बिहार बोर्ड इंटर और मैट्रिक परीक्षा 2026 को लेकर इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए केवल आधे घंटे का समय दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। तय समय के बाद किसी भी स्थिति में एंट्री नहीं दी जाएगी।
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने यह फैसला परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए लिया है। बोर्ड ने साफ किया है कि सभी जिलों में नियमों का एक समान पालन कराया जाएगा। परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
2 फरवरी से शुरू होगी इंटर परीक्षा, तैयारियों की समीक्षा
इंटरमीडिएट परीक्षा 2 फरवरी से राज्यभर में शुरू होगी। इसे लेकर मंगलवार को अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक, पुलिस और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
समीक्षा के दौरान परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
Monitoring अधिकारियों के लिए भी मोबाइल फोन प्रतिबंधित
इस बार परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए जाने वाले अधिकारियों के पास भी मोबाइल फोन नहीं रहेगा। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि केंद्र पर जाने से पहले सभी अधिकारी अपने मोबाइल फोन वाहन में ही छोड़ेंगे।
इस फैसले का उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अनधिकृत सूचना के आदान-प्रदान को रोकना है। अधिकारियों ने कहा कि इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी।
जिले में बढ़े परीक्षा केंद्र, 81 केंद्रों पर होगी इंटर परीक्षा
इस वर्ष जिले में इंटर परीक्षा के लिए 81 केंद्र बनाए गए हैं। पिछले वर्ष यह संख्या 74 थी। केंद्रों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य परीक्षार्थियों की संख्या को संतुलित करना और भीड़ को कम करना है।
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परीक्षार्थियों तक नए नियमों की जानकारी समय रहते पहुंचाई जाए। किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए केंद्रों पर सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी।
8 बजे तक केंद्र पहुंचना अनिवार्य
परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि प्रवेश समय की जानकारी केंद्र के बाहर बड़े अक्षरों में लिखवाएं।
सुबह की पाली में 8:30 बजे से प्रवेश शुरू होगा और 9 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। दूसरी पाली में 1 बजे से प्रवेश शुरू होगा और 1:30 बजे गेट बंद कर दिया जाएगा। इंटर परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक चलेगी।
देर से पहुंचने और जबरन प्रवेश पर सख्त कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी हालत में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई परीक्षार्थी जबरन प्रवेश का प्रयास करता है या चारदीवारी फांदने की कोशिश करता है, तो उसे आपराधिक कृत्य माना जाएगा।
ऐसे मामलों में तत्काल पुलिस कार्रवाई की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को हर हाल में सुबह 8 बजे तक केंद्र पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
Answer Sheet Evaluation की तारीख तय
बिहार बोर्ड ने इंटर और मैट्रिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की तारीख भी तय कर दी है। इंटर की कॉपियों की जांच 27 फरवरी से शुरू होगी। वहीं मैट्रिक की कॉपियों का मूल्यांकन 2 मार्च से किया जाएगा।
जिले में इंटर परीक्षा के लिए पांच मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों की जांच छह केंद्रों पर होगी।
मूल्यांकन से पहले Training Workshop
जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविन्द सिन्हा ने बताया कि बिहार बोर्ड ने परीक्षकों की औपबंधिक सूची जारी कर दी है। केंद्र निदेशक, सुपरवाइजर और कंप्यूटर शिक्षकों के लिए 29 जनवरी को कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
इस कार्यशाला में बिहार बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहेंगे। वे मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी देंगे। सभी संबंधित कर्मियों को पटना में आयोजित इस Training Workshop में शामिल होना अनिवार्य होगा।
इंटर और मैट्रिक के मूल्यांकन केंद्र तय
इंटर परीक्षा की कॉपियों की जांच चैपमैन बालिका प्लस टू स्कूल, जिला स्कूल, डीएन हाईस्कूल, मारवाड़ी हाईस्कूल और मुखर्जी सेमिनरी स्कूल में की जाएगी।
मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों की जांच बीबी कॉलेजिएट स्कूल, विद्या बिहार हाईस्कूल, तिरहुत एकेडमी स्कूल, प्रभात तारा बालिका हाईस्कूल, आबेदा हाईस्कूल और राधा देवी बालिका हाईस्कूल में होगी।
चारदीवारी को लेकर 24 घंटे में रिपोर्ट तलब
अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी केंद्राधीक्षकों से चारदीवारी की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर जमा करनी होगी।
रिपोर्ट में यह बताना होगा कि चारदीवारी पूरी तरह सुरक्षित है या किसी तरह की मरम्मत की आवश्यकता है।
दो केंद्रों पर सामने आई समस्या
जिले के दो परीक्षा केंद्रों पर चारदीवारी से जुड़ी समस्या सामने आई है। एक स्कूल के पीछे तालाब स्थित है, जबकि दूसरे स्कूल की चारदीवारी क्षतिग्रस्त है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि क्षतिग्रस्त चारदीवारी की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।
Bihar Board का Zero Tolerance संदेश
बिहार बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों और अधिकारियों दोनों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
बोर्ड का उद्देश्य निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण परीक्षा कराना है। तय समय पर केंद्र पहुंचना और नियमों का पालन करना ही छात्रों के हित में होगा।



