी, दस्तावेज और प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों की महिलाएं भी आसानी से आवेदन कर सकेंगी।

यूपी सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए 69,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ना केवल महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि आंगनबाड़ी सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। इस भर्ती के माध्यम से, राज्य सरकार ने महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं, जो समाज में उनके सशक्तिकरण को सुनिश्चित करेगा।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए यह भर्ती एक अवसर है, जिसमें महिलाएं अपनी सेवाएं देकर समाज की भलाई में योगदान कर सकती हैं। यूपी में यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश भर में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है और महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद की किरण पैदा कर सकती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

ब्रह्मपुत्र पर चीन की चाल? महाडैम के नीचे क्या छिपा है

ब्रह्मपुत्र नदी के रास्ते में क्या कोई ऐसा खतरा तैयार हो रहा है, जिसका...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

More like this

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

मीनापुर की क्रांति गाथा: इतिहास के हाशिये से उठती एक पूरी पीढ़ी की आवाज

मीनापुर की क्रांति गाथा पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा लेखक : कौशलेन्द्र झा KKN पुस्तक समीक्षा। इतिहास...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...