मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के लिए कन्या उत्थान योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब योजना का लाभ पाने के लिए छात्राओं को दोबारा आवेदन करना होगा और इस बार उनके मोबाइल नंबर का दर्ज होना अनिवार्य कर दिया गया है। निदेशालय स्तर से आवेदन फॉर्मेट में हुए बदलाव के कारण छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है।
आवेदन प्रक्रिया में बदलाव
पहले छात्राएं बिना मोबाइल नंबर दिए आवेदन कर सकती थीं, लेकिन अब यह संभव नहीं होगा। नए आदेश के अनुसार छात्राओं को रजिस्ट्रेशन स्लिप, स्नातक पार्ट-थर्ड का अंकपत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के साथ मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है।
यह नियम उन छात्राओं पर भी लागू होगा जिन्होंने पहले ही आवेदन कर रखा था। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर जोड़ने के बाद ही छात्राओं को योजना का लाभ मिल पाएगा।
विश्वविद्यालय में लगी भीड़
आवेदन प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी सामने आने के बाद शुक्रवार को विश्वविद्यालय में सैकड़ों छात्राएं जानकारी लेने पहुंचीं। पहले से दस्तावेज जमा कर चुकी छात्राओं को भी बताया गया कि उन्हें फिर से दस्तावेज जमा करने होंगे।
निदेशालय स्तर से नया आदेश जारी किया गया है और विश्वविद्यालय को इसे लागू करना है। ऐसे में छात्राओं और उनके अभिभावकों को एक बार फिर पूरे दस्तावेज तैयार करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
छात्राओं की परेशानियां
सीतामढ़ी से आई छात्रा जुबैदा ने बताया कि आवेदन करने के बावजूद उनके पिता का नाम रिकॉर्ड में मिसमैच दिखा रहा है। दस्तावेज लेकर जब वह विश्वविद्यालय पहुंचीं तो पता चला कि मोबाइल नंबर अपडेट करने के साथ उन्हें दोबारा आवेदन करना होगा।
कई छात्राओं ने शिकायत की कि पहले की प्रक्रिया में स्पेलिंग मिस्टेक और माता-पिता के नाम में अशुद्धियां दिख रही थीं। अब दोबारा आवेदन करने से उन गलतियों को सुधारने का मौका मिलेगा, लेकिन दस्तावेज जमा करने की परेशानी बढ़ गई है।
एक लाख छात्राओं को करना होगा पुनः आवेदन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि लगभग एक लाख छात्राओं को नए सिरे से आवेदन करना होगा। इसमें सत्र 2018-21, 2019-22, 2020-23 और 2021-24 की छात्राएं शामिल होंगी।
विशेषकर 2018-21 और 2019-22 सत्र की कई छात्राओं के आवेदन में त्रुटियां पाई गई थीं। कहीं माता-पिता के नाम में गलतियां थीं तो कहीं स्पेलिंग मिस्टेक। नए आवेदन के जरिए इन गलतियों को सुधारा जाएगा।
मोबाइल नंबर क्यों है जरूरी
निदेशालय का मानना है कि आवेदन में मोबाइल नंबर जोड़ने से पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। छात्राएं इसी नंबर से लॉगिन कर सकेंगी और योजना से संबंधित सभी अपडेट्स सीधे उन तक पहुंचेंगे।
इससे आवेदन में त्रुटियों को कम किया जा सकेगा और लाभ का वितरण समय पर हो सकेगा। हालांकि, फिलहाल छात्राओं को दोबारा दस्तावेज जमा करने की दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
कन्या उत्थान योजना में हुए बदलाव ने मुजफ्फरपुर की स्नातक छात्राओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह कदम आगे चलकर उन्हें ही लाभ पहुंचाएगा।
चार सत्रों की करीब एक लाख छात्राओं को अब अपने दस्तावेज और मोबाइल नंबर के साथ दोबारा आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया भले ही समय लेने वाली हो, लेकिन इससे रिकॉर्ड साफ होंगे और योजना के लाभार्थियों को समय पर मदद मिल सकेगी।
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